UPCM ने शास्त्री भवन में कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने कहा कि कर और करेत्तर राजस्व की लक्ष्यानुरूप प्राप्तियों के लिए सभी आवश्यक प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, कर चोरी को प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से रोककर, कर और करेत्तर राजस्व प्राप्तियों को बढ़ाया जाए।
UPCM ने शास्त्री भवन में कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने GST एवं वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं निबन्धन, परिवहन, भू-राजस्व, ऊर्जा आदि विभागों के कर राजस्व विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को कर राजस्व बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूतत्व एवं खनिकर्म, सिंचाई, वानिकी तथा वन्यप्राणी, लोक निर्माण (सड़क और सेतु), लोक निर्माण (आवास), लोक निर्माण कार्य आदि विभागों के करेत्तर राजस्व की भी गहन समीक्षा की तथा राजस्व बढ़ाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।

UPCM को अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश के कर राजस्व को सर्वाधिक अंश GST एवं वैट के माध्यम से प्राप्त होता है। वर्ष 2017-18 में इसके अंतर्गत 58 हजार 726 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई थी। वर्ष 2018-19 में इसके तहत 04 हजार 530 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई है। प्रदेश में 06 लाख नये डीलर्स पंजीकृत किए गए हैं। इससे कुल पंजीकृत डीलर्स की संख्या लगभग 13 लाख 50 हजार हो गई है। GST रिटर्न दाखिल करने में उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त है। UPCM ने ई-वे बिल की प्रक्रिया में सुधार लाने के निर्देश दिए, जिससे व्यापारियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
UPCM ने आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने हेतु समुचित प्रयास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवशेष दुकानों का व्यवस्थापन ई-टेण्डर प्रणाली के माध्यम से शीघ्रता से कर लिया जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि दुकानों के व्यवस्थापन धर्मस्थल, शैक्षणिक स्थल, चिकित्सालय आदि के पास कदापि न हों। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्ष 2017-18 में आबकारी विभाग को 17 हजार 318 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई थी। माह अप्रैल, 2018 में विभाग को 02 हजार 370 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई है।

स्टाम्प एवं निबन्धन विभाग की समीक्षा करते हुए प्राधिकरणों एवं बिल्डर्स द्वारा निर्मित भवनों/फ्लैट्स की रजिस्ट्री को प्रोत्साहित करने और आर.सी. की तत्परता से वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। भूतत्व एवं खनिकर्म की समीक्षा के दौरान UPCM ने कहा कि बरसात के समय पर बालू एवं मोरंग की आपूर्ति बनाए रखने तथा मूल्य नियंत्रित रखने के लिए इसके स्टोरेज हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने मण्डी परिषद की रिक्त दुकानों के आवंटन तथा विद्युत आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए बरसात से पूर्व कोयले के आवश्यकतानुसार स्टाॅक के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव देवेन्द्र चैधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त आर.पी. सिंह, प्रमुख सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








