UPCM ने प्रदेश के 13 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में प्रदेश के 13 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। ज्ञातव्य है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रथम चरण में जनपद फैजाबाद, बस्ती, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, बहराइच के 5 जिला चिकित्सालयों और द्वितीय चरण में जनपद एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाज़ीपुर, मिर्जापुर के 8 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

UPCM प्रदेश के 13 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए
UPCM प्रदेश के 13 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए

UPCM ने इस अवसर पर प्रथम चरण के 5 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज बनाये जाने की प्रक्रिया में तेजी लाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। सभी कार्य एक साथ प्रारम्भ करने के बजाए मेडिकल काॅलेज प्रारम्भ करने की वर्षवार आवश्यकता के दृष्टिगत चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे निर्धारित समय तक जरूरी कार्य पूरा कर मेडिकल काॅलेज शुरू किया जा सके।

UPCM ने कहा कि कार्य की प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट फोटोग्राफ्स सहित प्राप्त की जाए। कार्यदायी संस्था और प्रमुख सचिव द्वारा कार्य के प्रगति की साप्ताहिक और विभागीय मंत्री द्वारा पाक्षिक समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रमुख सचिव और मंत्री कार्य की भौतिक प्रगति का स्थलीय निरीक्षण भी करें, जिससे आमजन को समय पर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

UPCM द्वारा उच्चीकृत हो रहे पांचों जिला चिकित्सालयों की प्रगति की बारी-बारी विस्तृत समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि परियोजना का समयबद्ध पूर्ण होना महत्वपूर्ण है। शिथिलता के कारण होने वाली देरी से परियोजना की लागत बढ़ती है, जिससे राजकीय धन का अपव्यय होता है।

UPCM द्वारा दूसरे चरण में 8 जिला चिकित्सालयों का उच्चीकरण कर मेडिकल काॅलेज बनाने की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक के दौरान UPCM ने गोरखपुर में बन रहे एम्स के कार्य की प्रगति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की और कार्य में तेजी लाये जाने के लिए आवश्यक निर्देश दिये।

UPCM ने बैठक के दौरान उपस्थित प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को इन्सेफेलाइटिस एवं वेक्टरजनित रोगों से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर लेने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान UPCM द्वारा ‘दस्तक’ कार्यक्रम के संचालन हेतु चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों के प्रशिक्षण आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर, पूरी तैयारी करने के निर्देश दिये गये।

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, प्रमुख सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी, प्रमुख सचिव CM एस.पी. गोयल, उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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