जवाहरपुर परियोजना के निर्माण में तेजी लाने हेतु एम0 देवराज ने किया निरीक्षण, अधिकारियों के कसे पेंच

यूपीपीसीएल एवं उत्पादन निगम के अध्यक्ष एम0 देवराज ने निर्माणाधीन परियोजना स्थल पर पहुंचकर परियोजना अधिकारियों एवं निर्माण में लगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ लंबी समीक्षा की। परियोजना में विद्युत उत्पादन शुरू होने में हो रहे विलंब पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आगे सारे कार्य निश्चित समय सीमा में हों, विलंब बिलकुल भी बर्दास्त नही किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं अधिकारियों के साथ भी उन्होंने बैठक करके अनेक समस्याओं का समाधान कराया।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के साथ हुई बैठक में कार्य करने वाले कार्मिकों को समस्यायो का सामना न करना पड़े इसे सुनिश्चित करने के लिए कालोनी हेतु बेहतर जमीन उपलब्ध कराने की चर्चा की। आयुक्त महोदय से भी फोन पर बात की। पावर हाऊस को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली रोड को बेहतर बनाने, बड़ी संख्या मे कार्मिको एवं इंजीनियरो की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी का प्रबन्ध, सीसीटीवी की समुचित व्यवस्था की भी विस्तार से चर्चा की।

माननीय मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री की मंशाअनुरूप उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एम0 देवराज प्रदेश में विद्युत उपलब्धता बढ़ाने हेतु निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाएं शीघ्र उत्पादन शुरू करें इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी प्रयास में उन्होंने विगत 01 जून को प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की निर्माणाधीन ओबरा परियोजना स्थल का दौरा किया था आज वे जवाहरपुर परियोजना पहॅुचे। यहॉ उन्होंने पाया है कि जवाहरपुर तापीय परियोजना की निर्माणाधीन इकाइयां निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं। लगातार मॉनिटरिंग के बाद भी स्थलीय निरीक्षण में कार्य की प्रगति से वे पूरी तरह असंतुष्ट दिखे।

पिछले लगभग डेढ़ महीने से अध्यक्ष वीडियों का्रंफेन्सिंग के माध्मय से जवाहरपुर परियोजना के अधिकारियों से बैठक कर 660 मे0वा0 की प्रथम ईकाई के उत्पादन प्रारम्भ करने में हो रही देरी को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत है। अन्ततः अपेक्षित सुधार एवं प्रगति न होते देखकर अध्यक्ष ने पुनः जवाहरपुर आकर निर्णय करने का हल सोचा। 11 अप्रैल को वे इस परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर चुके है।

अध्यक्ष ने जवाहरपुर सुपर थर्मल पावर परियोजना का दो महीने के अन्दर दूसरी बार निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजना के स्थलीय निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की एक इकाई (660 मे0वा0) शीघ्र उत्पादन शुरू करे इसके लिए युद्ध स्तर पर सभी कार्य पूरे किये जाये।

अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहॉ की गर्मियों में विद्युत की मॉग बढ़ेगी अभी से प्रदेश में लगभग 26000 मे0वा0 विद्युत की मॉग पहुॅच रही है। बढ़ी हुयी मॉग के अनुरूप प्रदेश में विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित हो और सभी क्षेत्रों को निश्चित शिड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति हो इसके लिए जरूरी है कि निर्धारित तिथियो पर परियोजना पूरी हो और विद्युत उत्पादन शुरू हो।

ज्ञातव्य है कि जवाहरपुर विद्युत उत्पादन निगम लि0 जो कि यू0पी0 राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि0 की 100 प्रतिशत सहायक कम्पनी है इस परियोजना का निर्माण कर रही है। इस पर लगभग 10500 करोड़ रूपया व्यय का अनुमान है। इसकी 1320 मे0वा0 (2ग्660) की उत्पादन क्षमता है। इसे अप्रैल, 2023 तक सिन्क्रोनाइज होना था, लेकिन इसमें विलम्ब हो रहा है। 660 मे0वा0 की दूसरी इकाई भी पहली यूनिट शुरू होने के बाद 06 महीने के बाद उत्पादन प्रारम्भ करेगी ऐसी सम्भावना है।

अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना के निर्माण में तेजी लाये। यदि कोई समस्या आये तो आप मुझे बताये और कार्य युद्ध स्तर पर करके निश्चित समय पर पूरा करे।

अध्यक्ष ने उत्पादन निगम के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि प्रतिदिन मानिटरिंग करके परियोजना के कार्यों को पूर्ण करे। उन्होंने परियोजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुये कार्यों में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्य में तेजी लाये जाने के आर्थिक पैकेज रिलीज करने के भी निर्देश दिये।

परियोजना स्थल पर कोयला आपूर्ति रेलवे के माध्यम से शुरू हो इसके लिए भी सम्बन्धित कम्पनियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह कार्य भी युद्ध स्तर किया जाये जिसमें कोयला आपूर्ति कम खर्चे में सम्भव हो सके।

अध्यक्ष इसी चालू माह के जून 2023 को ओबरा गये थे। वहॉ 660 की एक यूनिट का उत्पादन शुरू हो इसके लिये लम्बी कोशिश के बाद 30 जून को उत्पादन तिथि निश्चित कराने में सफल हुये हैं।

बैठक में डीएम अंकित अग्रवाल तथा एसएसपी उदय शंकर सिंह सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

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