उप मुख्यमंत्री ने कहा कम लागत में गुणवत्तापूर्ण सड़के बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य
लखनऊ (15 जून, 2019)। उप मुख्यमंत्री ने आज विशेश्वरैया हाल में मार्गो के नवीन तकनीक से परिकल्पना एवं निर्माण कार्यशाला को सम्बोधित किया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के अभियन्ताओं का आह्वान किया है कि वह कम लागत में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए नवीन तकनीकी का भरपूर इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीकी से सड़कों के निर्माण में हमें उत्तर प्रदेश को देश में अग्रिम पक्ति में रखना है और इसके लिए सभी अधिकारी प्राणप्रण से पूरी क्षमता व ऊर्जा के साथ कार्य करें। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सड़कों के निर्माण में उल्लेखनीय कार्यों के लिए जहां लो.नि.वि. के अधिकारियों की सराहना की वहीं उनमें पूरी क्षमता के साथ करने के लिए एक नई ऊर्जा का संचार किया।
उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर PWD के मुख्य अभियन्ता वी.के. सिंह द्वारा नवीन तकनीकी के बारे में बहुत सहज व सरल भाषा में तैयार की गयी पुस्तिका का विमोचन भी किया और उल्लेखनीय व उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न स्तर के अभियन्ताओं को प्रशस्ति पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सभी अधिकारी व कर्मचारी इसी प्रकार पूरी लगन, निष्ठा, परिश्रम व पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण जनता को अच्छी सड़के देकर प्रदेश का विकास करना है। पहुंच मार्ग बन जाने से ग्रामीण अपने उत्पादों को बाजार तक आसानी से ले जा सकेगें। उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिक से अधिक गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का कार्य किया है, जिसके लिए अभियन्ता व कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण व संवर्धन करते हुए नवीन तकनीकी अपना कर 942 करोड़ रुपये की बचत की गयी है यह कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अभी और लम्बा रास्ता तय करना है और अच्छे से अच्छा कार्य करना है। उ0प्र0 आगे बढ़ेगा तभी भारत आगे बढ़ेगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नवीन तकनीकी अपना कर 30 लाख घनमीटर पत्थर की बचत की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन और उनके विजन के अनुरूप पर्यावरण की सुरक्षा करते हुए हमें कार्य करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा सड़कों के निर्माण में जहां पेड़ काटे जाते हैं, उनके बदले में वृक्षारोपण अनिवार्य रूप से किया जाय और रोपे गये पौधों की देखरेख बहुत अच्छे ढंग से करायी जाए।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गत वर्ष कुछ हरबल रोडों का निर्माण किया गया था अधिकारी जब जिलों में दौरों पर जाए तो इन्हें जरूर देखे। उन्होंने कहा कि विकास के लिए सड़को के निर्माण के साथ-साथ वृक्षारोपण व जल संचयन किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने अभियन्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए जहां सड़के न हो उनके गांव तक सड़क बनवाये। कुछ प्रतिभाशाली बच्चों के गांव तक गौरवपथ बनाये भी गये हैं। उन्होंने बताया कि लो.नि.वि. द्वारा एक डायरेक्ट्री तैयार की गयी है, जिसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि कौन सी सड़क किस विभाग द्वारा बनायी गयी है। उन्होंने कहा पुराने अनुभवी अभियन्ताओं व नवीन तकनीकी से जुड़े नये अभियन्ताओं के बीच आपसी समन्वय व तारतम्य होगा तो कार्य और भी उच्च स्तर के गुणवत्तापूर्ण होगे। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से नयी जानकारी हासिल कर, अभियन्ता उसे धरातल पर उतारेंगे।
कार्यशाला को राज्यमंत्री पंचायतीराज (स्वतंत्र प्रभार) व लो.नि.वि. भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से सड़कों के निर्माण की दिशा में और अधिक प्रगति लाई जा सकेगी। प्रमुख सचिव लो.नि.वि. नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के निर्देशन में नवीन तकनीकी अपना कर कम कास्ट में बेहतर क्वालिटी की सड़के बनाई गयी है और लो.नि.वि. द्वारा सार्थक व सकारात्मक कोशिश कर जनता के हित में अच्छे कार्य किये गये है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कई चरणों में होना है। प्रमुख अभियन्ता व विभागाध्यक्ष वी.के. सिंह ने सभी अतिथियों व अभ्यागतों का स्वागत किया साथ ही सभी के प्रति आभार भी प्रकट किया और विभाग में उच्च स्तर का काम कराने का भरोसा भी दिलाया।
इस अवसर पर विधायक प्रेम सागर पटेल, सचिव लो.नि.वि. रंजन कुमार कार्यक्रम के मुख्य संयोजक व मुख्य अभियन्ता पी.के. कटियार, सत्य प्रकाश सक्सेना, विश्व दीपक, एस.के. श्रीवास्तव, अनुराग चतुर्वेदी, सलिल यादव, जितेन्द्र वर्मा सहित प्रदेश भर से आये लो.नि.वि. के उच्चस्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।