The construction of the Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya Bole Setu will reduce the distance of people's destination.
लखनऊ (16 जुलाई, 2019)।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के अंदर जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं यातायात को और अधिक सुगम बनाने, जाम की समस्या से निजात दिलाने और लोगों को अपने गंतव्य स्थल तक आसानी से पहुंचने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश के अंदर बड़ी संख्या मे सेतुओं का निर्माण भी कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने की दिशा में सरकार द्वारा विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न नदियों के उपर व रेलवे क्रासिंगो पर सेतुओ का निर्माण भी किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश मे इस वर्ष 60 जिलों में कुल 201 पुल निर्माणाधीन है। जिसमें 124 नदी सेतु ,7 मार्ग उपरिगामी सेतु व 70 रेल उपरिगामी सेतु निर्माणाधीन हैं। इन निर्माणाधीन सेतुओं की स्वीकृत लागत रू-8337 करोड़ 97 लाख है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम का अंश 6666 करोड़ 56 लाख रूपये है। राजधानी लखनऊ में 2 नदी सेतु, 4 मार्ग उपरिगामी सेतु से और 5 रेल उपरिगामी सेतु निर्माणाधीन हैं। वाराणसी में 2 नदी सेतु 01 मार्ग उपरिगामी सेतु और पांच रेल उपरिगामी सेतु निर्माणाधीन हैं। बरेली में 6 नदी सेतु 2 मार्ग उपरिगामी सेतु व 2 रेल उपरिगामी निर्माणाधीन हैं। बरेली के सेतुओ हेतु स्वीकृत लागत 336 करोड़ 96 लाख रूपये, वाराणसी के सेतुओ हेतु स्वीकृत लागत रू 475 करोड़ 94 लाख और लखनऊ के सेतुओं हेतु स्वीकृत लागत 795 करोड़ 84 लाख रूपये है।
गौरतलब है कि गुणवत्तायुक्त व तीव्र गति से सेतुओं के निर्माण करने के उद्देश्य से 1973 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य सेतु निगम की स्थापना की गई थी, राज्य सेतु निगम ने अपने क्रियाकलापों को देश व प्रदेश में ही सीमित न रखकर नेपाल, इराक यमन आदि तक बढ़ाया है।