सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को मार्च 2021 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य

लखनऊ।
सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना (निर्माणाधीन) वर्ष 1978 में उत्तर प्रदेश के ट्रांस घाघरा क्षेत्र के जनपद बहराइच एवं गोण्डा में किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लेफ्ट बैंक घाघरा कैनाल के नाम से परियोजना प्रारम्भ की गई थी। वर्ष 1982-83 में इसका विस्तार ट्रांस घाघरा राप्ती रोहिणी क्षेत्र में स्थित 09 जनपदों-बहराइच, गोण्डा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बस्ती, संत कबीरनगर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज व गोरखपुर को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। इस परियोजना को भारत सरकार द्वारा सरयू नहर परियोजना को वर्ष 2012 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया।
इन 09 जनपदों के काश्तकारों को 14.04 लाख हे0 में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु सरयू मुख्य नहर, राप्ती मुख्य नहर एवं गोलापम्प कैनाल, डुमरियागंज पम्प कैनाल, अयोध्या पम्प कैनाल एवं उतरौला पम्प कैनाल के कुल 6590 किमी0 लम्बाई में वितरण प्रणालियों को जाल बिछाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। यह परियोजना निर्माण के अन्तिम चरण में है, जिसे मार्च 2021 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य है। अगले वित्तीय वर्ष में परियोजना का लाभ किसानों को मिलने लगेगा।








