सुशील प्रताप सिंह बने LDA के नए सचिव, पहले भी संभाल चुके हैं संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ा फेरबदल करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के सचिव पद पर पीसीएस अधिकारी सुशील प्रताप सिंह की तैनाती की है। शासन की ओर से देर रात जारी छह पीसीएस अधिकारियों की तबादला सूची में सुशील प्रताप सिंह को कुलसचिव, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय एवं अपर निदेशक, संस्कृति निदेशालय के पद से हटाकर लखनऊ विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है।
सुशील प्रताप सिंह के लिए LDA नया संस्थान नहीं है। वह इससे पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें अर्जन, प्रवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भी जोड़ा गया था। LDA में अधिकारियों के कार्यविभाजन से संबंधित एक आदेश में उन्हें अर्जन, प्रभारी प्रवर्तन सेल तथा सतर्कता अधिकारी की जिम्मेदारी दिए जाने का उल्लेख मिलता है।
LDA में संयुक्त सचिव के तौर पर उनकी भूमिका खास तौर पर भूमि, विकास योजनाओं, प्रवर्तन और किसानों से जुड़े मामलों में रही। विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि संबंधी मामलों में किसानों के साथ बैठकों में भी उनकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, औद्योगिकनगर योजना से जुड़े किसानों के साथ बैठक में उन्होंने गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, बाउंड्रीवॉल नहीं बनाए जाने और विकास सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था।
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की भी संभाली जिम्मेदारी
सुशील प्रताप सिंह को मई 2026 में किए गए बड़े PCS फेरबदल के दौरान कुलसचिव, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय और संयुक्त सचिव LDA की जिम्मेदारी दी गई थी।
अगस्त 2026 में उन्हें LDA के संयुक्त सचिव पद से कार्यमुक्त किया गया था, जबकि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलसचिव और संस्कृति निदेशालय के अपर निदेशक का प्रभार उनके पास बना रहा।
अब एक बार फिर शासन ने उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें LDA की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उनके सामने प्राधिकरण की विकास योजनाओं, भूमि प्रबंधन, अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण से जुड़े मामलों, आवासीय योजनाओं और जनशिकायतों के निस्तारण जैसे कई अहम विषय होंगे।
विवेक श्रीवास्तव की जगह मिली नई जिम्मेदारी
LDA सचिव पद पर इससे पहले आईएएस अधिकारी विवेक श्रीवास्तव तैनात थे। 24 अगस्त 2026 को शासन ने 17 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे, जिसमें विवेक श्रीवास्तव को सचिव, LDA से विशेष सचिव, पशुधन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया था।
इस तरह अगस्त में विवेक श्रीवास्तव के स्थानांतरण के बाद LDA सचिव का पद रिक्त हुआ और अब 10 सितंबर की PCS तबादला सूची में सुशील प्रताप सिंह को इस पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
LDA के सामने कई अहम चुनौतियां
लखनऊ में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच LDA के सामने जमीन अधिग्रहण, लैंड पूलिंग, आवासीय एवं नई विकास योजनाओं, अवैध निर्माण पर कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने, संपत्तियों से जुड़े विवाद और नागरिक शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं।
ऐसे में LDA की कार्यप्रणाली से पहले से परिचित सुशील प्रताप सिंह की नई तैनाती को प्रशासनिक अनुभव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि वह पहले इसी प्राधिकरण में संयुक्त सचिव के रूप में काम कर चुके हैं, इसलिए उन्हें LDA की कार्यप्रणाली, विभिन्न अनुभागों और प्रमुख विकास योजनाओं की पहले से जानकारी है।
शासन की ताजा सूची में सुशील प्रताप सिंह के अलावा अतुल कुमार को LDA के संयुक्त सचिव पद से हटाकर कुलसचिव, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय एवं अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय बनाया गया है। इसके साथ ही राजेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, प्रमोद झा और योगेश्वर सिंह की भी नई तैनाती की गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि LDA के सचिव के रूप में सुशील प्रताप सिंह प्राधिकरण की लंबित योजनाओं, भूमि एवं प्रवर्तन संबंधी मामलों और जनशिकायतों के निस्तारण को किस तरह गति देते हैं।








