आयुष विभाग को आगे बढ़ाने के लिए गम्भीर विचार मंथन-डॉ0 दयाशकर मिश्र ‘‘दयालु’’
राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तत्वाधान में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक का आयोजन

उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एमओएस) ने राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, टुड़ियागंज, लखनऊ के सभागार में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तत्वाधान के अंतर्गत अंतरराज्यीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयुष को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं सभी राज्यों के बीच नीतिगत समन्वय, अनुभव विनियम और संयुक्त निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

डॉ0 दयालु ने कहा कि उत्तर प्रदेश आयुष के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आयुष चिकित्सालयों को उन्नयन कर एवं औषधियों की उपलब्धता बढाकर जनता को आयुष चिकित्सा का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी 50 बिस्तर वाले आयुष अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।

आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि बजट बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष को आगे बढ़ाने में यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है। आयुष सुविधाओं में गुणवत्तापूर्ण सेवायें, अधोसंरचना, आईपीएचएस, आयुष मानक एवं स्वास्थ्य सेवा विवरण विषय पर विस्तार से चर्चा की गया। उन्होंने प्रदेश की आयुष विभाग की सेवा के क्षेत्र में हो रही प्रगति के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
राष्ट्रीय आयुष मिशन उ0प्र0 की मिशन निदेशक निशा अनंत ने उत्तर प्रदेश का डेटा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रदेश में मुफ्त जमीन की कमी के कारण नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर स्थापित करने में कठिनाई आ रही हैं। यदि स्वेच्छा से लोग जमीन दान करें तो नए आयुष केंद्र खोलने में मदद मिलेगी।
भारत सरकार की तरफ से जॉइंट एडवाइजर डा सुरेश कुमार ने कहा कि नए शोध करने और इसका लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा हर संभव बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में उपस्थित राज्यों से आये हुए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की चुनौतियों और उपलब्धियों को साझा किया तथा कई रचनात्मक सुझाव दिए। बैठक में आने वार्षों में सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में आईपीएचएस एवं एनएबीएच मानकों के अनुसार सभी स्वास्थ्य इकाईयों का सशक्तीकरण, डिजिटल स्वास्थ्य सूचना प्रणाली का सार्वभौमिक अनुप्रयोग, गुणवत्ता, आश्वासन के लिए नियमित आडिट एवं प्रशिक्षण पर विशेष बल देने की आवश्यकता है।
कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. दिनेश कुमार मौर्य ने मांग की कि संस्थान में और विषयों में एम डी पाठ्यक्रम शुरू करने एवं दवाओ की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु बजट बढ़ाया जाना चाहिए।
बैठक में हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर, त्रिपुरा और अंडमान निकोबार के राज्य आयुष मिशन के अधिकारियों तथा वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।








