UPCM मंत्रिमंडल के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने दिये निर्देश…..पढ़ें रिपोर्ट

लखनऊ (11 फरवरी, 2019)।
UPCM NEWS
, गन्ना माफियाओं का उन्मूलन कर, वास्तविक कृषकों को गन्ना आपूर्ति में सहूलियत प्रदान करने तथा लघु एवं सीमांत कृषकों का उत्पीड़न एवं शोषण रोकने के उद्देश्य से UPCM द्वारा गन्ना माफियाओं के उन्मूलन के लिये दिये गये निर्देश के क्रम में गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने तत्काल अभियान चलाकर ऐसे अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरूद्व कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये। फलस्वरूप गन्ना विभाग द्वारा गन्ना किसानों को समय से पर्चियां उपलब्ध कराये जाने और दलालों एवं माफिआयों पर अंकुश लगाने की दृष्टि से गन्ना समितियों द्वारा पर्ची निर्गमन की नई व्यवस्था शुरू की गई। आयुक्त, गन्ना एवं चीनी के निर्देशन में गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और इसके बेहतर परिणाम सामने आये।

यह जानकारी देते हुए गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी ने बताया कि पर्ची वितरण की इस नई व्यवस्था के परिणाम स्वरूप पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर एवं मेरठ मण्डल में 55,049, मुरादाबाद में 93,302, बरेली में 88,213 और मध्य क्षेत्र के लखनऊ मण्डल में 1,43,857 नये आपूर्तिकर्ता सदस्य बनें। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मण्डल में 14,614, देवीपाटन में 45,177, अयोध्या में 33,227 तथा देवरिया मण्डल में 32,136 नये आपूर्तिकर्ता सदस्य बनाये गये। इस प्रकार इस वर्ष रिकार्ड 5,05,575 नये सदस्य बनें जो गत वर्ष की तुलना 15 प्रतिशत अधिक है और उन दलालों और माफियाओं पर भी अंकुश लगा जो पूर्व में मिलों से येन-केन प्रकरेण इच्छानुसार पर्चीया प्राप्त कर रहें थे।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि नये सदस्य बनाने के साथ-साथ विभाग द्वारा फर्जी सट्टों पर भी लगाम लगाई गयी जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर एवं मेरठ मण्डल के 11,833 मुरादाबाद के 34,982 बरेली के 41,320 और मध्य क्षेत्र के लखनऊ मण्डल के 19,670 फर्जी सट्टों पर रोक लगायी गई वही पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मण्डल के 4,287 देवीपाटन के 218 अयोध्या के 1,228 और देवरिया मण्डल के 6,308 फर्जी सट्टो पर रोक लगाई गयी। इस प्रकार इस वर्ष प्रदेश भर में रिकार्ड 1,19,846 फर्जी सट्टों को प्रतिबन्धित किया गया।

पर्ची निर्गमन की वर्तमान व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी है और पर्ची प्रिटिंग के साथ ही किसान के मोबाइल पर एस.एम.एस. पर्ची मिल जाने पर किसान ससमय ताजा एवं साफ-सुथरा गन्ना चीनी मिलों को आपूर्ति कर रहा है और पर्ची वितरण कार्य में आयी पूर्ण पारदर्शिता से छोटे कृषकों को विशेष लाभ हुआ है और प्रदेश के गन्ना किसान इस नयी व्यवस्था से पूर्णतया संतुष्ट है।

Related Articles

Back to top button
btnimage