आम आदमी की थाली से दूर हो रहा है गरीबों का आलू, टमाटर और प्याज

गोण्डा।
ब्यूरो रिपोर्ट : अवनीश कुमार मिश्र।

कोरोना महामारी के बीच नवरात्र पूजा शुरू होने के साथ आलू के दाम में इस तरह बढ़ोतरी से आम लोगों के जेब पर अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि मंडी में 30 रुपए किलो मिलने वाले आलू की कीमत फूटकर बाजार में 50 से 60 रुपए तक पहुंच गई है।

महंगायी डायन ने घर की रसोई में आग लगा दिया है। इसके जद में आने से सब्जियों का राजा आलू गरीबो की थाली से दूर हो गया है। टमाटर और लाल हो गया है, प्याज खुद आशू बहा रहा है। अन्य हरी सब्जियां ग्राहको को मुंह चिढ़ा रही है।

आलू ,टमाटर और प्याज के सहारे 80 फीसदी जनता अपने पेट भरती है। लेकिन एक पखवारे से धीरे धीरे सब्जियों का भाव आसमान छूने लगे है। आलू 40 से लेकर 50 किलो बिक रहा है। प्याज 70 रूपये के पार हो गया, टमाटर 60 रूपये किलो मिल रहा है। बैगन 40, गोभी 40 रूपये प्रति पीस, पालक, लौकी, कोहड़ा भी चालिस रूपये प्रति किलो बिक रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में रिटेल मार्केट में प्याज के दाम 100 रुपये के पार पहुंच सकते हैं। आखिर क्यों महंगा हो रहा है प्याज?

महाराष्ट्र के कई इलाको में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते खेतों में प्याज की फसल बर्बाद हो गई है, जिसकी वजह से प्याज के भाव आसमान पर पहुंच रहे हैं। प्याज के दाम फरवरी तक कम नहीं होंगे? कारोबारियों का कहना है कि महाराष्ट्र , राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक में फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसीलिए व्यापारियों ने भी जमाखोरी शुरू कर दी है। नयी फसल फरवरी में आएगी, तब तक प्याज की कीमत कम होने के कोई संकेत नहीं है।

दाम बढ़ने के कारण आम जनता सब्जियों का स्वाद भूल गयी है। घर का बजट विगड़ने से क्षेत्र में आधी आबादी चिंतित हो उठी है। लोगो का रोना है अभी कोरोनाकाल में कारोबार ठप था, बाजार अभी पटरी पर भी नही आया था इसी बीच सब्जियों के दामो में आयी अचानक उछाल से पेट भरना भी मुश्किल हो गया

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