#PMGSY में सड़कों के 05 वर्षीय अनुरक्षण के अधीन 14518.40 किमी. सड़कें अनुरक्षित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 27 जून 2019 तक 170.58 किमी0 सड़कों का पीरियाडिक रिन्यूवल कराया जा चुका है। इस पर 13.82 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गयी। इस योजना में नई तकनीक का प्रयोग करके गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई 240.22 करोड़ रुपये से 2018-19 में 1624.74 किमी. सड़कों का पीरियाडिक रिन्यूवल कराया गया था। जिस पर 159.66 करोड़ रुपये खर्च हुए।इस योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 30 जून 2019 तक 182.62 किमी0 सड़कों का निर्माण किया गया है और इस पर 30 जून 2019 तक 104.16 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गयी। प्रमुख सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अद्यतन #PMGSY की 5 वर्षीय 14518.40 किमी. अनुरक्षणाधीन सड़कें अनुरक्षित की गयी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में #PMGSY के अन्तर्गत पहली बार नई तकनीकों जैसे वेस्ट प्लास्टिक, कोल्ड मिक्स, नैनो टेक्नोलोजी, फ्लाई ऐश, सीसी ब्लाक आदि का प्रयोग करके 1741.60 किमी. सड़कों के निर्माण करने का प्रस्ताव किया गया था। इस नई तकनीकी का प्रयोग कर मौजूदा समय में 1681.70 किमी. सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष 59.90 किमी. सड़कों का निर्माण प्रगति के अंतिम चरण में है। सड़कों के निर्माण में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिये गये हैं।

इस योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 30 जून 2019 तक 182.62 किमी0 सड़कों का निर्माण किया गया है और इस पर 30 जून 2019 तक 104.16 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गयी। प्रमुख सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अद्यतन #PMGSY की 5 वर्षीय 14518.40 किमी. अनुरक्षणाधीन सड़कें अनुरक्षित की गयी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में #PMGSY के अन्तर्गत पहली बार नई तकनीकों जैसे वेस्ट प्लास्टिक, कोल्ड मिक्स, नैनो टेक्नोलोजी, फ्लाई ऐश, सीसी ब्लाक आदि का प्रयोग करके 1741.60 किमी. सड़कों के निर्माण करने का प्रस्ताव किया गया था। इस नई तकनीकी का प्रयोग कर मौजूदा समय में 1681.70 किमी. सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष 59.90 किमी. सड़कों का निर्माण प्रगति के अंतिम चरण में है। सड़कों के निर्माण में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिये गये हैं।








