पहले यू0पी0 परियोजना के अन्तर्गत NIRF रैंकिंग, नैक मूल्यांकन व अन्य बिन्दुओं पर विचार-विमर्श

लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में पहले यू0पी0 परियोजना (प्रोजेक्ट फार एक्सीलेन्स इन हायर लर्निंग एण्ड एजुकेशन इन यू0पी0) के अन्तर्गत एनआईआरएफ रैंकिंग, नैक मूल्यांकन व अन्य बिन्दुओं पर विचार-विमर्श के लिये बैठक आयोजित की गई।

अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तेजी से औद्योगिकीकरण हो रहा है। रिटेल, लॉजिस्टिक, हेल्थकेयर व हॉस्पिटैलिटी में युवाओं के रोजगार की अपार संभावनायें है। प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों व महाविद्यालयों में इन सेक्टर से सम्बन्धित व्यवसायोन्मुख (जॉब ओरियेन्टेड) कोर्सेज संचालित करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 100 उच्च शिक्षण संस्थानों व महाविद्यालयों को चयनित करके उनमें आगामी शैक्षणिक सत्र से रिटेल, लॉजिस्टिक, हेल्थकेयर व हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की जरूरत के अनुसार डिग्री कोर्सेज का संचालन करने हेतु आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूरी करायी जाये। इस कार्य में सीआरआईएसपी (सेण्टर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एण्ड पॉलिसीज) का सहयोग लिया जाये। शिक्षण कार्य हेतु शिक्षकों का चयन कर उनकी मैपिंग करा दी जाये और उन्हें आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाया जाये।

उन्होंने कहा कि इन कोर्सेज के संचालन से विद्यार्थियों को स्किल के साथ-साथ अप्रेन्टिस की भी सुविधा मिलेगी और कोर्स समाप्त होने के उपरान्त नौकरी के अवसर भी प्राप्त होंगे। इस बारे में विद्यार्थियों को जागरूक कर कोर्स में शामिल होने हेतु प्रोत्साहित किया जाये।
उन्होंने कहा कि एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क) रैंकिंग निर्धारित करते समय शिक्षा की गुणवत्ता, फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लेसमेंट जैसी बातों को महत्ता दी जाती है। प्रदेश के 100 कॉलेजों का चयन कर उन्हें एनआईआरएफ रैकिंग में शीर्ष 200 कॉलेजों में लाने के प्रयास किये जायें। इसके अलावा अधिक से अधिक शासकीय उच्च शिक्षण संस्थानों व महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में प्रतिभाग करने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। नैक मूल्यांकन में अच्छा ग्रेड प्राप्त करने पर उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की जाये, इससे प्रदेश में बेहतर शैक्षिक माहौल तैयार होगा।

उन्होंने कॉलेजों में इनोवेशन को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नैक और एनआईआरएफ की राज्य स्तर पर अनुश्रवण के लिये स्टेट लेवल क्वालिटी एश्योरेंस सेल तथा इनोवेशन के लिये स्टेट इनोवेशन काउन्सिल का गठन करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों व महाविद्यालयों का एकीकृत डाटा तैयार करने के लिये पोर्टल तैयार करने के भी निर्देश दिये।

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, सीआईआरएसपी से सीताराम कुंते,  सुब्बाराव व प्रोफेसर बलराज चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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