भिक्षावृत्ति से दूर हो चुके बच्चों ने किया जिलाधिकारी से संवाद

लखनऊ 01 दिसंबर 2022
लखनऊ जिलाधिकारी कार्यालय में एक आश्चर्यजनक नजारा था। हो भी क्यों न जब कार्यालय में 55 बच्चे जो कुछ समय पूर्व तक भिक्षावृत्ति से जुड़े हुए थे और अब वे सब भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से मुक्त हो चुके है।

जिलाधिकारी लखनऊ सूर्य पाल गंगवार के द्वारा उक्त 55 बच्चो को उम्मीद संस्था के पदाधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में संवाद करने के लिए आमंत्रित किया। बच्चों के कार्यालय पहुँचने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन व जिला परिवीक्षा अधिकारी ने बच्चो को संबोधित किया और उन्हें कार्यालय की गतिविधियों व सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। उसके पश्चात इन बच्चों द्वारा पूरे कार्यालय का विस्तृत भ्रमण किया गया।

भ्रमण के बाद जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में बच्चों से संवाद किया और उनसे उनकी रुचियों के बारे में जानकारी ली। बच्चों से संवाद के उपरांत कुछ बच्चों ने बताया की वह पुलिस बनना चाहते है तो किसी ने डॉक्टर तो किसी ने सिंगर या डांसर बनने की इच्छा जाहिर की परन्तु कुछ बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने कहा की वह जिलाधिकारी बनना चाहते है पर उसके लिए उनके पास किसी भी प्रकार का मार्गदर्शन एवं सहयोग नहीं है I इस बात पर जिलाधिकारी द्वारा बच्चो को प्रदेश सरकार द्वारा चलाये जा रही बहुत सी योजनाओ के बारे में बताया एवं जिला परिवीक्षा अधिकारी को निर्देशित किया की सभी बच्चों को छात्रवृति एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़े।

उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा की मेहनत का कोई विकल्प नहीं है एवं शिक्षा के लिए धनवान होने की नहीं बल्कि इच्छावान होने की आवशकता है। इसके उपरांत सभी बच्चों को जिलाधिकारी द्वारा जलपान कराया गया एवं कॉपी पेन एवं पेन्सिल्स भी गिफ्ट के रूप में दिए गए।

उम्मीद संस्था द्वारा ज़िलाधिकारी को बताया गया कि नगर निगम लखनऊ के साथ मिलकर भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के स्माइल कार्यक्रम के अंतर भिक्षावृति उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत उम्मीद संस्था के प्रयास से लगभग 60 से भी अधिक बच्चे पूर्ण रूप से भिक्षावृति से मुक्त हो चुके है एवं इनके परिवारों के भी बड़े अभिवावको ने भी भारी संख्या में भिक्षावृति को त्याग दिया है।

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