मुख्य सचिव ने स्टेट लेवल सैंशनिंग कमेटी एवं कन्वर्जेन्स कमेटी की बैठक की

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में राज्य पोषण मिशन की कार्यकारी समिति, स्टेट लेवल सैंशनिंग कमेटी (एस.एल.एस.सी.) एवं कन्वर्जेन्स समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पोषण के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया।

अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने राज्य पोषण मिशन की कार्यकारी समिति की समीक्षा के दौरान कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र समुदाय, बच्चों एवं उनके अभिभावकों को नियमित आंगनवाड़ी सेवाएं लेने हेतु आकर्षित करें तथा बच्चों के लिए पोषण एवं ज्ञान सम्बंधित वातावरण बनाने के लिये बाला माॅडल आधारित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वाॅल पेन्टिग के माध्यम से पोषण के सम्बन्ध में आम-जन को जागरूक किया जाये। इस हेतु आई.सी.डी.एस. विभाग के 36,808 विभागीय भवन में संचालित आंगनबाड़ी केन्दों को पोषण व्यवहारपरक बनाने हेतु बाला-मॉडल पर वॉल पेन्टिग कराने पर अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के समस्त लाभार्थियों को चिन्हित कर उनसे सम्बन्धित सूचनायें UPDIA पोर्टल में दर्ज की जा रही हैं, जो भारत सरकार के उपक्रम CSC-SPV के साथ तैयार किया गया है तथा वर्तमान में आई.सी.डी.एस. विभाग द्वारा संचालित है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी तक पुष्टाहार वितरण की ट्रेकिंग तथा वितरण के पश्चात 40 सीटर काल सेन्टर के माध्यम से सीधे-सीधे लाभार्थियों से सम्पर्क कर गुणवत्ता का भी फीडबैक प्राप्त किये जाने की व्यवस्था की गई है। यह समस्त प्रक्रिया इस डिजिटल पोर्टल में वर्तमान में संचालित है। इस पोर्टल का विकास व संचालन CSC-SPV द्वारा बिना किसी शुल्क के एक साल के लिए डेटा स्टोरेज के साथ राज्य सरकार के साथ एम.ओ.यू. (नान कामर्शियल) के अधीन किया गया है।

एक वर्ष की अवधि के बाद इस पूरे कार्य को यथा आपरेशन, मैन्टीनेन्श, डेटा स्टोरेज व भारत सरकार के द्वारा विकसित किये गये नये पोषण ट्रैकर के साथ इन्टीग्रेशन, इन कार्यों का संचालन राज्य द्वारा किया जाना होगा तथा इस कार्य के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन युक्त प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट की स्थापना की जायेगी। यह भी बताया गया कि पोषण के सम्बन्ध में ग्राम स्तर पर प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, वी.एस.एस.एन.सी., अनटाईड फण्ड आदि में पोषण सेवांए प्रदान किये जाने हेतु मुख्य केन्द्र है। शीघ्र ही ग्राम प्रधानों के चुनाव होने जा रहे हैं नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का पोषण सम्बन्धित गतिविधियों एवं उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रत्येक परियोजना स्तर पर अभिमुखिकरण किया जाने पर अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि कुपोषण के स्तर में सुधार हेतु प्रथम चरण कुपोषण के स्तर का चिन्हाकंन है। इस हेतु बच्चे, किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के वृद्धि निगरानी के लिए ग्रोथ मानिटारिंग डिवाईस अति-आवश्यक है। ग्रोथ माॅनिटरिंग डिवाइसेस (इन्फेन्टोमीटर, स्टेडियोमीटर, बेबी वेईग स्केल तथा मदर कम चाइल्ड मशीन) प्रदेश के प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र हेतु वजन मशीन का जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय किया गया है। प्रदेश के लिए 1,52,432 शिशु वजन मशीन और 1,64,309 स्टैडियोमीटर जनपदों में आपूर्ति की जा चुकी है। जी.एम.डी. प्रशिक्षण की योजना विकास सहयोगियों के सहयोग प्रशिक्षिण प्रदान किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा पोषण अभियान 2.0 का शुभारम्भ किया जा रहा है तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों हेतु पोषण टैकर नया ऐप है, जिसके द्वारा केन्द्र व लाभार्थी सम्बन्ध गतिविधियों का डाटा इस ऐप में अंकित किया जायेगा तथा अनुश्रवण प्रत्येक स्तर पर किया जा सकेगे।

राज्य पोषण मिशन की स्टेट लेवल सैंशनिंग कमेटी की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर आई.सी.डी.एस. विभाग के ड्राई टेक होम राशन वितरण के साथ-साथ प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषण उत्सव के दिन प्रदर्शन काउन्टर व पोषण रंगोली द्वारा पोषण सम्बन्धी जन-मानस में पोषण विषयों पर जागरुकता प्रदान की जानी है। वितरण दिवस पर लाभार्थियों की उपस्थिति अच्छी होती है जैसा कि वितरण कार्यक्रम स्वयं सहायता समूह की उपस्थिति में होना है इससे जन-जागरुकता कार्यक्रम अधिक सफल हो सकेगा।

बैठक में बताया गया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण एवं बच्चों के स्कूल पूर्व शिक्षा कार्यक्रम को आकर्षक/Interactive बनाने के उद्देश्य से सोलर प्लांट विद् बैटरी/बैकअप-1, प्राजेक्टर, U.S.B 04 मेज आदि आधारभूत संरचना जनपद वाराणसी एवं गोरखपुर के 100-100 आंगनबाड़ी केन्द्रों किया जायेगा, जिससे SMART TEACHING & LEARNING तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण एवं बच्चों के स्कूल पूर्व शिक्षा कार्यक्रम को आकर्षक/Interactive प्रणाली विकसित होगी। जिस पर भारत सरकार के प्रतिनिधि द्वारा भी अनापत्ति प्रदान की है।

राज्य पोषण मिशन की कन्वर्जेन्स कमेटी की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिये कि पोषण के सहयोगी विभाग को अपने विभाग से सम्बन्धित पोषण मानकों पर जनपद स्तर पर कार्यवाही किये जाने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्गत करने के निर्देश प्रदान किये, ताकि क्षेत्र स्तर पर बेहतर समन्वय के परिणाम आ सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा-1 से 12 तक के बच्चों हेतु पोषण विषय पर व्यख्यान, बाल प्रतियोगिता,(Quiz प्रश्नोत्तरी, आदि) योग-सत्र, पोषण वाटिका के माध्यम से फल एवं सब्जियां, सूक्ष्य पोषक तत्वों के बारे में ज्ञानकारी निम्न गतिविधियों को किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के सहयोग से योग-विशेषज्ञ को आमंत्रित कर भारत सरकार द्वारा विकसित योग सत्र के यू-टूयब वीडियों के माध्यम से वरिष्ठ कक्षा के बच्चों को मास्टर ट्रेनर बनाते हुये नियमित रुप से योग सत्र आयोजित किये जायें। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा तथा आयुष विभाग के समेकित प्रयास से समस्त विद्यालयों में उक्त पोषण गतिविधियों यथा-पोषण विषय पर व्यख्यान, बाल प्रतियोगिता, (Quiz), योग-सत्र, पोषण वाटिका से पोषण तत्वों की जागरुकता आयोजित किया जाये। उन्होंने कहा कि पोषण-पंचायत के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पंचायतीराज, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संयुक्त समेकित प्रयास किये जाये। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिका बहूत ही महत्वपूर्ण है एवं उनके द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा उद्यान विभाग द्वारा संयुक्त प्रयास से अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्र तथा विद्यालयों में पोषण वाटिका स्थापित व अनुश्रवण किये जाने के निर्देश भी दिये।

बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त राधा एस. चैहान, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन वीना कुमारी मीना, प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार वी. हेकाली झिमोमी, निदेशक राज्य पोषण मिशन कपिल सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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