UPCM ने कहा शासन की टीम द्वारा ‘इज्जतघर’ निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने अपने सरकारी आवास पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और सौभाग्य योजना की जनपदवार प्रगति की वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि इन दोनों योजनाओं के माध्यम से केन्द्र और राज्य सरकार ने लोगों के जीवन को स्वच्छ बनाते हुए उन्हें विद्युत उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों योजनाओं से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हुए हैं।

UPCM ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश के सभी जिलों में ‘इज्जतघर’ के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार 02 अक्टूबर, 2018 तक कुल 34 जनपदों को ही ODF घोषित किए जाने की स्थिति में हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष 41 जनपद अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तेजी से कार्य करें, ताकि पूरे प्रदेश को खुले में शौच मुक्त किया जा सके। उन्होंने इज्जतघर निर्माण में धीमी प्रगति वाले जनपदों के जिलाधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने सम्बन्धित जनपदों में यह सुनिश्चित करें कि आगामी 30 नवम्बर 2018 तक सभी जनपदों को ODF घोषित किया जा सके।

UPCM ने इज्जतघर निर्माण में ओवर रिपोर्टिंग करने वाले जनपदों के D.P.R.O. को सचेत करते हुए कहा कि वे इस गलती को आगामी 15 अक्टूबर, 2018 तक हर हाल में ठीक करें। इसके उपरान्त शासन की टीम द्वारा इस कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा और त्रुटि पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इज्जतघर निर्माण कार्य की निरन्तर जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य की माॅनीटरिंग की जा सके। उन्होंने बेसलाइन सर्वे के बाद चिन्ह्ति किए गए परिवारों को भी इस योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इज्जतघर निर्माण कार्य को गति प्रदान करने के लिए धीमी प्रगति वाले जनपदों के गांवों में नोडल अधिकारी तैनात करने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने सम्बन्धित जनपदों में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए रुचि लेकर कार्य करें और स्वच्छता ही सेवा को अपना मिशन बनाएं। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों को इस कार्य में शामिल करते हुए लोगों को जागरूक बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध धनराशि का प्रयोग छिड़काव इत्यादि के लिए किया जाए। उन्होंने इज्जतघर निर्माण में धीमी प्रगति के लिए D.P.R.O. की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए। उन्होंने इज्जतघर निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने को भी कहा।

UPCM ने सभी मण्डलायुक्तों को अपने-अपने मण्डल के जनपदों में इज्जतघर निर्माण कार्य की माॅनीटरिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इज्जतघर निर्माण में धीमी प्रगति वाले 41 जनपद इस कार्य में तेजी लाते हुए अपने जनपद को 30 नवम्बर, 2018 तक ODF घोषित करने की दिशा में कार्य करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

UPCM ने सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश के जनपदों में लाभार्थियों को दिए जाने वाले विद्युत संयोजनों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश का 31 दिसम्बर, 2018 तक विद्युतीकरण करने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि आगामी 26 जनवरी, 2019 को राज्य सरकार पूरे प्रदेश में इस योजना के लाभार्थियों के साथ वृहद ‘दीपोत्सव’ कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। ऐसे में प्रदेश की चारों विद्युत वितरण कम्पनियां अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में आने वाले जनपदों में सौभाग्य योजना के तहत निर्गत किए जाने वाले विद्युत संयोजनों हेतु निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करें। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में विद्युत संयोजन देने से पूर्व प्रचार अभियान चलाया जाए और लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक किया जाए। साथ ही, उन्हें विद्युत कनेक्शन लेने प्राप्त करने के लिए प्रेरित भी किया जाए।

UPCM ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत सितम्बर माह में प्रदेश के सभी जनपदों में 35 लाख इन्फाॅर्मल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, परन्तु अभी यह लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सभी जनपद इस लक्ष्य को आगामी 15 अक्टूबर, 2018 तक हर हाल में हासिल करें। उन्होंने विद्युत विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को चेताया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य को योजनाबद्ध ढंग से लक्ष्य निर्धारित करते हुए समयबद्धता के साथ प्रत्येक दशा में पूरा किया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी मजरों को निर्धारित समयावधि में विद्युतीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस कार्य में रुचि लेते हुए इसे त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि राज्य सरकार गरीब परिवारों को विद्युत उपलब्ध कराकर उनके जीवन को प्रकाशमय बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण से इनके जीवन और शैक्षिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और संचार सेवाओं में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि विद्युत गरीबों की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, पंचायतीराज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज राजेन्द्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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