UPCM ने ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने लोक भवन में आयोजित ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव 2018’ में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर UPCM ने यू.पी.सी.एस.आर. वेब पोर्टल का उद्घाटन भी किया। यह पोर्टल काॅरपोरेट और अन्य व्यक्तियों की सुविधा के लिए प्रदेश में CSR परियोजनाओं के चयन और वित्त पोषण हेतु एक पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस मौके पर रेडिको खेतान के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक ललित खेतान ने UPCM को काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के तहत 51 लाख रुपए का चेक प्रदान किया।

UPCM ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ का शुभारम्भ करते हुए
UPCM ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ का शुभारम्भ करते हुए

UPCM ने कहा कि देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में राजकीय प्रयास के अलावा उद्योग जगत की बड़ी भूमिका है। लोक कल्याण को समर्पित कार्यक्रमों के संचालन में उद्योग जगत पारम्परिक रूप से योगदान करता रहा है। काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के माध्यम से उद्योग जगत द्वारा अनेक सामाजिक कार्य किए जाते हैं। जनसामान्य द्वारा भी धर्मार्थ, लोक कल्याण के कार्य किए जाते हैं। समन्वय तथा सहभागिता से इन जन कल्याणकारी गतिविधियों के अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

UPCM ने कहा कि प्रदेशवासियों की सतत समृद्धि में काॅरपोरेट और अन्य व्यक्तियों के सहयोग की शक्ति के महत्व को प्रदेश सरकार भलीभांति समझती है। इसमें काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह पहली बार यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में जनसहभागिता से कार्यक्रमों और योजनाओं को अधिक उद्देश्यपरक और प्रभावी बनाया जा सकता है।

UPCM ने कहा कि 02 अक्टूबर, 2014 को प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत मिशन प्रारम्भ किया गया था। इसके अन्तर्गत दो प्रकार के कार्यक्रम, सामान्य साफ-सफाई की व्यवस्था और बेस लाइन सर्वे के अनुसार शौचालय से वंचित परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराना था। उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता के अभाव के कारण प्रदेश के लिए यह बड़ी चुनौती थी।

UPCM ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ को सम्बोधित करते हुए
UPCM ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने कहा कि वर्ष 2017 में वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा कार्यभार ग्रहण के समय प्रदेश के 43 प्रतिशत परिवारों के पास व्यक्तिगत शौचालय थे। राज्य सरकार के विगत डेढ़ वर्षों के सतत प्रयास से वर्तमान में 96 प्रतिशत परिवारों के पास व्यक्तिगत शौचालय उपलब्ध हैं। राज्य सरकार ने 02 अक्टूबर, 2018 तक बेस लाइन सर्वे के व्यक्तिगत शौचालय से वंचित सभी परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराकर प्रदेश को ODF करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पिछले वर्ष 44 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इस वर्ष के 09 महीनों में 90 लाख शौचालय बनवाए गए हैं।

UPCM ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक शौचालय के लिए 12 हजार रुपए की राशि निश्चित की गई है। ग्रामवासियों को शौचालय के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेश की 59 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में एक स्वच्छाग्रही नियुक्त किया गया है। इस अभियान की सफलता के लिए 02 लाख 25 हजार राज मिस्त्रियों को शौचालय निर्माण के लिए प्रशिक्षित कर अभियान से जोड़ा गया है। इसके परिणामस्वरूप इस अभियान में उत्तर प्रदेश आज देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता में लोगों की सहभागिता और सहयोग का लाभ भी मिला है। इससे विगत 16 महीनों में राज्य सरकार 1.35 करोड़ शौचालय बनाने में सफल हुई है।

UPCM ने कहा कि राज्य सरकार ने 11 लाख ग्रामीण और 04 लाख शहरी परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आवास निर्माण हेतु 01 लाख 20 हजार रुपए आवास का स्वयं निर्माण करने पर लाभार्थी को मनरेगा के माध्यम से 90 दिन की मजदूरी और शौचालय के लिए 12 हजार रुपए दिए गए हैं। इसके लिए धनराशि की व्यवस्था सी.एस.आर., जिला खनिज निधि आदि से भी की गयी है। शहरी क्षेत्र में लाभार्थी को आवास हेतु ढाई लाख रुपए तथा शौचालय हेतु 20 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। ऐसे क्षेत्रों में जहां व्यक्तिगत शौचालय हेतु जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था की गई है।

UPCM ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ कार्यक्रम में शामिल हुए
UPCM ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी काॅन्क्लेव-2018’ कार्यक्रम में शामिल हुए

UPCM ने कहा कि वर्तमान सरकार जब सत्ता में आयी थी, तो प्रधानमंत्री आवास योजना के सम्बन्ध में कोई कार्य योजना नहीं थी। राज्य सरकार के सतत प्रयास, टीम वर्क तथा हर क्षेत्र की सहभागिता से प्रधानमंत्री आवास योजना में भी उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को पांच पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। यहां पर धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक, ईको पर्यटन आदि के अनेक स्थल हैं। इन स्थलों के विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आध्यात्मिक, बौद्ध, राम, कृष्ण, सूफी आदि सर्किट और स्वदेश दर्शन एवं प्रसाद योजना संचालित हैं। पर्यटन स्थलों तथा स्मारकों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं यथा पेयजल, सौर प्रकाश व्यवस्था, साइनेज, घाटों के नवीनीकरण, पार्कों के सौन्दर्यीकरण, पर्यटकों के लिए शेड, बायो टाॅयलेट निर्माण आदि में उद्योग जगत द्वारा सी.एस.आर. के तहत योगदान किया जा सकता है।

UPCM ने कहा कि इसके अलावा अन्य अनेक क्षेत्रों में सी.एस.आर. के माध्यम से जनहितकारी सुविधा के विकास की बड़ी सम्भावनाएं हैं। ग्रामीण इलाकों में खेल के मैदान का विकास, खेल के सामान की उपलब्धता, व्यायामशाला, वेलनेस सेण्टर आदि के विकास में सी.एस.आर. उपयोगी हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह कार्य छोटे होकर भी व्यापक परिवर्तनकारी साबित हो सकते हैं। यह लोगों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। इसी प्रकार शहरी इलाकों में पार्कों का सौन्दर्यीकरण, जिम, वेलनेस सेण्टर का निर्माण कराया जा सकता है।

UPCM ने कहा कि सभ्य समाज की व्यवस्था समाज की सोच पर निर्भर करती है। इस सोच को सकारात्मक रूप से विकसित किया जा सकता है। अस्पतालों में तीमारदारों के लिए रुकने की व्यवस्था, टाॅयलेट, पेयजल व्यवस्था, जेल के मुलाकातियों के लिए शेल्टर, पेयजल, टाॅयलेट आदि व्यवस्थाएं भी सी.एस.आर. के माध्यम से करायी जा सकती हैं।

UPCM को रेडिको खेतान के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक ललित खेतान, काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के तहत 51 लाख रुपए का चेक प्रदान करते हुए
UPCM को रेडिको खेतान के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक ललित खेतान, काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के तहत 51 लाख रुपए का चेक प्रदान करते हुए

UPCM ने कहा कि सी.एस.आर. फण्ड के माध्यम से कौशल विकास के क्षेत्र में भी काम किया जा सकता है। प्रदेश के विकास खण्डों में, वहां की आवश्यकता के अनुरूप कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना से युवाओं को स्वावलम्बन की दिशा में अग्रसर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यालयों के भवन काफी पुराने हैं। इन भवनों के पुनर्निर्माण, मरम्मत तथा संस्कृत विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में भी सी.एस.आर. फण्ड बड़ा योगदान कर सकता है।

कार्यक्रम में अपने स्वागत सम्बोधन में मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि UPCM का कहना है कि राष्ट्र निर्माण एक जन अभियान होना चाहिए। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका है। इसके लिए एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर उन कार्यों की सूची उपलब्ध है, जिनमें उद्योग जगत तथा सामान्य जन द्वारा सहयोग किया जा सकता है।

इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, पंचायतीराज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चौधरी, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज आर.के. तिवारी, अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास राजेश कुमार सिंह, काॅनफेडरेशन आॅफ इण्डियन इण्डस्ट्री (सी.एस.आई.) की यू.पी. स्टेट काउन्सिल के चेयरमैन एवं एम.के.यू.लि. के चेयरमैन मनोज गुप्ता, फेडरेशन आॅफ इण्डियन चेम्बर्स आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (एफ.आई.सी.सी.आई.) यू.पी. के पूर्व चेयरमैन एवं के.एम. ग्रुप के CMD एल.के. झुनझुनवाला, इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन (आई.आई.ए.) के प्रतिनिधि मनमोहन अग्रवाल सहित उद्योग जगत के अन्य प्रतिष्ठित उद्यमी उपस्थित रहे।

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