UPCM ने गोरखपुर में राप्ती नदी में पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी कीे अस्थियों का विसर्जन किया

उत्तर प्रदेश (गोरखपुर)।
UPCM ने जनपद गोरखपुर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थिों का राप्ती नदी में विसर्जन किया। इसके पूर्व, UPCM ने नेपाल क्लब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
UPCM ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें सदैव विकास के लिए जाना जाएगा। अटल जी ने देश की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए कार्य किया, चाहे वह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हो या स्वर्णिम चतुर्भुज द्वारा देश में 4-लेन सड़कों का निर्माण। उन्होंने लगातार बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ देश के विकास के लिए कार्य करते हुए लोगों को विकास का लाभ दिलाया।
UPCM ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकार, साहित्यकार, समाजसेवी, राजनेता, राष्ट्रध्यक्ष के रूप में अनुकरणीय हैं। आजादी के 70 वर्षों के कार्यकाल में राजनीतिक, सामाजिक एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अटल जी से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में संचार क्रान्ति लाने में भी अटल जी का महत्वपूर्ण योगदान है।
UPCM ने कहा कि अटल जी का गोरखपुर और गोरखनाथ मंदिर से गहरा सम्बन्ध था और उनका अंतिम बार वर्ष 2004 में गोरखपुर आगमन हुआ था। उनमें कार्य करने का जज़्बा था। व्यक्ति जब ज़मीन से जुड़ा होता है, तो हर कार्य व्यावहारिक धरातल पर उतरता दिखता है। अटल जी अपने मूल्यों एवं आदर्शों के साथ हमेशा लोगों के प्रेरणा स्रोत रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. विश्वनाथ तिवारी ने की।
इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रिगण, अन्य जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न दलों के पदाधिकारियों सहित अन्य लोगों ने भी अटल जी के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए।








