UPCM ने शास्त्री भवन में बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाए गए तटबन्धों की सुरक्षा व मरम्मत सुनिश्चित की जाए। बाढ़ से होने वाली जन-धन हानि को हर हाल में रोका जाए। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों और राहत सामग्री में किसी भी प्रकार कमी न हो। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण के लिए संचालित परियोजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी जनपदों में भ्रमण कर आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता की भी समय रहते व्यवस्था की जाए।

UPCM ने कहा है कि बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी परियोजनाएं बनाते समय जनहित और स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण व राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरने जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को 24 घण्टे के अन्दर राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने प्रदेश की नदियों में डेªजिंग किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

UPCM शास्त्री भवन में बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समीक्षा बैठक करते हुए
UPCM शास्त्री भवन में बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समीक्षा बैठक करते हुए

UPCM ने कहा कि बाढ़ के सम्बन्ध में कोई भी परियोजना बनाते समय स्थायी समाधान का दृष्टिकोण रखा जाए, क्योंकि अस्थायी और गुणवत्तारहित कार्यों से प्रत्येक वर्ष बाढ़ की स्थिति में जन-धन की व्यापक हानि होती है। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण व बचाव कार्यों की माॅनीटरिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नदियों से होने वाले कटान को हर हाल में रोकने की व्यवस्था की जाए। बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी सभी कार्य समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता के साथ सम्पन्न होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी परियोजना में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित किया जाए।

UPCM ने कहा कि पूर्व की अपेक्षा इस साल वर्षा अधिक हुई है, फिर भी बाढ़ नियंत्रण कार्यों के कारण बाढ़ की स्थिति में पूर्व की अपेक्षा सुधार आया है। इसमें और सुधार लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में बाढ़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के सम्बन्ध में संचालित परियोजनाओं से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराते हुए परियोजनाओं का संचालन किया जाए।

इस अवसर पर बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, राहत आयुक्त संजय कुमार सहित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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