UPCM ने राजस्व और चकबंदी वादों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से किए जाने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने राजस्व और चकबंदी वादों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से किए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि लम्बित वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के मण्डल एवं जनपद और तहसील स्तरीय अनावासीय राजस्व भवनों का निर्माण समयबद्ध ढंग से किए जाने के निर्देश दिए।
UPCM ने शास्त्री भवन में राजस्व विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एण्टी भू-माफिया अभियान, राजस्व भवनों के नवनिर्माण, भू-मानचित्रों के डिजिटाइजेशन, खतौनी के खातेदारों के अंश निर्धारण, शिकायतों के निस्तारण, लेखपालों को लैपटाॅप एवं स्मार्ट फोन वितरण, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना, राजस्व विभाग में रिक्त पदों पर तैनाती की स्थिति, आपदा एवं राहत कार्यों आदि की समीक्षा की।

UPCM ने मण्डल स्तर पर राजस्व वादों के निस्तारण की दर में तेजी लाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद और तहसील स्तरों पर भी वादों के निस्तारण की दर को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में विवाद का प्रमुख कारण राजस्व वादों का समयबद्ध ढंग से निस्तारण नहीं होना है। भूमि पैमाइश और बंटवारे सम्बन्धी वादों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करते हुए उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि राजस्व सम्बन्धी विवादों का समाधान हो सके।
UPCM ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का समाधान तभी माना जाए, जब शिकायतकर्ता संतुष्ट हो जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और सम्पूर्ण समाधान दिवस संदर्भित अवशेष शिकायतों का निस्तारण एक माह के अंदर किया जाए।
UPCM ने एण्टी भू-माफिया अभियान के तहत चिन्हित किए गए भू-माफियाओं, अभियान में दर्ज की गई FIR, राजस्व वादों व सिविल वादों के संदर्भ में की जा रही कार्रवाई में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एण्टी भू-माफिया अभियान के तहत गरीबों व निर्बल वर्ग का उत्पीड़न न हो। उन्होंने कहा कि एण्टी भू-माफिया अभियान के अंतर्गत PWD, सिंचाई, वन, नगर विकास, आवास आदि से सम्बन्धित शिकायतों का निस्तारण सम्बन्धित विभागों द्वारा सुनिश्चित किया जाए।
UPCM ने राजस्व विभाग के भवनों के निर्माण और भौतिक अवस्थापनाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि नव सृजित जनपदों में अनावासीय राजस्व भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि भवनों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण एवं चरणबद्ध ढंग से किया जाए। उन्होंने आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र तथा खतौनी की नकल सम्बन्धी मामलों को अभियान चलाकर निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-मानचित्रों के डिजिटाइजेशन में भी तेजी लाए जाने की बात कही। उन्होंने राजस्व ग्रामों की खतौनी का पुनरीक्षण एवं उसमें दर्ज खातेदारों/सह खातेदारों के अंश निर्धारण को भी सम्पादित किए जाने के निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि लेखपालों को लैपटाॅप और स्मार्ट फोन का वितरण की कार्रवाई शीघ्र की जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लायी जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा लेखपालों के रिक्त पदों पर तैनाती शीघ्र की जाए। उन्होंने अवशेष चकबंदी न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चकबंदी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाये और चक सम्बन्धी विवादों को समयबद्धता के साथ निपटाया जाये।
इस अवसर पर राजस्व राज्य मंत्री अनुपमा जैसवाल, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अध्यक्ष राजस्व परिषद प्रवीर कुमार, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








