UPCM मंत्रिमंडल के होमगार्ड्स मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण निगम के मुख्यालय में आयोजित उद्यमिता सेमिनार में शामिल हुए

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमंडल के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) होमगार्ड्स , सैनिक कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, प्रांतीय रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री अनिल राजभर पूर्व सैनिक कल्याण निगम के मुख्यालय में आयोजित उद्यमिता सेमिनार में शामिल हुए।
उन्होंने कहा पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के पश्चात भी स्वावलम्बी बन सकें और अपने व्यापार से समाज के अन्य लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध करा सकें, इसके लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है। उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य प्रसंस्करण पर उत्तर प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान है। इसके माध्यम से पूर्व सैनिक घर पर रहकर भी बहुत से कार्य कर सकते हैं। यह बात उन्होंने पूर्व सैनिक कल्याण निगम के मुख्यालय में आयोजित उद्यमिता सेमिनार में कही।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) होमगार्ड्स , सैनिक कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, प्रांतीय रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों को कुशल उद्यमी बनाये जाने हेतु किसानों को भी शामिल करते हुए एक कार्यशाला का आयोजन कराया जाए, जिससे पूर्व सैनिक किसानों के अनुभवों का मार्गदर्शन ले सकें। इनके सम्मानजनक जीवन के लिए सबको मिलकर एक अच्छा प्रयास करने की आवश्यकता है।
सेमिनार के दौरान पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक, मेजर जनरल संजय सरन (अ.प्रा.) वाई.एस.एम., वी.एस.एम ने कहा कि पूर्व सैनिकों के लिए अवसरों और नौकरी के अवसर बनाने में निगम सदैव अग्रणी भूमिका अदा करता रहा है। इस सेमिनार का उद्देश्य मेसर्स समाधान समिति की इकाई ‘इंस्टीट्यूट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट‘ के माध्यम से उद्यमी विकास दृष्टिकोण में सबका मार्गदर्शन और मदद करना है। इसके आयोजन से जहां एक ओर पूर्व सैनिकों को अवकाश प्राप्ति के पश्चात अपना-अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिलेगी वहीं इससे पूर्व सैनिकों का मनोबल भी बढ़ेगा।
छोटे व्यवसाय, विचारों एवं माॅडलों पर उ.प्र. सैनिक कल्याण निगम की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के अंतर्गत मुर्गी पालन, दो पहिया एवं कार रिपेयर एवं सर्विसिंग, डेरी एवं दुग्ध उत्पाद, सोलर एवं एलईडी से संबंधित व्यापार (स्थापना एवं मरम्मत) प्लास्टिक उद्योग, कप एवं टी-शर्ट प्रिटिंग इत्यादि व्यवसाय माॅडल से संबंधित कार्यक्रम तैयार किये गये। इस सेमिनार के माध्यम से पूर्व सैनिकों को 05 से 25 लाख रुपये तक के कारोबारी माॅडल के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को उपर्युक्त उद्योगों से संबंधित दस्तावेजीकरण, पंजीकरण प्रक्रिया, लोन प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं एवं सब्सिडी के बारे में विस्तृत जानकरी भी दी गई।
इस अवसर पर प्रतिभागी पूर्व सैनिकों ने बताया कि इस सेमिनार के जरिए उन्हें स्वरोजगार प्राप्त करने के बारे में अनेक जानकारी मिली जिससे कि अब वे अपनी रुचि के अनुसार स्वयं का व्यापार स्थापित कर सकेंगे।








