आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों ने रचा इतिहास, सर्वोदय विद्यालयों के 11 विद्यार्थियों ने जे0ई0ई0 मेंस में पाई सफलता

लखनऊ: 07 जून, 2026
प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता होती है तो केवल सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की। उत्तर प्रदेश सरकार की इसी सोच को साकार कर रहे हैं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय विद्यालय। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित इन आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
प्रदेश में इस वर्ष सर्वाेदय विद्यालयों के 11 विद्यार्थियों ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जबकि छात्रा प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई कर विद्यालयों की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने सभी छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया है। इसी दृष्टिकोण के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल औपचारिक शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करना भी है, जिनके पास संसाधनों की कमी के कारण बड़े अवसरों तक पहुंच नहीं बन पाती। आज ये विद्यालय हजारों विद्यार्थियों के लिए उम्मीद का केंद्र बन चुके हैं। यहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें, वर्दी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
मिर्जापुर के मड़िहान स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय विद्यालय को विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विकसित किया गया है। डॉ. अरुण कुमार तिवारी, ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन तथा टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से यहां जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को वही सुविधाएं उपलब्ध कराना है जो सामान्यतः बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों में मिलती हैं। विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट, आधुनिक अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी वातावरण ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसका परिणाम इस वर्ष सामने आया, जब यहां से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की।
इस वर्ष सर्वाेदय विद्यालयों के कुल 11 विद्यार्थियों ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभाग और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मिर्जापुर के मड़िहान स्थित सर्वाेदय विद्यालय की छात्राएं दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागनी ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता हासिल की। इन छात्राओं ने यह साबित किया है कि ग्रामीण परिवेश में रहकर भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। इन्हीं छात्राओं में शामिल प्रीति ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए जेईई एडवांस्ड के लिए भी क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है क्योंकि जेईई एडवांस्ड को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है और इसके माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश मिलता है। इसके अलावा देवरिया के मेहरौना सर्वाेदय विद्यालय के विकास यादव और अंकित सिंह, बाराबंकी के तीरगांव सर्वाेदय विद्यालय के अभिषेक मिश्रा, बस्ती के जोगियाटप्पा भानपुर सर्वाेदय विद्यालय के अमित कुमार तथा मिर्जापुर के परसिया सर्वाेदय विद्यालय के ऋषिकेश भारती ने भी जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
सफलता की इस कहानी में प्रीति और दामिनी पटेल का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। दोनों छात्राओं को आईआईटी मंडी के प्रतिष्ठित बीबीए और एमबीए कार्यक्रमों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि सर्वाेदय विद्यालयों में उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण का प्रमाण भी है। सीमित संसाधनों वाले परिवारों से आने वाली इन छात्राओं ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर मिलने पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। आज उनकी सफलता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 103 आवासीय जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इन विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सर्वांगीण विकास का अवसर दिया जाता है। सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया है। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न स्तरों पर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण सामग्री, विज्ञान प्रयोगशालाओं का विकास, पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण तथा तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों, यूनिफॉर्म वितरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया है। सर्वाेदय विद्यालयों की सफलता इन प्रयासों की सार्थकता को भी सिद्ध करती है। कभी जिन परिवारों के लिए उच्च शिक्षा केवल एक सपना हुआ करती थी, आज उनके बच्चे आईआईटी, मेडिकल कॉलेजों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं। यह बदलाव केवल शैक्षिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का भी संकेत है। इन विद्यालयों से निकलने वाले विद्यार्थी आगे चलकर अपने परिवारों और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
जेईई मेंस में 11 विद्यार्थियों की सफलता, प्रीति का जेईई एडवांस्ड के लिए चयन, आईआईटी मंडी में छात्राओं की शॉर्टलिस्टिंग तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह दर्शाता है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वाेदय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल स्थापित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियां, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निःशुल्क कोचिंग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान आज हजारों बच्चों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रहा है। सर्वाेदय विद्यालयों की यह सफलता केवल परीक्षा परिणामों की कहानी नहीं है, बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन की कहानी है जिसमें शिक्षा के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को नई पहचान, नया आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य मिल रहा है। आने वाले वर्षों में ये विद्यालय निश्चित रूप से प्रदेश की शैक्षिक प्रगति और मानव संसाधन विकास के मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित होंगे।








