बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं 15 जून तक हर हाल में हों पूर्ण, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई-स्वतंत्र देव सिंह
जलशक्ति मंत्री ने लाइव मॉनिटरिंग के जरिए परखी परियोजनाओं की प्रगति, अधिकारियों को दिए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं-जलशक्ति मंत्री

प्रदेश में आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उदयगंज स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय के सभागार में बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव कार्यों की व्यापक समीक्षा की। उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेशभर में संचालित बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं, तटबंधों की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियों, राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं तथा अन्तर्विभागीय समन्वय की गहन समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद स्तरीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की।
बैठक की विशेषता यह रही कि जलशक्ति मंत्री ने 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की प्रगति का लाइव व्यू कैमरों के माध्यम से सीधे कार्यस्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं एवं अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित कर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा की जानकारी प्राप्त की। जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी सभी परियोजनाएं हर हाल में 15 जून तक पूर्ण कर ली जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं के कार्य निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाएं। उन्होंने बाढ़ से पूर्व आवश्यक ड्रेनों की सफाई अभियान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही तटबंधों पर बने रेट होल, शाही होल एवं रेन कट्स को तत्काल भरवाकर लिया जाए, ताकि बाढ़ के दौरान आवागमन बाधित न हो और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने अति संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में रिजर्व स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बाढ़ अवधि के दौरान आवश्यक संसाधनों को पूर्व से तैयार रखने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में स्वतंत्र देव सिंह ने निर्देश दिए कि आगामी 31 मई तक प्रदेश के सभी नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 15 जून से पूर्ण रूप से सक्रिय कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ अवधि में प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की सतत निगरानी बनाए रखे तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी कहा कि शासन एवं विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण से परियोजनाओं में गति आएगी और कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण होंगे।
बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि स्टीयरिंग ग्रुप द्वारा समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ चौकियों की स्थापना शीघ्र की जाए। उन्होंने तटबंधों के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सुरक्षा कार्य कराने और पर्याप्त रिजर्व स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जनपदों में बाढ़ सुरक्षा समितियों के गठन को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अन्तर्विभागीय समन्वय को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मण्डलीय नोडल अधिकारी, जनपद स्तरीय बाढ़ समन्वय अधिकारी तथा अंतर्राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाढ़ समस्याओं हेतु विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए। जलशक्ति मंत्री ने मुख्यालय स्तर से गठित टीमों द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों का भौतिक सत्यापन कराने तथा आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों के गठन पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों तक आपातकालीन स्थिति में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का विस्तृत रोडमैप भी तैयार किया जाए।
बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परियोजना अशोक कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सहभागिता कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की जानकारी साझा की।








