एलडीए : प्रवासी पक्षियों के स्वागत के लिए वेट लैंड को तैयार करेगी गोमती टास्क फोर्स

सीजी सिटी में 37 एकड़ क्षेत्रफल में बने वेट लैंड को व्यवस्थित करने के लिए एलडीए ने किया करार

वेट लैंड की जल गुणवत्ता को सुधारने के लिए जलकुंभी समेत अन्य हानिकारक जलीय पौधों को हटाया जाएगा

ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन करते हुए प्राकृतिक जल प्रवाह को किया जाएगा बहाल, पर्यटकों को मिलेगा बेहतर माहौल

लखनऊ में ईको टूरिज्म का केन्द्र बने सीजी सिटी वेट लैंड को प्रवासी पक्षियों के स्वागत में निखारा जा रहा है। इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गोमती टास्क फोर्स व टर्टल सर्वाइवल एलायंस नामक संगठन के साथ करार किया है। इसमें वेट लैंड में उपजी जलकुंभी समेत अन्य हानिकारक जलीय पौधों को हटाया जाएगा। साथ ही ठोस अपशिष्ठ का प्रबंधन करते हुए पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को नियंत्रित किया जाएगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने सीजी सिटी में इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पीछे 37 एकड़ क्षेत्रफल में वेट लैंड विकसित किया है, जोकि लखनऊ में ईको टूरिज्म का केन्द्र बन गया है। इससे शहर में विभिन्न प्रजाति के स्वदेशी व विदेशी पक्षियों के प्राकृतिक वास को बढ़ावा मिला है। अब सर्दी का मौसम आते ही प्रवासी पक्षियों ने यहां डेरा डालना शुरू कर दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए वेट लैंड का कायाकल्प कराया जा रहा है। जिसके लिए एलडीए ने गोमती टास्क फोर्स व टर्टल सर्वाइवल एलायंस के साथ करार किया है।

उपाध्यक्ष ने बताया कि टेरिटोरियल आर्मी के मेजर ए0एस0 नागी के नेतृत्व में गोमती टास्क फोर्स की टीम ने मौके पर काम शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत वेट लैंड की जल गुणवत्ता को सुधारने के लिए जलकुंभी समेत अन्य हानिकारक जलीय पौधों को हटाया जाएगा। ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन करते हुए प्राकृतिक जल प्रवाह को बहाल किया जाएगा। साथ ही वेट लैंड से हटाये जाने वाले जलकुंभी समेत अन्य जैविक पदार्थों को उपयोगी खाद में तब्दील किया जाएगा।

जैविक तकनीकि से जल उपचार

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जल गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए पानी के सैंपल का लैब में परीक्षण कराया जाएगा। तत्पश्चात रासायनिक/जैविक तकनीकि के इस्तेमाल से प्रदूषित जल का उपचार किया जाएगा। जल शुद्धीकरण के लिए कैना और वेटीवर आदि पौधों का प्रयोग होगा। जिससे वेट लैंड के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकेगा और जलीय जीव प्राकृतिक रूप से वास कर सकेंगे। उन्होेंने बताया कि सीजी सिटी एसटीपी से ट्रीटेड वॉटर को वेट लैंड में सप्लाई किया जाएगा, जिससे हर मौसम में जल स्तर नियंत्रित रहेगा।

वेट लैंड में यह है खास

वेट लैंड में बड़ी संख्या में लोग बर्ड वॉचिंग के लिए आते हैं। यहां पर्यटकों की सहूलियत के लिए बर्ड वॉचिंग हाईड, वॉच टावर व व्यूइंग डेक निर्मित किये गये हैं, जहां से प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। क्षेत्र में भ्रमण के लिए स्टैम्प्ड पाथ-वे व रेलिंग बनायी गयी है। वर्तमान में यहां प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में लोग अपने परिवार के साथ वेट लैंड में निःशुल्क सैर कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button
btnimage