शहद निर्यात में उत्तर प्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनाने का संकल्प : दिनेश प्रताप सिंह

शहद उत्पादन में डेनमार्क की आधुनिक तकनीक हमारे राज्य के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी

किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए तकनीक अपनाने पर दिया जोर

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह शहद से जुड़ी अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रतिभाग करने पहुंचे डेनमार्क

लखनऊ: 24 सितम्बर, 2025

प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को डेनमार्क के स्कैंडिनेविया में 23 से 27 सितम्बर, 2025 तक आयोजित 49वें APIMONDIA Event में प्रतिभाग किया और शहद विषयक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शहद उत्पादन से जुड़ी उन्नत तकनीक और कार्यप्रणाली को समझा तथा उत्तर प्रदेश राज्य के कृषि और निवेश अवसरों पर हितधारकों से चर्चा की। इवेंट में दुनिया भर से मधुमक्खी पालक, वैज्ञानिक, पेशेवर उद्योगपति शामिल हुए और मधुमक्खी स्वास्थ्य, पर्यावरण और शहद की गुणवत्ता पर चर्चा हुई।

उद्यान मंत्री के डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन पहुंचने पर वहां के काउंसलर ने भारतीय संस्कार एवं संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया। कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हंस जोर्गेन लिंग्स जोर्गेनसेन से भी सार्थक बातचीत की और शहद उत्पादन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि भारत में सर्वाधिक शहद उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है और वर्तमान में शहद निर्यात में भी पूरे देश में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश को शहद निर्यात में देश का नम्बर एक निर्यातक राज्य बनाना है।

मंत्री सिंह ने कहा कि शहद उत्पादन में डेनमार्क की आधुनिक तकनीक हमारे राज्य के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। शहद को और प्रोसेसिंग कर उसका निर्यात बढ़ाने पर बल दिया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में मधुमक्खी पालन का कार्य करने वाली स्थानीय स्तर की प्रसिद्ध संस्था ठलइप का दौरा किया और उसकी कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। उन्होंने पाया कि शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ मधुमक्खी पालन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संस्था के प्रयास सराहनीय हैं। यह अनुभव निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में मधुमक्खी पालन को और अधिक वैज्ञानिक एवं आधुनिक दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।

उन्होंने बताया कि दूसरे दिन डेनमार्क में हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों का अध्ययन करने का अवसर मिला। खेतों पर जाकर फसल की हार्वेस्टिंग और पैकिंग तक पूरे प्रोसेसिंग को देखा और समझा। यह अनुभव हमारे उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए भी अत्यंत उपयोगी होगा और इन नवीन तकनीकों को अपनाकर यूपी की खेती को और आधुनिक व उपयोगी बनाया जायेगा तथा मधुमक्खी पालन को इससे जोड़कर उत्पादन और आय को दोगुना किया जायेगा। उन्होंने प्रतिनिधि मण्डल के साथ वहां के गाँव का भ्रमण किया और वहाँ के प्रगतिशील किसानों से मुलाकात की। इसके अलावा हंगरी और यूक्रेन के किसानों से भी बातचीत की। वहां के खेतों में गोभी, पालक, गाजर और लेट्यूस जैसी अनेक हॉर्टिकल्चर फसलें लगी हुई थीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प किसानों आय को दोगुना करने उद्देश्य से प्रदेश की योगी सरकार के नेतृत्व में डेनमार्क में हमारा प्रतिनिधि मण्डल आया हुआ है। यहां की शहद उत्पादन की आधुनिक तकनीक एवं नवाचार सीख कर किसानों की उपज और उसकी बेहतर प्रोसेसिंग करके दुनिया के बाजारों तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर उद्यान मंत्री के साथ उत्तर प्रदेश से आए प्रतिनिधिमंडल में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहद निर्यातक निमित सिंह एवं जयदेव मौजूद रहे।

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