प्रदेश सरकार ‘विकसित भारत-विकसित उ0प्र0-2047 विजन डॉक्यूमेण्ट’ तैयार करने जा रही : मुख्यमंत्री

‘विकसित भारत-विकसित उ0प्र0-2047 विजन डॉक्यूमेण्ट’, बाढ़ की स्थिति, बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री के वितरण, रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों को निःशुल्क बस यात्रा एवं आगामी विधान मण्डल सत्र के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में उच्चस्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्यूमेण्ट’, बाढ़ की स्थिति, बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री के वितरण, रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों को निःशुल्क बस यात्रा एवं आगामी विधान मण्डल सत्र के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 विजन डॉक्यूमेण्ट’ तैयार करने जा रही है। यह विजन डॉक्यूमेण्ट उत्तर प्रदेश के भविष्य की दशा और दिशा तय करेगा। इसके माध्यम से हमें अपने आगामी विकास लक्ष्यों को निश्चित करना है और इन्हें क्रियान्वित करने की रणनीति को तय करना है। विजन डॉक्यूमेण्ट-2047 के सम्बन्ध में विधान मण्डल के आगामी सत्र में 24 घण्टे की चर्चा प्रस्तावित है। इस चर्चा के दृष्टिगत हर विभाग विगत 08 वर्षों के अपने कार्यों का सारगर्भित एवं संक्षिप्त नोट तैयार करे। विधायिका की जनता के प्रति जवाबदेही होती है। इस नोट के माध्यम से विभागीय मंत्री अपने कार्यों का लेखा-जोखा जनता को समर्पित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की इस यात्रा में आमजन की सहभागिता आवश्यक है। ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विजन डॉक्यूमेण्ट-2047 में जनता-जनार्दन की अपेक्षाएं शामिल की जाएं। इसके लिए शीघ्र ही आम जनता से सुझाव लेने के लिए क्यू-आर कोड जारी किया जाए। यह क्यू-आर कोड सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों, अस्पतालों, बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएं। सभी सम्बन्धित विभाग इसकी तैयारी सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान मण्डल के सत्र में विधायकों के प्रश्नों के जवाब तार्किक, समीचीन, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रश्न की अपेक्षा के अनुरूप हों। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रश्न के जवाबों का स्वयं अपने स्तर से मूल्यांकन करें। उन्होंने कहा कि विगत 08 वर्षों में सभी विभागों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अपनी बात सकारात्मक तरीके से रखें। अधिकारीगण विभागीय मंत्री के साथ बेहतर संवाद रखें तथा सही समय पर निर्णय लेकर कार्यों को आगे बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में कण्ट्रोल रूम निरन्तर सक्रिय रहें। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित व्यक्ति को राहत सामग्री अवश्य मिल जाए। राहत सामग्री गुणवत्तापूर्ण एवं पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। राहत एवं बचाव के लिए नौकाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी रक्षाबंधन के पावन अवसर पर माताओं-बहनों को 08 अगस्त की सुबह से 10 अगस्त को रात्रि 12 बजे तक यू0पी0एस0आर0टी0सी0 की बसों व नगरीय बस सेवा की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। इसके दृष्टिगत परिवहन विभाग पर्याप्त मात्रा में बसों का संचालन करे। सही/फिट बसों का ही परिचालन किया जाए। आर0टी0ओ0, ए0आर0टी0ओ0 फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं को देखें। शहर, हाइवे व अन्य सम्पर्क मार्गों पर कहीं भी टै्रफिक जाम की स्थिति न हो।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एस0पी0 गोयल, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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