UPCM सरकार में UP में अमेरिकी कम्पनियां बोइंग, लाकहीड मार्टिन और हनीवेल निवेश की इच्छुक

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमंडल के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि अमेरिकी कम्पनियां उत्तर प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश करेंगी। एनेक्सी में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि बोइंग, लाकहीड, मार्टिन, व हनीवेल कम्पनियों ने डिफेन्स काॅरिडोर में निवेश हेतु इच्छुक है। इसके अतिरिक्त स्टेनफर्ड विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार के साथ J.E/A.E.S की रोकथाम के लिए M.O.U करेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर M.R.O सुविधाओे को विकसित करने हेतु अनेक अमेरिकी कम्पनियों ने इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन्टेल, औरेकल, सिस्को, थैलिस आदि बड़ी इलेक्ट्रानिक/आई.टी. कम्पनियां भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश करेंगी। अमेजाॅन द्वारा प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के अन्तर्गत उत्पाद के अमेज़न पोर्टल पर विक्रय हेतु एमओयू प्रस्तावित है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल गत 30 अप्रैल, 2018 से 06 मई 2018 तक अमेरिका के दौरे पर गया था। प्रतिनिधिमण्डल में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चन्द्र पाण्डेय और विशेष सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह भी शामिल थे।
प्रतिनिधिमण्डल ने बोइंग इण्टरनेशनल के अध्यक्ष मार्क एलेन से मुलाकात की। कम्पनी द्वारा प्रदेश में प्रस्तावित अपने फाइटर प्लेन एफ-18 के निर्माण और एफ-16 प्लेन के लिये सप्लाई चेन की स्थापना में रूचि दिखाई गई। इसके अतिरिक्त जेवर एयरपोर्ट पर M.R.O सुविधायें उपलब्ध कराने में भी उन्होंने निवेश की इच्छा व्यक्त की। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमण्डल ने लाॅकहीड मार्टिन के डायरेक्टर एशिया डेविड के. सटन से मुलाकात की। लाॅकहीड मार्टिन के डायरेक्टर ने डिफेन्स काॅरिडोर और जेवर एयरपोर्ट पर एमआरओ सुविधायें विकसित करने में रूचि दिखायी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हनीवेल के उपाध्यक्ष आर्थर सिम्मोनेती के साथ प्रतिनिधिमण्डल ने बैठक की। कम्पनी द्वारा राज्य की डिफेन्स और एयरोनाॅटिक्स परियोजनाओं में रूचि दिखायी गयी। वीटी सिस्टम के रोनाल्ड बान्जेकोवस्की के साथ सम्पन्न हुयी बैठक में उनके द्वारा मेरठ हवाई पट्टी पर एमआरओ सुविधा विकसित करने में रूचि दिखायी गयी। उन्होंने यह भी बताया कि अमेजाॅन के सीनियर वाइस प्रेसीडेन्ट जय कार्ने के साथ वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के अन्तर्गत निर्मित उत्पादों की ई-मार्केटिंग अमेजाॅन पोर्टल पर करने हेतु M.O.U हस्ताक्षरित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गयी। उन्होंने बताया इस प्रकार की व्यवस्था उनके द्वारा उत्तर प्रदेश में निर्मित खादी उत्पादों के बारे में भी की जा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनीवर्सिटी के सीनियर फैकल्टी मेम्बर्स से प्रदेश के जेई/एईएस प्रभावित जनपदों की समस्याओं के समाधान हेतु यूनीवर्सिटी से एमओयू हस्ताक्षरित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय ने ट्रैफिक मैनेजमेन्ट तथा जन स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु शोध कार्य में सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमण्डल ने आईआईटी कानपुर तथा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के आईटी के पूर्व छात्रों (एलयूमिनी) से चर्चा की। बैठक के दौरान बीएचयू आईटी तथा आईआईटी कानपुर में एक-एक स्टार्ट अप एक्सीलेटर संचालित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि गुआवस (थेल्स कम्पनी की सबसिडरी) के अध्यक्ष श्री अनुकूल लखीना से नोएडा में डाटा सेन्टर स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार विमर्श हुआ। उन्होंने प्रदेश में आर्टीफिशियल इन्टेलीजेन्स को प्रोत्साहित करने हेतु एक इन्क्यूबेशन सेन्टर की स्थापना में रूचि दिखाई। उन्होंने बताया कि रवीन्द्र रेड्डी, उपाध्यक्ष सिसको ने राज्य के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में आर्टीफिशियल इन्टेलीजेन्स तथा इन्टरनेट आॅफ थिंग्स इन्क्यूबेशन सेन्टर की स्थापना में रूचि दिखायी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि अमेरिका भ्रमण के दौरान सुश्री असलेशा खण्डेपार्कर, अध्यक्ष ओरेकल (इण्डिया) ने वाराणसी में ओरेकल एकेडमी की स्थापना की इच्छा व्यक्त की। इनटेल कैपिटल के निवेश निदेशक संजीत सिंह डंग ने IIT-कानपुर के सहयोग से स्टार्ट अप सेन्टर स्थापित करने में रूचि प्रदर्शित की। उन्होंने बताया कि री रवि अरोड़ा ने राज्य में मास्टर कार्ड की सेवायें उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए बताया कि वे आईओटी एवं साइबर सुरक्षा हेतु एक इन्क्यूबेशन सेन्टर विकसित करना चाहते है। इसके अतिरिक्त उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत बीमाकर्ताओं के माध्यम से सहयोग करने हेतु कार्य करने में रूचि दिखायी।
मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि हनीवेल तथा वाटर हेल्थ ने राज्य में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने हेतु सेवायें देने की इच्छा व्यक्त की। हनीवेल के वाइस प्रेसीडेन्ट आर्थर सिम्मोनेती ने स्मार्ट शहरों में शुद्ध पानी की समस्या के निदान तथा वाटर हेल्थ के सीईओ संजय भटनागर ने एई/जेईएस प्रभावित गांवों में पेयजल शुद्धता हेतु जल संशोधन इकाई स्थापित करने में रूचि दिखाई। प्रतिनिधिमण्डल ने मेडट्रानिक्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीन सलमोन और उपाध्यक्ष जेम्स साउथविक से विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रदेश में कैथलैबों की स्थापना, जिला अस्पतालों में प्रीवेन्टिव एवं इनीशियल हेल्थ केयर सुविधाओं का पीपीपी माॅडल पर विकास करने के साथ-साथ कार्डिलाॅजिस्टों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में भी रूचि दिखायी। उन्होंने बताया कि वेरियन मेडिकल सिस्टम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक खूंटिया ने पीपीपी माॅडल पर प्रदेश में रेडियेशन आॅनकोलाॅजी विकसित करने में रूचि प्रदर्शित की।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इममर्सिव टच के चेयरमैन पी. पैट बनर्जी ने ऐसी तकनीक उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त की जिससे कम कीमत पर एमआरआई को रिप्लेस किया जा सकेगा। इसके अन्तर्गत सीटी स्कैन डायगनोसिस 3 डी रीडिंग से की जा सकेगी। इससे राज्य के ट्रामा सेन्टरों के उच्चीकरण में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि मर्क की निदेशक अनुपमा तंत्री ने महिलाओं के सरवाईकल कैन्सर के उपचार हेतु वैक्सीन उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त की। वे पंजाब और सिक्किम में सरवाईकल कैंसर के उपचार हेतु वैक्सीन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गिलीड साइन्ज की निदेशक क्लाउडिया लिलेनफेल्ड ने पंजाब की भांति उत्तर प्रदेश में हेपेटाईटिस सी हेतु वैक्सीन प्रोग्राम चलाने की इच्छा व्यक्त की। इसके अतिरिक्त मायलन के उपाध्यक्ष निमेश शाह ने हेपेटाइटिस प्रीवेन्शन प्रोग्राम से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।
प्रतिनिधिमण्डल ने अमेरिका में भारतीय राजदूत नवतेज सरना, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय उप राजदूत वैंकटेश अशोका और न्यूयार्क में भारतीय उप राजदूत संदीप चक्रवर्ती से भी मुलाकात की। बैठकों के दौरान भारतीय दूतावास द्वारा प्रदेश के निवेश प्रस्तावों के सक्रिय अनुश्रवण का आश्वासन दिया गया।








