स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) की 11वीं राज्य उच्च स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) की 11वीं राज्य उच्च स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। 

अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के निस्तारण का प्लाण्ट अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, गोरखपुर, मथुरा, फिरोजाबाद, झांसी, अयोध्या के साथ-साथ लखनऊ व कानपुर में भी लगाया जाए, क्योंकि लखनऊ और कानपुर दोनों ही बड़े शहर हैं और इन शहरों में पुराने भवनों को तोड़कर नये भवनों का निर्माण तेजी सेे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन नगर निगमों में प्लांट्स के लगने के विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है, वह उच्च स्तरीय टेक्निकल कमेटी से भी मंजूर करा ली जाए।  उन्होंने अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, गोरखपुर, मथुरा-वृंदावन, फिरोजाबाद, झांसी और अयोध्या नगर निगमों में 28.52 करोड़ की लागत से लगने वाले निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के निस्तारण के प्लांट में टेक्निकल कमेटी की मंजूरी का अधिकार नगर निगमों को दिए जाने का नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ0 रजनीश दुबे के सुझाव पर अपनी सहमति जताई।          

मुख्य सचिव ने बैठक में लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी और अयोध्या समेत आठ नगर निगमों में फीकल स्लज एवं सैप्टेज मैनेजमेंट (एफ.एस.एस.एम.) ऑनसाइट डीवॉटरिंग वाहनों की आपूर्ति की 51.20 करोड़ की विस्तृत कार्य योजना में कानपुर को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर हर नगर निगम को एक-एक वाहन की आपूर्ति कराये जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि वाहनों के रखरखाव का जिम्मा नगर निगमों को न देकर प्राइवेट एजेंसी को ही दिया जाए। इस बाबत अमृत के निदेशक अनुराग यादव ने बताया कि दो साल के रखरखाव की व्यवस्था आपूर्ति करने वाली कम्पनी ही करेगी एवं वाहनों को संचालित करने की भी जिम्मेदारी होगी।          

उन्होंने दो नगर निगम झांसी व फिरोजाबाद और 20 नगर पालिका रामपुर, बहराइच, मुजफ्फरनगर, मैनपुरी, उन्नाव, अमरोहा, हाथरस, संभल, बदायूं, बलिया, मिर्जापुर, ललितपुर, इटावा, हापुड़, रायबरेली, एटा, कन्नौज, फतेहपुर, सीतापुर और पीलीभीत में लेगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए 125 करोड़ की विस्तृत कार्य योजना को मंजूरी दे दी। उन्होंने वाराणसी में एक मीट्रिक टन की क्षमता के प्लास्टिक से फ्यूल प्लांट की कार्ययोजना पर निर्देश देते हुए कहा कि इस पर तकनीक के बारे में विस्तृत विचार विमर्श कर लिया जाए।         

बैठक में नगर निगम झांसी में 320 टी.पी.डी. की क्षमता के 23.97 करोड़ के ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ0 रजनीश दुबे ने बताया कि शेष सभी नगर निगमों में यह प्लांट लग चुका है। नगर निगम झांसी ही शेष रह गया था, जहां पर प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है।        

बैठक में अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ0 रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, सचिव नगर विकास अनुराग यादव सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।  

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