प्रदेश में नहीं हो रही किसानों से धान खरीद: हरिनाम सिंह वर्मा

लखनऊ (25 नवंबर,2020)।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसानों से धान खरीद नहीं हो पा रही है। नमी व टूटन के नाम पर किसानों को उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेश में अधिकतर क्रय केन्द्र बन्द पडें हैं। किसान ट्राली लेकर जब क्रय केन्द्र पहुंचता है तो पंजीकरण के नाम पर अथवा नमी व टूटन के नाम पर किसानों से धान खरीदने को मना कर दिया जाता है। अगर कोई किसान जिद करता है तो उसे एक माह बाद की तारीख दी जाती है। इस उत्पीड़न से तंग आकर किसान धान बिचैलियों को बेच देता है। वहीं बिचैलियें उसी धान को किसान के नाम पर मिलर्स को बेच रहे हैं।किसानों का धान 1200 से 1500 रुपये तक बिक रहा है। जबकि बिचैलिया समर्थन मूल्य पर बेच रहे हैं।

किसानों को अगर सरकार हाईब्रिड बीज दे रही है तो फिर धान क्यों नहीं खरीद रही। इस तरह के बीज जिसमें टूटन ज्यादा आती है पर सरकार को तुरन्त रोक लगानी चाहिए। आज किसान धान की ट्राली लेकर मंडियों पर पड़ा है, लेकिन उसकी सुध कोई लेना वाला नही है। सरकार के तमाम दावे जुमले साबित हो रहे हैं। इस बात का अंदाजा अब तक हुई खरीद से लगाया जा सकता हैं। पंजाब, हरियाणा में सरकार 98 प्रतिशत खरीद कर चुकी है। उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत भी खरीद नहीं हो पायी है। उत्तर प्रदेश में 25 गांवों में एक क्रय केन्द्र का एवरेज है जबकि पंजाब, हरियाणा में एक क्रय केन्द्र का एवरेज है।

सरकार को इस बयान का माध्यम से चेताना चाहते हैं कि किसानों के धान खरीद में सुधार कर तेजी लायी जाए साथ ही किसानो की मांग है की न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर एक गारंटीड कानून बनाया जाये जिससे चाहे कोई भी खरीददार हो किसानो को उनकी फसल,उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीददारी न हो अगर कोई इससे कम पर खरीद करे तो इस कानून के तहत सजा और कार्यवाही का प्रावधान हो। साथ ही कृषि बिलो में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लिखा भी जाये। अन्यथा प्रदेश को कमेटी से बात कर जल्द ही लखनऊ में धान खरीद के लिए भारतीय किसान यूनियन बडा आन्दोलन करेगी।

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