UPCM NEWS, PM-मोदी ने गोरखपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

गोरखपुर (24 फरवरी, 2019)।
UPCM NEWS, प्रधानमंत्री ने जनपद गोरखपुर के एफ.सी.आई. कैम्पस में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पी.एम.-किसान)’ का शुभारम्भ और विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर UPCM और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आजादी के बाद किसानों के हित की सबसे बड़ी योजना ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी.एम.-किसान)’ उत्तर प्रदेश में बाबा गोरखनाथ की धरती से आरम्भ हो रही है। योजना के लिये देश के किसानों को बधाई देते हुये उन्होंने कहा कि गोरखपुर की जनता दोहरी बधाई की हकदार है। यहां के लोग इस योजना के शुभारम्भ के साक्षी बने हैं, साथ ही इस अवसर पर गोरखपुर की स्वास्थ्य, सड़क, रेल, रोजगार और गैस आदि क्षेत्रों की लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया है। इन परियोजनाओं से गोरखपुर सहित पूर्वांचल क्षेत्र की जनता का जीवन सुगम और सुविधानजक बनेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘पी.एम.-किसान’ के प्रारम्भ होने से देश के करोड़ो किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध हो जाने से करोड़ो पशुपालक, मत्स्य पालक और दुग्ध व्यवसायी लाभान्वित होंगे। वर्तमान केन्द्र सरकार ने किसानों की छोटी-छोटी दिक्कतों पर भी ध्यान दिया और इनके सम्पूर्ण निवारण का कार्य किया। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिये केन्द्र सरकार हर साधन व संसाधन देने का प्रयास कर रही है।
देश के किसानों के सशक्तीकरण के लिये ‘PM-किसान’ योजना लागू की गयी है। आज 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 01 करोड़ 01 लाख किसानों के खातों में पहली किस्त की धनराशि अन्तरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके माध्यम से कुल 2021 करोड़ रुपये धनराशि किसानों के बैंक खातों में केन्द्र सरकार द्वारा सीधे भेजी गयी है। शेष किसानों को भी अगले कुछ सप्ताह में प्रथम किस्त की धनराशि उपलब्ध हो जायेगी। इस प्रकार देश के 12 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 02-02 हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल से ही टैबलेट कम्प्यूटर के द्वारा लाभार्थी किसानों के खातों में धनराशि का अन्तरण किया।
‘PM-किसान’ योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 75 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे जाएंगे। इस योजना से 05 एकड़ अथवा उससे कम भूमि वाले देश के 12 करोड़ छोटे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इस राशि की उपलब्धता से अब इन किसानों को खेती के लिये बीज, दवा, खाद की खरीद, बिजली के बिल के भुगतान अथवा कृषि सम्बन्धी अपनी अन्य जरूरतों के लिये परेशान नहीं होना पड़ेगा। भारत सरकार प्रत्येक लाभार्थी किसान के खाते में हर साल सीधे 06 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर करेगी, ताकि वे अपनी जरूरतों का काम कर सकें। ‘किसान सम्मान निधि’ की यह राशि किसानों के हक की है। इसे कोई भी वापस नहीं ले सकता। इस योजना के तहत अगले 10 साल में किसानों के बैंक खातों में साढ़े सात लाख करोड़ रुपए की धनराशि पहुंचेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘PM-किसान’ योजना के तहत प्रदान की जाने वाली धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। राज्यों की सरकारों को इसके लिये पात्र किसानों की सही सूची उपलब्ध करानी होगी। उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तराखण्ड राज्यों की सरकारों द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता पर किये जाने के लिये प्रधानमंत्री ने इसके लिये हृदय से अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा निवेश किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वान्चल क्षेत्र बदलाव के दौर से गुजर रहा है। गोरखपुर के खाद कारखाने पर तेजी से काम चल रहा है। यह कारखाना फिर से शहर की पहचान बनेगा। गोरखपुर में आज सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक और एम्स की ओ.पी.डी. का शुभारम्भ किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूर्वान्चल, पूर्वी भारत का एक बड़ा केन्द्र होने जा रहा है। इसे ध्यान में रखकर क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ायी जा रही है। गोरखपुर कैण्ट कप्तानगंज वाल्मीकिनगर रेल खण्ड के विद्युतीकरण और A.C. इलेक्ट्रिक लोको शेड को भी लोकार्पित किया गया। पूर्वान्चल की जनता को स्वच्छ ईधन 09 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली काण्डला से गोरखपुर LPG पाइप लाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी गयी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों को लाभ देने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का निर्णय लिया। इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से भारत सरकार 01 लाख करोड़ रुपए की धनराशि खर्च कर रही है। 30 से 40 वर्षों से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को इस योजना के लिए चुना गया है। पूरे देश में ऐसी 99 परियोजनाएं चिन्हित की गईं, जिनमें 70 से ज्यादा परियोजनाएं पूरी होने की स्थिति में हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार गरीबों और किसानों के कल्याण की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में भेजती है। PM-किसान योजना को फूलप्रूफ बनाया गया है, ताकि किसानों का अधिकार कोई छीन न सके। इस योजना में बिचैलियों की कोई गुंजाइश नहीं है। योजना में पारदर्शिता पर पूरा ध्यान दिया गया। लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर प्रदर्शित करने के बाद इसे PM-किसान पोर्टल पर अपलोड भी किया गया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार किसानों के हित में बीज से बाजार तक और खेत से खलिहान तक नयी व्यवस्था स्थापित करने का कार्य कर रही है। विगत साढ़े चार साल के दौरान किसानों को 17 करोड़ से ज्यादा मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए। शत-प्रतिशत नीम कोटेड यूरिया की व्यवस्था करके खाद का दुरुपयोग रोका है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए एम.एस.पी. पर उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए केन्द्र सरकार ने रबी और खरीफ की 22 फसलों की लागत का डेढ़ गुना तक मूल्य तय किया। मौसम की मार से किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की गयी।

किसानों की आय को दोगुना करने के लिए मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, जैविक खेती और सोलर फार्म सहित पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले वर्ष देश के किसानों को 11 लाख करोड़ रुपए का कृषि ऋण प्रदान किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड में पहले बिना गारण्टी 01 लाख रुपए का ऋण मिलता था, जिसे बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए किया गया। पशु पालकों और मत्स्य पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी शुरू की गयी। गोरखपुर में 01 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता की नयी डेयरी का लोकार्पण किया गया। इससे 50 हजार दुग्ध उत्पादक संघ लाभान्वित होंगे और हजारों रोजगार के अवसर भी बनेंगे। पिछले वर्ष राष्ट्रीय गोकुल मिशन स्थापित किया गया था। इस वर्ष राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाने का फैसला लिया। यह आयोग गौ माता, गौ सदन व गौशालाओं के कल्याण के लिए कार्य करेगा।
केन्द्र सरकार किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनाने के लिए भी कार्य कर रही है। इस उद्देश्य से किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से किसानों को 17 लाख से अधिक सोलर पम्प लगाने में मदद की जाएगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था हेतु बिजली अथवा डीजल पर पैसा खर्च करने से मुक्ति मिलेगी।
इससे पूर्व, अपने सम्बोधन में UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जहां जाते हैं, उस क्षेत्र में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वहां के लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन के लिये जाते हैं। बाबा गोरखनाथ ही धरती पर प्रधानमंत्री के रूप में वे दूसरी बार गोरखपुर आये हैं। इस बार भी प्रधानमंत्री यहां सौगातें देने आये हैं। आजादी के बाद किसानों के हित की सबसे बड़ी योजना ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ का शुभारम्भ प्रधानमंत्री गोरखपुर से कर रहे हैं। इस योजना का शुभारम्भ गोरखपुर से करने के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री का हृदय से स्वागत करते हुये कहा कि ‘PM-किसान’ से प्रदेश के 02 करोड़ 14 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री भारत की 130 करोड़ जनता की सुख-सुविधा और समृद्धि के लिये कार्य करने के साथ-साथ विश्व शान्ति के लिये भी पूरी प्रतिबद्धता से प्रयासरत हैं। ‘सियोल शान्ति पुरस्कार’ प्राप्त करने के बाद यह उनका प्रदेश का पहला भ्रमण कार्यक्रम है। इस पुरस्कार से प्रदेश व देश का गौरव बढ़ाने के लिये मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को बधाई दी।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में काशी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे इसकी पुरातन संस्कृति को बचाते हुए आधुनिकता का समावेश करने के लिए कृतसंकल्पित हैं। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में गोरखपुर में एम्स की आधारशिला रखी थी, जिसकी ओ.पी.डी. का उन्होंने शुभारम्भ किया है। एम्स में इस वर्ष पढ़ाई के लिये प्रवेश शुरू हो जायेगा। प्रधानमंत्री ने BRD मेडिकल काॅलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक का लोकार्पण किया करके मेडिकल काॅलेज में न्यूरोलाॅजी, नेफ्रोलाॅजी, यूरोलाॅजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोलाॅजी, सर्जरी, आन्कोलाॅजी एवं कार्डियोलाॅजी जैसी 08 सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं दी हैं।
UPCM ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत देश में 6.5 करोड़ निःशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये। प्रधानमंत्री ने प्रदेश के बलिया जनपद से इस योजना का शुभारम्भ किया था। ‘आयुष्मान भारत योजना’ की धूम घर-घर मची है। गन्ना किसानों सहित सभी किसानों के लिये प्रधानमंत्री द्वारा 55 माह में किया गया कार्य पिछले 55 साल पर भारी पड़ा है। उन्होंने किसानों के हित में गन्ने से एथेनाॅल तैयार किये जाने को मंजूरी दी। इसके लिये प्रदेश के 37 लाख गन्ना किसान परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुये UPCM ने कहा कि पिपराइच, गोरखपुर तथा मुण्डेरवा, बस्ती में नयी चीनी मिलें स्थापित की जा रही हैं। यह मिलें प्रतिदिन 50 हजार कुन्तल गन्ने की पेराई करेंगी। इन मिलों में आवश्यकतानुसार चीनी के उत्पादन के साथ ही गन्ने से एथेनाॅल भी तैयार किया जायेगा।
UPCM ने कहा कि गोरखपुर का खाद कारखाना वर्ष 1990 से बन्द था। प्रधानमंत्री ने जुलाई, 2016 में इसके पुनरोद्धार की नींव रखी। इसका 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। वर्ष 2020 में गोरखपुर कारखाना खाद के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देने लगेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 06 हवाई अड्डों से नियमित वायु सेवा उपलब्ध है। 09 हवाई अड्डों के विकास के लिये युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-किसान)’ के विभिन्न राज्यों के 10 लाभार्थी किसानों को PM-किसान सम्मान-पत्र प्रदान किए। इन कृषकों में उत्तर प्रदेश के कमलेश एवं माजिद, बिहार के वशिष्ठ सिंह, गुजरात के सुरेश भाई बसाबा, हरियाणा के बलराज, झारखण्ड के इन्द्र नारायण कुशवाहा, महाराष्ट्र के गौतम पवार, तमिलनाडु के टी. राजेन्द्रन, त्रिपुरा के केशव राॅय और उत्तराखण्ड के जसपाल सिंह शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने मत्स्य पालन के लिए राम निवास, बकरी पालन के लिए मैना देवी और डेयरी योजना के लिए मेवाती देवी को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। यह सभी लाभार्थी उत्तर प्रदेश के हैं।

प्रधानमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना के सम्बन्ध में केरल, कर्नाटक, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के किसानों से बातचीत भी की।
UPCM ने कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री को शाॅल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह् देकर स्वागत किया। जनपद आगमन पर UPCM ने गोरखपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद डाॅ. महेन्द्रनाथ पाण्डेय, सांसद कलराज मिश्र, सांसद वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मण्डलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन, निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।








