UPCM ने अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए

लखनऊ (22 फरवरी, 2019)।
UPCM
ने अधिकारियों को मानसून से पहले ही बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी कार्यों को पूर्ण करने लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्य ई-टेण्डरिंग के माध्यम से समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से कराए जाने चाहिए।

UPCM ने यह निर्देश लोक भवन में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा अनपेक्षित/आपातकालीन परियोजनाओं की प्रस्तावित नीति के प्रस्तुतिकरण के दौरान दिए। बाढ़ काल में अचानक कटान की समस्या उत्पन्न होने पर परियोजना स्वीकृति की सामान्य प्रक्रिया का तत्समय पालन करने का अवसर नहीं रहता है। ऐसे में आबादी व सम्पत्ति की सुरक्षा हेतु तत्काल क्रियान्वित करने की अपरिहार्यता पर गठित परियोजनाएं अनपेक्षित/आपातकालीन श्रेणी की परियोजनाएं हैं।

इन परियोजनाओं के अन्तर्गत बोल्डर वायर क्रेट, गैबियन जियो बैग/जियो ट्यूब, ई.सी. बैग प्लेसिंग, पेड़ लगाकर किनारों पर स्थापित करना, बल्ली पाईलिंग + ई.सी. बैंग + झांकड़ और परक्यूपाइन स्टड + झांकड़ + ई.सी. बैंग प्लेसिंग आदि का कार्य कराया जाएगा। नीति के तहत संचालित परियोजनाओं को अधिक से अधिक 02 माह में पूर्ण कराया जाएगा। UPCM ने परियोजनाओं के संचालन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए जाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर पुनरीक्षित उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना-द्वितीय एवं विभिन्न नदियों में प्रस्तावित ड्रेजिंग के कार्य के सम्बन्ध में भी प्रस्तुतिकरण किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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