UPCM मंत्रिमंडल के सिंचाई मंत्री ने विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की
लखनऊ (14 फरवरी, 2019)। UPCM मंत्रिमंडल के सिंचाई एवं सिंचाई (यांत्रिका) मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यांत्रिक के नवीन नलकूपों का निर्माण कार्य मार्च 2019 तक शीर्ष प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाये। सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी 1092 नलकूपों से मार्च, 2019 के अन्त तक सिंचाई हेतु पानी की आपूर्ति शुरू हो जानी चाहिए। उन्होंने यांत्रिक के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लोग इस काम मे लग जायें तथा प्रत्येक दशा में मार्च से किसानों को पानी मिलना प्रारम्भ हो जाना चाहिए। सिंचाई मंत्री ने कहा कि यदि मार्च तक नवीन नलकूपों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तथा सिंचाई हेतु पानी की सप्लाई नहीं हो पायी तो निश्चित ही संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नहरों के संचालन का लगातार निरीक्षण करते रहे और कहीं भी अवैध तरीके से नहरों का कटाव न होने दें। उन्होंने कहा कि सभी अवैध कुलाबों को बन्द करे और नहरों के किनारों पर होने वाले सीपेज पर रोक लगाये ताकि किसानों की फसल को नुकसान न पहुंचे। प्रमुख अभियन्ता (परियोजना) पी.पी. पाण्डेय ने सिंचाई मंत्री को अवगत कराया कि सिंचाई विभाग की विश्व बैंक पोषित परियोजना UPWSRP (पैक्ट) द्वारा परियोजना जनपदों में सीपेज रोकने का कार्य किया जा रहा है।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि नहरों को अवैध तरीके से काटने पर किसानों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करायें और यदि जे.ई अवैध कटान रोकने में सफल नहीं होते हैं तो तत्काल उन्हें निलम्बित कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है कि अवैध कटान को रोककर प्रत्येक किसान के खेत तक पानी पहुंचाना है। इसमें लापरवाही किसी भी कीमत पर बरर्दाश्त नहीं की जायेगी। सिंचाई मंत्री ने शासन के अधिकारियों को भी नहरों को निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नहरो का साफ-सफाई, ऊचाई एवं सुदृढ़ीकरण का विशेष ध्यान दें और सिल्ट को बेच कर विभागीय राजस्व को बढ़ाने में भी सहयोग करें। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र की नहरों की घास, खर, पतवार एवं छोटे-छोटे पौधों को काटकर पानी की सप्लाई को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों की गड्ढा मुक्ति कार्य को अभियान चलाकर मार्च 2019 के अन्त तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि UPCM का निर्देश है कि बाढ़-बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्यों को प्रत्येक दशा में मई 2019 तक पूर्ण कर लिया जाये। सिंचाई मंत्री ने कहा कि बाढ़-बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापवाही नहीं होनी चाहिए। बाढ़ से हुए कटाव एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि ई-टेण्डर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाये और भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे के पैसे का लेन-देन पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी अधूरी परियोजनाओं को निर्धारित समय के अन्दर पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि आवंटित किये गये बजट का शतप्रतिशत उपयोग निर्धारित समय में उपयोग कर शासन को सूचित करें।
बैठक में विशेष सचिव अनीता सिंह वर्मा, सारिका मोहन, प्रमुख अभियन्ता पी.पी.पाण्डेय, ध्यान सिंह तथा अन्य मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता एवं अधिशासी अभियन्ता उपस्थित रहे।