UPCM बोले उत्तर प्रदेश विकास के नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा
उत्तर प्रदेश (11 फरवरी, 2019)। UPCM ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास के नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, देश के अंदर आज संभावनाओं को हकीकत में बदल रहा है। विगत 22 महीनों के दौरान प्रदेश ने फिर से अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। UPCM ने विधान सभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने विचार व्यक्त किये।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण, सूक्ष्म एवं लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया है। सौभाग्य योजना में पूरे देश में कुल पौने तीन करोड़ परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं, उनमें से लगभग एक करोड़ कनेक्शन अकेले उत्तर प्रदेश ने देकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
UPCM ने कहा कि गेहूं, गन्ना तथा दुग्ध उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने पुनः प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कौशल विकास की नीति को लागू करने वाला और कौशल विकास के माध्यम से सबसे अधिक रोज गार और प्लेसमेंट देने वाला राज्य भी उत्तर प्रदेश बना है। कृषि निवेश में अनुदान के भुगतान में DBT के माध्यम से देश के अंदर पहला राज्य उत्तर प्रदेश है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में 12 राष्टींय पुरस्कार उत्तर प्रदेश ने हासिल किये। उत्तर प्रदेश को तिलहन की सर्वश्रेष्ठ उत्पादकता और उत्पादन के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ई-टेण्डरिंग में सर्वोत्तम परफारमेंस के लिए भी बेस्ट परफारमेंस अवार्ड उत्तर प्रदेश को ही प्राप्त हुआ है। स्टार्टअ प रेंकिंग में उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि हासिल की है उसके लिए भी उत्तर प्रदेश को सम्मानित किया गया है।
UPCM ने कहा कि स्किल डेव लपमेण्ट में प्रदेश सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उत्तर प्रदेश में पहली बार 21 से 23 जनवरी, 2019 तक प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन प्रदेश की राजधानी के बाहर प्राचीन, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में पूरी भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के समय जब यह आयोजन प्रारम्भ हुआ था तब प्रवासी भारतीय दिवस सिर्फ एक दिन का होता था।
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री ने इसे दो दिवसीय बनाया और उत्तर प्रदेश में आने के बाद प्रवासी भारतीय दिवस तीन दिवसीय हो गया। यह अब तक का सबसे सफलतम, सबसे भव्य आयोजन था जिसमें 7 हजार से अधिक अप्रवासी भारतीयों ने भाग लिया। प्रवासी भारतीय दिवस उत्तर प्रदेश के लिए एक उपलब्धि है क्योंकि उत्तर प्रदेश एक पार्टनर के रूप में इस कार्यक्रम के साथ जुड़ा हुआ था। 3 हजार से अधिक अप्रवासी भारतीय, कुम्भ दर्शन के लिए प्रयागराज आये।
प्रयागराज कुम्भ 15 जनवरी, 2019 से प्रारम्भ हुआ है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यूनेस्को ने इसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी। प्रयागराज कुम्भ की भव्यता एवं दिव्यता को दुनिया सराह रही है कुम्भ में बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 450 सौ वर्षों के बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप का दर्शन करने का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हो रहा है। आजादी के बाद किसी भी कुंभ में जल की अविरलता और निर्मलता इस रूप में नहीं थी जितना इस बार के कुंभ में है।
वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार के प्रयासों से कुंभ में गंगाजी को अविरल और निर्मल बनाने का काम किया गया है। पिछले कुंभ में, जो महाकुंभ था, उसमें छः स्नान हुए थे और 12 करोड़ लोग आए थे। अब तक कुम्भ में सम्पन्न चार स्नान में साढ़े सोलह करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर लिया है। यह समागम में इस बात को साबित करता है कि भारत की सनातन परम्परा कितनी अनुशासित है, कितनी संस्कारित है।
UPCM ने कहा कि देश और दुनिया अयोध्या को श्री राम के नाम पर जानती है। हमें इस बात पर गौरव की अनुभूति है कि भारत की आस्था के तीन महत्वपूर्ण स्तम्भ-अयोध्या, मथुरा और काशी-तीनों उत्तर प्रदेश में हैं। पूरब से पश्चिम को जोड़ने का आधार श्रीकृष्ण हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से हिमालय में केदारनाथ से लेकर सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम तक एकता के सूत्र में पिरोये हुए हैं।
UPCM ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में गोमती रिवर फ्रंट में 347 करोड़ रूपये का कुल DPR था जिसमें 1437 करोड़ रूपये खर्च हो गये और तब भी कार्य अधूरा था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में बिना जमीन के जो बिडस निकाली गयी वह 15 हजार 2 सौ करोड़ रूपये की थी। हमारी सरकार ने 11 हजार 8 सौ करोड़ रूपये में उस से चौड़ा, उससे अच्छा एक्सप्रेस-वे बना रही है।
प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा की गारण्टी, यह सरकार का दायित्व है, सरकार इस दायित्व का निर्वहन करेगी। कैराना औरा कांधला के बीच में PAC की एक कम्पनी स्थापित की जाएगी। हमारी सरकार हर व्यक्ति को स्वावलम्बन की ओर अग्रसर कर रही है इसके लिए अनेक योजनायें संचालित की गई है। वन डिस्टिंक्ट-वन प्रोडेक्ट योजना देश की एक अभिनव योजना है। आज तमाम देश, तमाम प्रदेश इसको एडाप्ट कर रहे हैं। परंपरागत उद्यमी आज उससे प्रेरित हो रहा है। 78,000 से अधिक लोगों को मुद्रा योजना के अन्तर्गत सीधे बैंकों से लोन उपलब्ध कराया है और 4 लाख से अन्य उद्यमी इससे सीधे-सीधे लाभान्वित हुए हैं।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को लागू किया है। नाई, मोची, बढ़ई, कुम्हार जैसे 15 अलग-अलग क्षेत्र में कार्य करने वाले उद्यमी जिन्होंने गांधी जी के ग्राम स्वावलम्बन को आगे बढ़ाया, उनके लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की है। इसके माध्यम से टेंनिंग, टेंनिंग के दौरान मानदेय देना निःशुल्क टूलकिट और फिर बैंकों से उन्हें जोड़ते हुए सम्मान के साथ उनके आगे बढ़ने के लिए कार्य किया जाएगा। 15 हजार लोगों को एक ही दिन में सम्मान दिया गया। हमारी सरकार द्वारा आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के 5 महीने के अन्दर ही 62 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया। आने वाले दिनों में फिर 62 हजार करोड ़ रुपये का और निवेश होगा।
UPCM ने कहा कि प्रदेश में विकास की सम्भावनाएं बढ़ी हैं। सरकार ने विकास कार्यां को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया है। सरकार डिफेंस कोरीडोर, बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे और मेरठ से लेकर प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे आदि कार्यां को पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्रियान्वित करेगी। बाण सागर सिंचाई परियोजना को संचालित करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार ने एक साथ, एकमुश्त पैसा दिया है। आज मिर्जापुर जनपद की डेढ लाख हेक्टेयर भूमि इससे सिंचित हो रही है और प्रयागराज की भी 02 हजार हेक्टेयर भूमि को बाणसागर परियोजना से जल मिल रहा है। राज्य सरकार सरयू नहर परियोजना, मध्य गंगा परियोजना, अर्जुन सहायक परियोजना के लिये एक साथ पैसा देने का काम कर रही है। दिसम्बर, 2019 तक उत्तर प्रदेश में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि हम सिंचाई के योग्य बनायेंगे।
UPCM ने प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लघु और सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 06 हजार रूपये देने की घोषणा की, उससे पूरे देश का 12 करोड़ किसान लाभान्वित होने जा रहा है । इस योजना से उत्तर प्रदेश के लगभग 02 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के 200 विकासखंडों को डार्कजोन में बदल दिया था। वर्तमान सरकार ने किसानों को विद्युत कनेक्शन देने का काम किया है। पिछली सरकारों में प्रोक्योरमेंट नहीं होता था न धान का, न गेहूं का। 5-5 वर्षो का गन्ना किसानों का गन्ना मूल्य बकाया था। हमारी सरकार ने पिछले वर्ष से अब तक 52 हजार करोड़ रूपये से अधिक गन्ना किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया है।
UPCM ने कहा कि मार्च, 2017 के पहले बिजली का असमान वितरण किया जाता था।वर्तमान राज्य सरकार ने विद्युत वितरण की व्यवस्था सभी जनपदों के लिए समान रूप से लागू की। 24 घण्टे, 20 घण्टे और 18 घण्टे विद्युत की आपूर्ति समान रूप से प्रदेश के अन्दर हो रही है। वर्तमान सरकार ने मुसहर जाति के प्रत्येक परिवार को राशनकार्ड दिया और प्रत्येक को आवास देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना भी लागू की। आजादी के पहले बसे वनटांगिया गांवों को आजादी के बाद भी मान्यता नहीं मिल पायी, उनको राजस्व ग्राम के रूप में मान्यता दी गयी है। थारू जाति तथा कोल जनजाति के साथ-साथ ऐसी तमाम जातियॉं जिनकी कोई आवाज नहीं थी, वर्तमान सरकार इन सभी जातियों के लिए कार्य कर रही है।
UPCM ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में अपने प्रत्येक कर्मचारी के हितों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन समाप्त करके नई पेंशन स्कीम वर्ष 2005 में लागू की गई थी। पूर्ववर्ती सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम में कर्मचारियों के खाते तक नहीं खोले और उस खाते में दिया जाने वाला शासन का अंशदान भी नहीं दिया। वर्तमान सरकार 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक धनराशि देने जा रही है। प्रत्येक कर्मचारी के खाते में वह पैसा दिया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने अंशदान में स्टेट के शेयर को 10 प्रतिशत से बढ़ा करके 14 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
UPCM ने कहा कि विगत दिनां प्रदेश के अंदर एक दुःखद घटना घटित हुई है। जनपद कुशीनगर व सहारनपुर शराब काण्ड से मौतें हुई हैं, उस घटना को बहुत ही गम्भीरता से लिया है। हमारी पूरी संवेदना उन पीड़ित परिवारों के प्रति है। पीड़ित परिवारों को दो- दो लाख रुपये की सहायता, जिनका उपचार चल रहा है उनको 50-50 हजार रुपये की सहायता हमने पहले ही घोषित किया है। घटना दुःखद है, लेकिन हम इसकी तह में जायेंगे। लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे ऐसे तत्वों के खिलाफ प्रदेश सरकार बहुत सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी। हमारी सरकार ने इस प्रकार का प्रावधान किया है कि ऐसे मिलावट खोरों को फांसी की सजा मिले और हम आगे भी कार्रवाई करेंगे।
UPCM ने कहा कि आज हर-एक क्षेत्र में काफी नई प्रगति हुई है। हम लोग नई योजनाओं के साथ आये हैं। प्रदेश के ऐसे पात्र वृद्धजन, निराश्रित महिलाएं तथा दिव्यांगजन जिन्हें कभी पेंशन की सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया उन्हें हमारी सरकार ने पेंशन देने का निर्णय लिया। इसके लिए पेंशन कैम्प लगा करके पेंशन उपलब्ध कराने का कार्य किया है। दिव्यांग पेंशन हम पहले ही 300 रुपये से 500 कर चुके थे। वृद्धावस्था पेंशन में हम लोगों ने यह राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये की है। सरकार ने सभी फर्जी राशन कार्ड समाप्त करते हुए हर एक व्यक्ति को राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया। वर्तमान में 3 करोड़ 55 लाख परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराये गये हैं। राशन कार्ड में अन्त्योदय और पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड जिसमें 2 रूपये प्रति किलो चावल और 3 रूपये किलो गेहॅूं प्रत्येक परिवार को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था भी युद्ध स्तर पर की गई है कोई भी लाभार्थी इससे वंचित नहीं रहने पायेगा। हमारी सरकार ने 3700 से अधिक कुष्ठरोगी परिवारों को एक-एक आवास देने का निर्णय लिया है।
सरकार ने अवैध बूचड़खानों को रोका है। गोवंश के संरक्षण के साथ-साथ उसके सम्वर्द्धन की व्यवस्था के लिए जनपदों में धनराशि दी है, नगर निकायों को भी धनराशि दी गयी है। गोवंश के चारे के लिए भी अतिरिक्त धनराशि दी है। अब तक लगभग 03 लाख निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थलों पर रखने का कार्य किया गया है।