UPCM ने लोक भवन में विभिन्न संस्थानों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश (13 दिसम्बर, 2018)।
UPCM ने लोक भवन में विभिन्न संस्थानों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में प्रचलित कार्यवाही की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को कार्याें को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिये।

UPCM लोक भवन में विभिन्न संस्थानों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए
UPCM लोक भवन में विभिन्न संस्थानों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए

UPCM ने लोक भवन में सम्पन्न समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में इस विश्वविद्यालय की स्थापना सम्बद्धता प्रदान करने वाले संस्थान के रूप में किया जाए।

UPCM ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में राजकीय मेडिकल काॅलेज और अन्य चिकित्सा संस्थानों की स्थापना हो रही है। इनके लिए बड़ी संख्या में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की बैकबोन हैं। मरीज के उपचार की बड़ी जिम्मेदारी इन कार्मिकों पर होती है। इनकी पर्याप्त उपलब्धता से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होती हैं। इसके दृष्टिगत, नर्सिंंग एवं पैरामेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु तेजी से कार्य किया जाए। साथ ही, स्टेट मेडिकल फैकेल्टी को भी सुदृढ़ किया जाए।

UPCM समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए
UPCM समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए

UPCM ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना भी प्रथम चरण में सम्बद्धता प्रदान करने वाले विश्वविद्यालय के रूप में की जाए। इसके लिए विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर विस्तृत कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि इसके अन्तर्गत देश में प्रचलित सभी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को शामिल किया जाए। समीक्षा के दौरान UPCM ने अधिकारियों से राज्य कौशल विश्वविद्यालय तथा फाॅरेंसिक साइंस एवं साइबर क्राइम से सम्बन्धित विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, KGMU के कुलपति डाॅ. M.L.B. भट्ट, सचिव कौशल विकास भुवनेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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