UPCM के समक्ष UP-उपभोक्ता संरक्षण नियमावली, 1987 के संदर्भ में माॅडल रूल्स को प्रख्यापित किए जाने हेतु प्रस्तुतिकरण किए गया

उत्तर प्रदेश (30 अक्टूबर, 2018)।
UPCM को लोक भवन में उत्तर प्रदेश उपभोक्ता संरक्षण नियमावली, 1987 के संदर्भ में माॅडल रूल्स को प्रख्यापित किए जाने हेतु प्रस्तुतिकरण किया गया।
UPCM को प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रमुख सचिव खाद्य निवेदिता शुक्ला वर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-2740/2007 के तहत 21 नवम्बर, 2016 को भारत सरकार को राष्ट्रीय आयोग, राज्य आयोग एवं जिला फोरम के सदस्यों की नियुक्ति, सेवा एवं शर्तों के सम्बन्ध में एकरूपता बनाए जाने हेतु माॅडल रूल्स प्रख्यापित करने के उपरान्त उच्चतम न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे।

UPCM को प्रमुख सचिव ने अवगत कराया कि उच्चतम न्यायालय के इस आदेश के अनुपालन में भारत सरकार द्वारा माॅडल रूल्स प्रख्यापित करते हुए न्यायालय के समक्ष दाखिल किए गए, जिन्हें न्यायालय द्वारा 18 मई, 2018 को स्वीकृत किया गया और भारत के समस्त राज्यों को निर्देशित किया गया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 30 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकार के तहत तय समय सीमा के तहत माॅडल रूल्स प्रख्यापित किए जाएं। इसी क्रम में आज यह प्रस्तुतिकरण किया गया।
UPCM ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ता संरक्षण के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है। ऐसे में माॅडल रूल्स का प्रख्यापन उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार शीघ्रातिशीघ्र किया जाए।
बैठक में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








