UP_Dy_CM ने कहा प्रदेश सरकार शिक्षकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने हेतु प्रयासरत

उत्तर प्रदेश।
UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा ने नेशनल पी.जी. कालेज लखनऊ के परिसर में लुआक्टा व नेशनल पी.जी. कालेज के संयुक्त तत्वावधान में “Changing Paradigm of Higher Education in India: Issues & Challenges with special reference to Uttar Pradesh” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त किये।

UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए
UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए

UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि शिक्षक की पहचान उनके पठन-पाठन व्यक्तित्व एवं उनके क्रिया-कलापों से होती है। शिक्षक न केवल छात्रों को पढ़ाता है बल्कि वह समाज का निर्माण भी करता है। शिक्षकों को छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु निरन्तर प्रयास करना चाहिए। प्रदेश सरकार शिक्षकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने हेतु प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिक्त अध्यापकों के पदोें की भर्ती यथाशीघ्र सुनिश्चित करायी जायेगी। प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में नकल विहीन परीक्षा का आयोजन कराया जायेगा।

लुआक्टा अध्यक्ष डाॅ. मनोज पाण्डेय के माँगपत्र के क्रम में UP_Dy_CM ने कहा कि महाविद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं का सरकार सकारात्मक रूप से निदान करने और उनकी मांगो पर गम्भीरता से विचार करेगी। सरकार का प्रयास होगा कि शिक्षकों की समस्याओं का अधिक से अधिक समाधान किया जाये जिससे सरकार की मंशा सुखी मन शिक्षक, तनाव मुक्त विद्यार्थी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की संकल्पना को पूरा किया जा सके।

UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा नेशनल पी.जी. कालेज लखनऊ के परिसर में आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए
UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा नेशनल पी.जी. कालेज लखनऊ के परिसर में आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए

विशिष्ट अतिथि के रूप में रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला एवं अरबी फारसी विश्वविद्यालय कुलपति डाॅ. माहरूख मिर्जा ने भी शिक्षा एवं शिक्षकों की महत्ता पर बल देते हुए अपने विचार व्यक्त किये। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो। एस.पी. सिंह द्वारा बदलते परिवेश में शिक्षा की चुनौतियों से शिक्षकों को अवगत कराया और उन्हें इन चुनौतियों से उबरने के लिए स्वंय को आगे आने का संदेश दिया। उन्होंने UP_Dy_CM से आग्रह किया कि बदलते परिवेश में सरकारों को शिक्षकों के हितो का ध्यान रखना चाहिए जिससे शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तनाव मुक्त होकर विद्यार्थियों को प्रदान कर सकें। इस अवसर पर एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया जिसमें विद्वान शिक्षकों के लेखो के अतिरिक्त शासनादेशों का भी संकलन है जिसको UP_Dy_CM ने जनोपयोगी बताते हुए प्रशंसा की।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. पद्म सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. दिनेश कुमार, महामंत्री डाॅ. दुर्गेश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश सेवानिवृत्ति शिक्षक संघ के अध्यक्ष एवं लुआक्टा के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. संग्राम सिह चौहान, अनुदानित स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डाॅ. के.एस. पाठक एवं राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के महामंत्री डाॅ. हेमन्त सिंह, रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के महामंत्रीे डाॅ. दानवीर सिंह, मानेदय शिक्षको की ओर से सुआक्टा के संयुक्त मंत्री डाॅ. अजय मिश्र और प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षक भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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