UPCM ने शासन की प्राथमिकताओं और विकास कार्यक्रमों को जनसामान्य तक पहुंचाने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शासन की प्राथमिकताओं और विकास कार्यक्रमों को जनसामान्य तक पहुंचाने के निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए नामित नोडल अधिकारी विकास कार्यक्रमों के अनुश्रवण और उनके स्थलीय निरीक्षण की कार्यवाही प्रत्येक माह किया जाना सुनिश्चित करें। यह सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याओं का प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन व जनपद की सभी प्रमुख परियोजनाओं, कार्यों व प्राथमिकताओं का समयबद्ध ढंग से क्रियान्यवन सुनिश्चित कराने तथा इन योजनाओं का लाभ जनता को उपलब्ध कराने में नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
UPCM ने शास्त्री भवन में विभिन्न जनपदों के लिए शासन की प्राथमिकता एवं विकास कार्यक्रमों के अनुश्रवण एवं स्थलीय निरीक्षण हेतु नामित नोडल अधिकारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी अपने से सम्बन्धित जनपदों में प्रत्येक माह भ्रमण कर योजनाओं की समीक्षा एवं सत्यापन सुनिश्चित करें। नोडल अधिकारियों द्वारा जनपदों में किए गए भ्रमण के दौरान पायी गई कमियों का जनपद स्तर पर ही समाधान कराया जाए। नोडल अधिकारियों की निरीक्षण आख्या में इंगित की गई कमियों व कठिनाइयों का सभी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शत-प्रतिशत समाधान व अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

UPCM ने कहा कि नोडल अधिकारियों द्वारा जनपदों में भ्रमण कार्यक्रम प्रत्येक माह के दूसरे सप्ताह तक सम्पन्न किया जाए। इसके बाद उस माह के चैथे सप्ताह सम्बन्धित जनपद के प्रभारी मंत्री द्वारा भ्रमण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन के सभी महत्वपूर्ण एजेण्डा बिन्दुओं की समीक्षा बैठक की जाए। बड़ी लागत की 02 परियोजनाओं के स्थलीय निरीक्षण के साथ-साथ कार्यालयों जैसे-थाना, तहसील, जिला चिकित्सालय, CHC, PHC, अन्य विभागों के जिला स्तरीय कार्यालय, स्थानीय निकाय व विकास खण्ड का निरीक्षण किया जाए। किसी एक ग्राम का भ्रमण व निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। इस निरीक्षण और भ्रमण के दौरान विशेष उल्लेखनीय तथ्यों और पायी गई कमियों के लिए दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और सुधार के लिए विशिष्ट सुझावों का उल्लेख भी प्रस्तुत किया जाए।
UPCM ने कहा कि नोडल अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण की आख्या कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में भी प्रेषित की जाए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए फीडबैक को शासन स्तर पर गम्भीरता से लिया जाएगा। नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए फीडबैक का समाधान तत्परता से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी सम्बन्धित जिलाधिकारी से विचार-विमर्श कर भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित करें।
UPCM ने कहा कि जनपद भ्रमण व निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ कार्य पूर्ण करने की समयबद्धता की समीक्षा भी अवश्य की जाए। उन्होंने कहा कि लम्बित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह देखा जाए कि यह परियोजनाएं अभी तक पूरी क्यों नहीं हुई हैं। कार्य में शिथिलता पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

UPCM ने कहा कि जनपद भ्रमण के दौरान अपराधों खासतौर पर महिला अपराधों के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही, अनुसूचित जाति व जनजाति के विरुद्ध अपराध, यातायात व्यवस्था व नियमों के अनुपालन, डायल-100 के कार्यों व शिकायतों के सम्बन्ध में, कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण घटनाओं व त्योहारों की तैयारी, भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही, राजस्व वादों का निस्तारण, राजस्व विभाग की सेवाओं की स्थिति, बाढ़ व सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, तहसील समाधान दिवस, चकबन्दी वाद, IGRS, चिकित्सकों की उपस्थिति व दवाओं की उपलब्धता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, छात्रवृत्ति एवं पेंशन योजना, 1090 व 181 महिला हेल्पलाइन, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, अमृत व स्मार्ट सिटी योजना, सड़कों व सेतुओं का निर्माण, नमामि गंगे, छात्रों को पुस्तकें व यूनिफार्म वितरण, विद्युत आपूर्ति, कृषि योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन आदि के सम्बन्ध में विस्तृत समीक्षा व निरीक्षण किया जाए।
इनके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, एक जनपद-एक उत्पाद योजना, सामाजिक वनीकरण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा इन्वेस्टर्स समिट-2018 के दौरान हस्ताक्षरित हुए M.O.U के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में भी समीक्षा की जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक त्रिवेदी, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय कुमार नारायण सहित प्रदेश के जनपदों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।








