योगी सरकार में केजीबीवी से क्रिकेट तक उन्नाव की बेटियां रच रही हैं इतिहास
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अर्चना देवी और उभरती खिलाड़ी निशा वर्मा ने राज्य परियोजना कार्यालय में साझा किया संघर्ष से सफलता तक का सफर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बेटियों को दिए जा रहे अवसर उनके जीवन की दिशा बदल रहे हैं, इसका जीवंत उदाहरण सोमवार को राज्य परियोजना कार्यालय, लखनऊ में देखने को मिला। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, औरास, उन्नाव से पढ़कर निकलीं दो प्रतिभाशाली क्रिकेट खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अर्चना देवी और उभरती खिलाड़ी निशा वर्मा अपनी शिक्षिका पूनम के साथ राज्य परियोजना कार्यालय पहुंचीं। दोनों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी से मुलाकात कर अपने संघर्ष, उपलब्धियों और भविष्य के सपनों को साझा किया।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के माध्यम से हम वंचित वर्ग की बेटियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेल, कौशल और आत्मविश्वास का मंच भी दे रहे हैं।
अर्चना देवी और निशा वर्मा की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सरकारी विद्यालयों से भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाएं निकल रही हैं। उन्नाव के छोटे से गांव से निकलकर विश्व कप जीतने तक का सफर योगी सरकार की उस सोच को साकार करता है, जिसमें हर बेटी को अवसर मिले।
उन्नाव के एक छोटे से गांव में जन्मी अर्चना देवी का जीवन संघर्षों से भरा रहा। ग्रामीण परिवेश, बचपन में ही पिता का निधन, आर्थिक चुनौतियां और सामाजिक कठिनाइयों के बावजूद अर्चना ने हार नहीं मानी। वर्ष 2023 में आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रहीं अर्चना ने बताया कि उन्हें बचपन में यह भी नहीं पता था कि क्रिकेट क्या होता है। केजीबीवी औरास में प्रवेश मिलने के बाद ही उनकी खेल प्रतिभा को पहचान मिली और यहीं से उनके करियर की शुरुआत हुई।
इसी विद्यालय की पूर्व छात्रा निशा वर्मा आज उत्तर प्रदेश की उभरती हुई महिला क्रिकेटर हैं। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज निशा उत्तर प्रदेश अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और बीसीसीआई के अंडर-19 महिला घरेलू टूर्नामेंट में प्रदेश के लिए खेल चुकी हैं। अक्टूबर 2024 में उनका चयन उत्तर प्रदेश अंडर-19 टीम में हुआ था। निशा ने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत कुछ सुनना पड़ा, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट हो तो हर बाधा पार की जा सकती है।
दोनों खिलाड़ियों ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को संदेश दिया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। योगी सरकार बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए प्रशिक्षण, संसाधन और बेहतर मंच उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में केवल प्रतिभा और प्रदर्शन की पहचान होती है, गांव या पृष्ठभूमि से कोई फर्क नहीं पड़ता। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय केजीबीवी की शिक्षिका पूनम मैम को दिया, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना और सही दिशा दी।







