IGRS रिपोर्ट में गोलमाल करने में अवर अभियंता जितेंद्र कुमार धुरंधर, उच्च अधिकारी अनजान

राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण में एक से एक धुरंधर अभियन्ता तैनात है। सब कमी इस बात की है कि विकास प्राधिकरण के काम कम होते हैं नेतागिरी ज्यादा। यह बात इस लिए लिखी जा रही है क्योंकि एलडीए ज़ोन 3 में तैनात अवर अभियंता जितेंद्र कुमार IGRS में रिपोर्ट बिना जांच के आधार पर लगा देते हैं। सही रिपोर्ट वही लगती हैं जहां खुद का मतलब सिद्ध होता है।
वर्तमान में जोन 3 में तैनात अवर अभियंता जितेंद्र कुमार को अपने उच्च अधिकारियों का भी डर नहीं है क्योंकि उच्च अधिकारी खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हाल ही में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा पर एक MLC ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था लेकिन मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में पैक करके रख दिया गया।
अब बात करते हैं जोन 3 के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार की। जोकि शिकायत कर्ता द्वारा शिकायत करने पर गोलमोल जवाब देने में महारथ हासिल किए हैं। बीते महीने कृष्णा नगर निवासी अरुण यादव ने IGRS के माध्यम से शिकायत की और लापरवाह अधिकारियों की मिलीभगत से जांच रिपोर्ट में गोलमाल कर दिया गया।
पूर्व में अवर अभियंता चिनहट में तैनात होते हुए कई फर्जी IGRS करके अवैध निर्माण से वसूली की गई। लेकिन उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बाद भी अवर अभियंता को जोन 3 तैनात कर दिया गया। फर्जी IGRS का मामला पूर्व एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी के संज्ञान में आया था लेकिन अवर अभियंता होने के साथ साथ नेता होने के कारण वीसी ने केवल क्षेत्र परिवर्तन कर दिया। अब यही अवर अभियन्ता खुलेआम पारा, कृष्णा नगर, सरोजनीनगर क्षेत्रों में अवैध निर्माण सील तो कर रहा है लेकिन बड़े बड़े अवैध निर्माण को इसका खुला संरक्षण प्राप्त है।
आखिर सील के बाद कैसे हो रहा निर्माण
जोन 3 के पारा, कृष्णा नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण को नोटिस जारी हो जाने के बाद भी निर्माण चलता रहता है और जब निर्माण पूरा बनकर तैयार हो जाता है। वैसे ही शक्तिमान की तरह अवर अभियंता और सुपरवाइजर निर्माण कराए जा रहे स्थल पहुच जाते हैं और डीलिंग न होने पर निर्माण सील कर दिया जाता है।










