मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ में 462 करोड़ रु0 की 85 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
यहां 06-लेन हाई-वे, रिंग रोड तथा फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उन्हें अलीगढ़वासियों को जनपद की कोल तथा नगर विधान सभा क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं का उपहार देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, आज उन्हें जनपद अलीगढ़ में संचालित विकास परियोजनाओं की समीक्षा करने तथा नई विकास परियोजनाओं को स्वीकृत करने का अवसर भी मिला है। विकास की यह प्रक्रिया न रुकेगी, न थमेगी, बल्कि अनवरत आगे बढ़ती रहेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार इसी संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जनपद अलीगढ़ में विधान सभा कोल व अलीगढ़ शहर तथा नगर निगम अलीगढ़ की 462 करोड़ रुपये लागत की 85 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इनमें 177 करोड़ रुपये लागत की 40 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 285 करोड़ रुपये लागत की 45 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, टूलकिट, गोल्डेन कार्ड तथा आवास एवं फार्म मशीनरी की प्रतीकात्मक चाभी आदि प्रदान की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी ने राजा महेन्द्र प्रताप विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यां एवं नये विकास कार्यां तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी की।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा विधान सभा कोल की 118 करोड़ रुपये लागत की 58 परियोजनाओं तथा विधान सभा शहर की लगभग 29 करोड़ रुपये लागत की 18 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही नगर निगम अलीगढ़ की लगभग 315 करोड़ रुपये लागत की 09 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने जनपद के कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने परिश्रम और दूरदर्शिता से उन्होंने अलीगढ़ को ताला नगरी तथा हार्डवेयर के वर्ल्ड क्लास सेन्टर के रूप में विकसित किया है। अलीगढ़ के कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने अलीगढ़ के लिए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण नोड स्वीकृत किया है। अब अलीगढ़ भारत की रक्षा आपूर्ति का केन्द्र भी बनेगा। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। अलीगढ़ देश की सुरक्षा के लिए सेनाओं की आवश्यकता के अनुरूप हथियार और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने में अपना योगदान देने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने राजा महेन्द्र प्रताप सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि सन् 1915 में उन्होंने अफगानिस्तान से भारत की निर्वासित सरकार का गठन करके देश की आजादी का शंखनाद किया था। बाबा खैरेश्वर महादेव, बाबा अचलेश्वर महादेव और यहां की आध्यात्मिक परम्परा से जुड़े अनेक पौराणिक स्थलों ने जनपद को एक विशिष्ट पहचान दी है। श्रद्धेय बाबू जी श्री कल्याण सिंह ने एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेकर इन स्थलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया और जनपद अलीगढ़ को स्वतंत्र भारत में एक नई पहचान दिलाने का कार्य किया। उन्होंने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय के निर्माण की मांग थी, जो पूरी हो चुकी है। यहां अन्य सुविधाएं तेजी के साथ विकसित की जा रही हैं। अनेक कार्यां से अलीगढ़ को नई पहचान दिलाने का कार्य हो रहा है। स्मार्ट सिटी के रूप में अलीगढ़ के समन्वित विकास का कार्य किया जा रहा है। गत वर्ष अकेले अलीगढ़ जनपद में लोक निर्माण विभाग की 2,800 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गयी थीं, जिन पर तेजी से कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यहां 06-लेन हाई-वे का कार्य तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया है। रिंग रोड तथा फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद अलीगढ़ में पॉलीटेक्निक, अस्पताल, कॉलेज सहित अन्य महत्वपूर्ण केन्द्र विकसित किये जा रहे हैं। यह कार्य तभी सम्भव हो पाये हैं, जब अच्छे लोग चुनकर सरकार में आए हैं। जिनका विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और विकास जीवन का हिस्सा हो, वहीं यह कार्य कर सकते हैं। डबल इंजन सरकार विकास के इस विजन को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज अलीगढ़ की 02 विधान सभाओं के विकास के लिए लगभग 462 करोड़ रुपये लागत की 85 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विकास और विरासत के विजन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए हमें कार्य करना होगा। विकास का कोई विकल्प नहीं है। विकास के साथ ही प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था व नागरिकों के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाएं अत्यन्त महत्वपूर्ण होती हैं। जब योग्य जनप्रतिनिधि इन कार्यां को आगे बढ़ाते हैं, तो इनके अच्छे परिणाम सामने आते हैं। इसके दृष्टिगत आज यहां जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की गयी है। राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का निरीक्षण भी किया गया है। अलीगढ़ की आवश्यकता के अनुरूप यहां के जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में विकास के कार्यक्रम पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आज हुई एक अग्निकाण्ड दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन वहां पर राहत कार्यां का संचालन कर रहा है। अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अपर मुख्य सचिव गृह तथा पुलिस महानिदेशक को मौके पर जाकर इस दुर्घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये हैं, जिससे मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा दिलाई जा सके। उनकी इच्छा अलीगढ़ में अधिक समय बिताने की थी, लेकिन लखनऊ में हुई दुःखद दुर्घटना के कारण उन्हें तत्काल वापस लौटना पड़ा रहा है।
इस अवसर पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर, सांसद सतीश कुमार गौतम व अनूप प्रधान, विधायक जयवीर सिंह, मुक्ता संजीव राजा, अनिल पाराशर, रवेन्द्र पाल सिंह, राजकुमार सहयोगी, विधान परिषद सदस्य डॉ0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, ऋषिपाल सिंह, तारिक मंसूर, महापौर प्रशान्त सिंघल सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।








