मुख्यमंत्री ने बहराइच में महसी एवं नानपारा विधानसभा क्षेत्रों की 352 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

जनपद बहराइच भारत की विरासत, शौर्य तथा प्राकृतिक छटा के लिए विख्यात, बालार्क ऋषि की साधना, महाराजा सुहेलदेव के शौर्य तथा राजा बलभद्र सिंह चहलारी के बलिदान ने इस धरा को और अधिक ऊर्जावान व उर्वरा बनाया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में जनपद बहराइच सहित सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश में पर्व व त्योहार हर्षाल्लास के वातावरण में मनाए जाते हैं। बेटी और व्यापारी सुरक्षित हैं। बड़ी संख्या में निवेश की प्राप्ति से विकास व रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं। महिलाएँ स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर हैं। अन्नदाता किसानों के चेहरे पर खुशहाली है। सभी जरूरतमंदों को बिना भेदभाव शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जनपद बहराइच में महसी एवं नानपारा विधानसभा क्षेत्रों की 352 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। इनमें महसी विधान सभा की 105 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 06 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 126 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 24 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। नानपारा विधान सभा क्षेत्र की 39 करोड़ रुपये से अधिक की 13 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 80 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 27 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इस प्रकार 145 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 19 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 207 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 51 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, चाभी, स्वीकृति पत्र, टूलकिट, थर्मल प्रिण्टर, कैशलेस कार्ड व प्रमाण पत्र आदि प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद बहराइच भारत की विरासत, शौर्य तथा प्राकृतिक छटा के लिए विख्यात है। बालार्क ऋषि की साधना, महाराजा सुहेलदेव के शौर्य तथा राजा बलभद्र सिंह चहलारी के बलिदान ने इस धरा को और अधिक ऊर्जावान व उर्वरा बनाया है। जनपद बहराइच में विकसित भारत की उज्ज्वल तस्वीर दिखायी देती है। यह जनपद कतर्निया घाट की प्राकृतिक धरोहर व प्राकृतिक खेती के लिए जाना जाता है। यहाँ के अन्नदाता किसानों ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 09 वर्ष पूर्व बहराइच आकांक्षी जनपद था। माफिया यहाँ के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करते थे। पूर्ववर्ती सरकारें यहाँ विदेशी आक्रान्ता सालार मसूद के नाम पर मेले का आयोजन करती थी। नये भारत के नये उत्तर प्रदेश में विदेशी आक्रान्ताओं के स्मारकों को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। यहाँ मेले का आयोजन महाराजा सुहेलदेव के नाम पर होना चाहिए। महाराजा सुहेलदेव की स्मृतियों को भावी पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए डबल इंजन सरकार ने उनका भव्य स्मारक चित्तौरा नामक स्थान पर बनवाया है। यह वही स्थान है, जहां महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद गाजी को मारा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बहराइच नये बहराइच के रूप में आगे बढ़ता हुआ दिखायी दे रहा है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज तथा महर्षि बालार्क के नाम पर चिकित्सालय का निर्माण किया गया है। बहराइच से लखनऊ हेतु 4-लेन सड़क के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। 102 किलोमीटर लम्बाई का बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कण्ट्रोल 4-लेन कॉरिडोर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी ने 07 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। घाघरा व सरयू नदी पर बाढ़ बचाव हेतु 115 करोड़ रुपये लागत की 22 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुपईडीहा सीमा पर एक बड़ा इण्डस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इन सभी प्रयासों से बहराइच एस्पिरेशनल जनपद से इंस्पिरेशनल जनपद बना है। बहराइच ने आकांक्षी जनपदों की सूची में बुनियादी ढांचे के अन्तर्गत सम्पूर्ण देश में प्रथम, कृषि में द्वितीय तथा शिक्षा में चौथी रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के लिए नीति आयोग ने जनपद को 21 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। बहराइच से खलीलाबाद के बीच रेलवे लाइन निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। गोरखपुर से शामली तक एक आर्थिक कॉरिडोर बनने जा रहा है। यह कॉरिडोर बहराइच से होकर गुजरेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में यह जनपद उद्योग व निवेश के नये केन्द्र के रूप में पहचान बनाएगा। यहाँ होने वाले निवेश से युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के स्वावलम्बन की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। 12 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय को 12वीं कक्षा तक अपग्रेड किया गया है। 32 राजकीय नवीन हाईस्कूल और राजकीय इण्टर कॉलेज तथा 02 राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज के निर्माण व उन्नयन का कार्य किया गया है। 02 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण का कार्य चल रहा है। दलित, वंचित व पिछड़ी जाति के 500 ऐसे लोग जो भरथापुर में विस्थापित हो चुके थे, उन सभी के पुनर्वास के लिए भरतपुर में नई कॉलोनी बन रही है। ऐसे कार्य आपके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की दिन-रात की गयी मेहनत से पूर्ण होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के जरूरतमंद लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव उपलब्ध कराया जा रहा है। 16 करोड़ गरीबों को निःशुल्क राशन तथा 11 करोड़ गरीबों को 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति की अन्तर्गत कार्य करते हुए बेटियों और व्यापारियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी यह क्षेत्र भारत की सत्ता संचालन का केन्द्र बिन्दु था। भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने श्रावस्ती को अपनी राजधानी बनाया था। यह महाराजा सुहेलदेव और महर्षि बालार्क की भूमि है। पूर्ववर्ती सरकारों की बीमारू मानसिकता ने इसे आगे नहीं बढ़ने दिया था। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश की विरासत की भूमि बनकर उभरा है। श्रद्धालु अयोध्या, काशी तथा नैमिषारण्य के तीर्थस्थलों में दर्शन-पूजन कर अभिभूत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के समय वन्य जीवों का खतरा बना हुआ है। प्रत्येक वर्ष मगरमच्छ, लकड़बग्घा, लेपर्ड तथा टाइगर आदि वन्य जीवों के कारण कतर्निया और उसके आसपास के क्षेत्र में व्यापक जनहानि होती है। वन विभाग व स्थानीय प्रशासन सतर्कता और सावधानी बरतते हुए पेट्रोलिंग बढ़ाएँ। प्रकाश की व्यवस्था करें। जिन घरों में दरवाजे नहीं हैं, उनमें दरवाजे लगवाएं। संवेदनशील इलाकों में छोटे बच्चों को न जाने दें। अपने हाथ में मजबूत डण्डा लेकर चलें। जनप्रतिनिधिगण जागरूकता कार्यक्रम आगे बढ़ाते हुए बैठकों का आयोजन करें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाएं। हमारे लिए जैव विविधता महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे महत्वपूर्ण प्रदेश के नागरिकों का जीवन है। एक भी जनहानि बड़ी पीड़ादायक होती है। उस व्यक्ति के परिजनों के साथ हमारी संवेदनाएँ जुड़ी होती हैं।

इस अवसर पर उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य पदमसेन चौधरी, विधायक सुरेश्वर सिंह, राम निवास वर्मा, सुभाष त्रिपाठी, अनुपमा जायसवाल, सरोज सोनकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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