लखनऊ (02 मार्च, 2019)।
UPCM की अध्यक्षता में लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अन्तर्गत एक माह में आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री को कुल अधिकतम 1500 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री को कुल अधिकतम 1250 रुपए एवं सहायिका को कुल अधिकतम 750 रुपए प्रोत्साहन धनराशि अतिरिक्त मानदेय के रूप में प्राप्त हो सकेगी।
यह प्रोत्साहन योजना (परफाॅर्मेन्स लिंक्ड इंसेन्टिव स्कीम) 01 फरवरी, 2019 से लागू होगी। 01 फरवरी, 2019 से 31 मार्च, 2020 तक देय प्रोत्साहन राशि के मानक, पुष्टाहार लाभार्थियों की आधार सीडिंग, 0 से 05 वर्ष आयु के बच्चों (पंजीकृत लाभार्थी बच्चों) का वजन एवं लम्बाई/ऊँचाई का माप लिए जाने तथा बच्चों के पोषण सुधार पर आधारित है। इन मानकों पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को प्रदर्शन के आनुपातिक आधार पर प्रोत्साहन राशि देय होगी। वर्ष 2020-21 एवं उसके बाद किन मानकों एवं मानदण्डों के आधार पर यह प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी, इसका निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री जी को प्राधिकृत किया गया है। हर कार्यकत्री एवं सहायिका को अधिकतम अनुमन्य प्रोत्साहन राशि प्राप्त होने की दशा में राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष कुल 481.68 करोड़ रुपए का व्ययभार आएगा।
कन्या सुमंगला योजना लागू करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने कन्या सुमंगला योजना का संचालन महिला कल्याण विभाग द्वारा किए जाने का निर्णय लिया है। यह योजना 01 अप्रैल, 2019 से लागू होगी। कन्या सुमंगला योजना 06 श्रेणियों में लागू की जाएगी।
प्रथम श्रेणी के अन्तर्गत 01 अप्रैल, 2019 के पश्चात् जन्मी नवजात बालिकाओं को लाभान्वित किया जाएगा। द्वितीय श्रेणी के अन्तर्गत वह बालिकाएं सम्मिलित होंगी, जिनका 01 वर्ष के भीतर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उनका जन्म 01 अप्रैल, 2018 से पूर्व न हुआ हो। तृतीय श्रेणी के अन्तर्गत वह बालिकाएं आएंगी, जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश लिया हो। चतुर्थ श्रेणी के अन्तर्गत वह बालिकाएं सम्मिलित होंगी, जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान कक्षा 06 में प्रवेश लिया हो। पंचम श्रेणी के अन्तर्गत वह बालिकाएं सम्मिलित होंगी, जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान कक्षा 09 में प्रवेश लिया हो तथा षष्ठम श्रेणी के अन्तर्गत वह बालिकाएं सम्मिलित होंगी, जिन्होंने 12 कक्षा उत्तीर्ण कर चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान स्नातक डिग्री या कम से कम 02 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश लिया हो।
कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। स्थायी निवास प्रमाण-पत्र के रूप में राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, विद्युत, टेलीफोन का बिल मान्य होगा। किसी परिवार की अधिकतम 02 ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। लाभार्थी के परिवार में अधिकतम 02 बच्चे हों। किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा।
यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से 02 जुड़वा बालिकाएं होती हैं, तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गई संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम 02 बालिकाएं इस योजना की लाभार्थी होंगी।
कन्या संमगला योजना के तहत प्रथम श्रेणी की लाभार्थी को एकमुश्त 2000 रुपए, द्वितीय श्रेणी की लाभार्थी को एकमुश्त 1000 रुपए, तृतीय श्रेणी की लाभार्थी को एकमुश्त 2000 रुपए, चतुर्थ श्रेणी की लाभार्थी को एकमुश्त 2000 रुपए, पंचम श्रेणी की लाभार्थी को एकमुश्त 3000 रुपए तथा षष्ठम श्रेणी की लाभार्थी को एकमुश्त 6000 रुपए दिए जाएंगे। योजना के अन्तर्गत देय धनराशि पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तान्तरित की जाएगी।
योजना के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक में 1200 करोड़ रुपए की धनराशि की बजट व्यवस्था की गई है। योजना के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के दृष्टिगत मार्गदर्शिका में यथावश्यक संशोधन एवं परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री जी को प्राधिकृत किए जाने का निर्णय भी लिया गया है।
योजना के अन्तर्गत लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक अधिकतम आय 01 लाख 80 हजार रुपए प्रस्तावित थी। मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरान्त आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी गई कि UPCM की पहल पर मंत्रिपरिषद ने लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक अधिकतम आय सीमा को 03 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है।
PCDF के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के अन्तर्गत प्रदेश में नवनिर्मित/उच्चीकरण होने वाले डेरी प्लाण्टों के संचालन की व्यवस्था मंजूर
मंत्रिपरिषद ने PCDF के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के अन्तर्गत प्रदेश में नवनिर्मित/उच्चीकरण होने वाले डेरी प्लाण्टों के संचालन की व्यवस्था को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके अन्तर्गत PCDF द्वारा 07 डेरी प्लाण्ट्स (मेरठ, बरेली, लखनऊ, अयोध्या, मथुरा, कन्नौज व नोएडा) व 09 क्लस्टर दुग्ध संघों (मुजफ्फरनगर, मेरठ, मथुरा, आगरा (फिरोजाबाद), बरेली, लखनऊ, अयोध्या, गोण्डा (देवीपाटन) व बस्ती में विशेष ध्यान केन्द्रित कर कार्य किया जाएगा।
विशेष ध्यान केन्द्रित 09 क्लस्टर दुग्ध संघों में व शेष दुग्ध संघों में दुग्ध उपार्जन का कार्य दुग्ध संघों द्वारा सम्पादित किया जाएगा। डेरी प्लाण्ट्स का संचालन व विपणन कार्य PCDF द्वारा सम्पादित किए जाएंगे। शेष 08 डेरी प्लाण्ट्स (आजमगढ़, गोरखपुर, कानपुर नगर, मुरादाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी व अलीगढ़) पट्टे पर दिए जाएंगे।
पट्टेदारी के लिए नाबार्ड की सहयोगी संस्था नैबकान (नाबार्ड कन्सलटेन्सी सर्विसेज) को ट्रांजेक्शन एडवायजरी कन्सलटेण्ट (टी.ए.सी.) के रूप में नियुक्त किया जाएगा। नैबकान द्वारा कराए जाने वाले कार्यों में आने वाले व्यय-भार का वहन PCDS द्वारा किया जाएगा। पट्टे पर दिए जाने वाले प्लाण्टों की शर्तें व प्रक्रिया के निर्धारण, अनुश्रवण, निर्णय हेतु संस्तुति आदि के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। कालान्तर में इन निर्णयों में कार्य हित में परिवर्तन हेतु UPCM को अधिकृत किए जाने का निर्णय भी मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है।
लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, मथुरा एवं शाहजहांपुर में वातानुकूलित मिडी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, मथुरा एवं शाहजहांपुर कुल 08 शहरों में 580 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन ‘ग्राॅस काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल’ पर, PPP के अन्तर्गत खुली निविदा के माध्यम से आॅपरेटर के चयन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
इसके तहत नगरीय परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए ‘ग्राॅस काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल’ पर लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी एवं शाहजहांपुर में वातानुकूलित मिडी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के क्रियान्वयन में आने वाली नीतिगत कठिनाई के निराकरण हेतु अन्तिम निर्णय लिए जाने हेतु UPCM को अधिकृत किया गया है।
राजकीय मेडिकल काॅलेज, मेरठ में निर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय ब्लाॅक के बगल में स्थित पुराने भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना फेज-3 के अन्तर्गत राजकीय मेडिकल काॅलेज, मेरठ में निर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय ब्लाॅक के सुचारु संचालन हेतु इसके बगल में स्थित पुराने भवन के ध्वस्तीकरण के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। इस पुराने भवन का क्षेत्रफल 30.80 मी. ग 6.60 मी. कुल क्षेत्रफल 203.28 वर्गमीटर है, का ध्वस्तीकरण एवं इस भवन के हृासित मूल्य 13,24,000 रुपए में से मलबा मूल्य 1,32,000 रुपए को घटाने के उपरान्त अवशेष धनराशि 11,92,000 को बट्टे खाते में डाले जाने को अनुमोदन प्रदान किया गया है।
जनपद कानपुर नगर में ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट आॅफ स्पीच एण्ड हियरिंग, मैसूर के ऑफ कैम्पस सेण्टर की स्थापना हेतु निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने जनपद कानपुर नगर में ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एण्ड हियरिंग (ए.आई.आई.एस.एच.), मैसूर के ऑफ कैम्पस सेण्टर की स्थापना हेतु निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। तहसील सदर, ग्राम-सुरार के गाटा संख्या-608 मि. रकबा-4.060 हे., गाटा संख्या-613 मि. रकबा-2.500 हे., गाटा संख्या-650 मि. रकबा-1.106 हे. व गाटा संख्या-621 मि. रकबा-0.500 हे. कुल 04 किता रकबा-8.166 हे. (20.178625 एकड़) क्षेत्रफल की इस भूमि का पुनर्ग्रहण कर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के पक्ष में निःशुल्क हस्तान्तरित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली-1981 में 24वें संशोधन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली-1981 में 24वें संशोधन को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस संशोधन से बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त होने का अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य रोजगार गारण्टी परिषद नियमावली-2019 मंजूर
मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम-2005 (अधिनियम संख्या-42, सन् 2005) की धारा-32 की उप धारा (1) में दी गई व्यवस्थानुसार उत्तर प्रदेश राज्य रोजगार गारण्टी परिषद नियमावली-2019 को मंजूरी प्रदान कर दी है।
अनपरा ‘अ’ एवं ‘ब’ तापीय परियोजना पर थ्ळक् की स्थापना एवं इसके लिए परामर्श सेवा पर होने वाले व्यय 873.3897 करोड़ रु. (GST सहित) का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली की अधिसूचना दिनांक 07 दिसम्बर, 2015 के अनुपालन में अनपरा (3x210 MW) ‘अ’ एवं (2x500 MW) ‘ब’ तापीय परियोजना पर FGD की स्थापना एवं इसके लिए परामर्श सेवा पर होने वाले व्यय 873.3897 करोड़ रुपए (GST सहित) के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
इस कार्य योजना की लागत 873.3897 करोड़ रुपए के 70 प्रतिशत 611.3728 करोड़ रुपए का प्रबन्ध संस्थागत वित्त से तथा 30 प्रतिशत 262.0169 करोड़ रुपए की राशि शासकीय अंशपूंजी से वित्त पोषित किए जाने और 70 प्रतिशत वित्त पोषण हेतु वित्तीय संस्थाओं से ऋण स्वीकृति हेतु शुल्क रहित शासकीय गारण्टी प्रदान करने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया है।
इन इकाईयों में एफ.जी.डी. की स्थापना का कार्य कार्यदायी संस्था के चयन के उपरान्त 24 से 30 माह में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
यात्रा भत्ता की दरों के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने यात्राओं के लिए अधिकृत श्रेणी को पूर्ववत् रखे जाने का निर्णय लिया है। शासन में तैनात विशेष सचिवों को वायुयान के इकोनाॅमी क्लास में यात्रा हेतु अधिकृत किए जाने का निर्णय लिया गया है, चाहे वे वेतन मैट्रिक्स के किसी भी लेवल में कार्यरत हों। यात्राओं के लिए वर्तमान में लागू दैनिक भत्ते की दरों को दोगुना करने का निर्णय गया है। आनुषंगिक व्यय की वर्तमान में लागू दरों को दोगुना किए जाने का निर्णय लिया गया है। यात्रा भत्ता की पुनरीक्षित दरों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि राजकीय कर्मचारियों को अनुमन्य यात्रा भत्ता की वर्तमान दरें दिनांक 31 मार्च, 2011 से लागू हैं। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य कर्मचारियों के लिए पुनरीक्षित वेतन संरचना दिनांक 01 जनवरी, 2016 से लागू की जा चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) (46वां संशोधन) नियमावली-2019 के प्रख्यापन का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) (46वां संशोधन) नियमावली-2019 के प्रख्यापन का निर्णय लिया है। ईंट, मिट्टी की राॅयल्टी दर शून्य किए जाने तथा उसके स्थान पर विनियमन शुल्क लगाए जाने के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) (46वां संशोधन) नियमावली-2019 प्रख्यापित की गई है। इस निर्णय से ईंट-भट्ठा के सुचारू संचालन से जन सामान्य को निर्माण कार्यों हेतु ईंट की सुलभता होगी।
उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार एवं कार्मिकों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने हेतु नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार एवं कार्मिकों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने हेतु उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार एवं अन्य कर्मचारियों के विशेषाधिकार, वेतन और भत्ते और सेवा की अन्य शर्तों को विनियमित करने वाली नियमावली-1968 के नियम-31 के आधार पर नियम-29 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
नागरिक उड्डयन विभाग तथा पर्यटन विभाग के नाम दर्ज कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की समस्त भूमि एवं अवस्थित संरचनाओं को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को स्थायी रूप से हस्तान्तरित किए जाने और इस निमित्त MOU के निष्पादन का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने वर्तमान में नागरिक उड्डयन विभाग और पर्यटन विभाग के नाम दर्ज कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की समस्त भूमि एवं अवस्थित संरचनाओं को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को स्थायी रूप से हस्तान्तरित किए जाने और इस निमित्त MOU के निष्पादन का निर्णय लिया है। साथ ही, कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्मित/अवस्थित समस्त संरचनाओं को यथावश्यकतानुसार परिवर्तित/परिवर्धित करने हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को प्राधिकृत किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने एम.ओ.यू. में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने और कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के सम्बन्ध में यथावश्यक अन्य बिन्दुओं पर निर्णय लेने हेतु UPCM को अधिकृत किया है।
अयोध्या में पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के अन्तर्गत पर्यटन आकर्षण की दृष्टि से भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इण्टरप्रेटेशन सेण्टर, लाइबे्ररी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैण्डस्केपिंग एवं श्रीराम प्रतिमा एवं अन्य मूलभूत पर्यटक सुविधाओं के सृजन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने अयोध्या में पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के अन्तर्गत पर्यटन आकर्षण की दृष्टि से भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इण्टरप्रेटेशन सेण्टर, लाइबे्ररी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैण्डस्केपिंग एवं श्रीराम प्रतिमा एवं अन्य मूलभूत पर्यटक सुविधाओं के सृजन को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस प्रायोजना के तकनीकी प्रस्ताव, डिजाइन आदि तैयार करने एवं निर्माण सम्बन्धी अग्रतर आवश्यक कार्यों को किए जाने हेतु गुजरात माॅडल से यथोचित मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त करने के लिए गुजरात सरकार के साथ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक एम0ओ0यू0 सम्पादित किया जाएगा। प्रायोजना हेतु जिलाधिकारी अयोध्या द्वारा चिन्ह्ति कुल आवश्यक भूमि 28.2824 हे0 के क्रय/अधिग्रहण, मृदा परीक्षण, विन्डटनल टेस्ट, डिजाइन डेवलेपमेण्ट, DPR प्रिपरेशन एवं स्थल विकास आदि कार्यों के लिए अनुमानित धनराशि 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इस प्रायोजना हेतु गुजरात माॅडल के आधार पर प्रायोजना के प्रयोजनार्थ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ट्रस्ट का गठन, नियम व उप नियम का निर्धारण एवं सोसाइटी एक्ट में पंजीकरण कराया जाएगा।
प्रायोजना के प्रकल्प, निर्माण एवं प्रबन्धन आदि से सम्बन्धित कार्यों के सुचारू सम्पादन हेतु हाईपावर कमेटी सहित विभिन्न समितियां गठित की जाएंगी। प्रायोजना के अन्तर्गत प्रस्तावित प्रतिमा के निर्माण से सम्बन्धित धनराशि का वहन CSR फण्ड और दान आदि के माध्यमों से किया जाएगा। प्रायोजना के सम्बन्ध में हाईपावर कमेटी की संस्तुतियों पर आवश्यक निर्णय लेने हेतु UPCM को अधिकृत किया गया है।
गोरखपुर में नवीन जिला सूचना कार्यालय भवन/केन्द्र तथा प्रेस क्लब के निर्माण के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने जनपद गोरखपुर में कलेक्ट्रेट स्थित मण्डल विकास निगम के भवन, जिसके प्रथम तल पर जिला सूचना कार्यालय और भूतल पर गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब स्थापित है, के लागत की अवशेष धनराशि 4,81.471 रुपए का भुगतान मण्डल विकास निगम को किए जाने तत्पश्चात् उक्त भूमि पर नवीन जिला सूचना कार्यालय भवन/केन्द्र और प्रेस क्लब के निर्माण हेतु राजस्व विभाग द्वारा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के पक्ष में भूमि निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने का निर्णय लिया है।
‘उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2019’ को प्रख्यापित करने का अनुरोध
मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल से भारत के संविधान के अनुच्छेद-213 के खण्ड-1 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करके ‘उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2019’ को प्रख्यापित करने का अनुरोध किया है। सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित कर ‘प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज’ करने और डाॅ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद के नाम में ‘फैजाबाद’ को ‘अयोध्या’ से प्रतिस्थापित करने के लिए उक्त संशोधन प्रस्तावित है।