UPCM ने शास्त्री भवन में वित्तीय वर्ष 2018-19 की छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रमुख सचिव समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण के साथ बैठक कर छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक की। योजनाओं को पूरी तत्परता से लागू कराने के निर्देश देते हुये उन्होंने कहा कि सभी पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति समय से वितरित करायी जाये। उन्होंने सभी पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दो किश्तों में आगामी 02 अक्टूबर को और 26 जनवरी को वितरित कराने के निर्देश दिये।
UPCM ने निर्देश दिये हैं कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में अनुसूचित जाति के जो पात्र बच्चे पूर्वदशम/दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति पाने से छूट गये थे, उन्हें अनुमन्य धनराशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में अन्य पिछड़ा वर्ग के कतिपय पात्र बच्चों को नियमों में अनुमन्य पूरा भुगतान न होने वाले ऐसे सभी पात्र बच्चों को उन्हें अनुमन्य शुल्क प्रतिपूर्ति का पूरा भुगतान आगामी एक माह में अवष्य करा दिया जाये, जिसके लिए 85 करोड़ रुपये की धनराशि तत्काल अवमुक्त करा दी जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति के सभी पात्र उत्तीर्ण बच्चों को शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा अनुमन्य करायी जाये। वित्तीय वर्ष 2017-18 में शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र बच्चों को गत वर्ष 60 प्रतिशत अंक कट आॅफ के बच्चों को दी गयी थी, इस वर्ष शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा 50 प्रतिशत अंक से ऊपर के सभी अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र बच्चों को दी जायेगी, जिसके लिये 413 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्राविधान किया जायेगा।
UPCM ने निर्देश दिये कि शुल्क प्रतिपूर्ति केवल शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति तक सीमित न रखी जाये बल्कि सभी अनिवार्य नाॅन-रिफण्डेबल फीस यथा प्रवेश, पंजीकरण, परीक्षा, शिक्षा, खेल, यूनियन, लाइब्रेरी, पत्रिका, चिकित्सा जांच फीस आदि की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/सामान्य वर्ग के छात्रों को दी जाने वाली पूर्वदशम/ दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के प्रति अत्यन्त गंभीर है और वर्तमान व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए कृत संकल्पित है।
UPCM ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/सामान्य वर्ग के सभी पात्र छात्रों को पूर्वदशम/दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरित करायी जाये। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समुचित बजट व्यवस्था सुनिष्चित करायी जाये, ताकि कोई पात्र बच्चा इन योजनाओं का लाभ पाने से वंचित न रहे।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में वितरित विभिन्न छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के बारे में प्राप्त होने वाली शिकायतों को UPCM ने गंभीरता से लेते हुये अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा प्रमुख सचिव समाज कल्याण को निर्देशित किया कि भविष्य में छात्रवृत्ति/षुल्क प्रतिपूर्ति के वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये और इसके वितरण में किसी प्रकार का विलम्ब नहीं किया जाये।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान प्रदेश सरकार में सभी प्रकार की छात्रवृत्ति वितरण में न केवल लाभान्वित बच्चों की संख्या मे वृद्धि हुयी है वरन वितरित धनराशि में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हुयी है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति के अन्तर्गत विगत सपा सरकार के कार्यकाल में मात्र 01 लाख 96 हजार बच्चों को लगभग 27 करोड़ रूपये वितरित किये गये थे। इसके विपरीत इस योजना के तहत UPCM की सरकार में वित्तीय वर्ष 2016-17 में लगभग 10 लाख 70 हजार बच्चों को 221 करोड़ रूपये और वित्तीय वर्ष 2017-18 में लगभग 14 लाख 22 हजार बच्चों को 301 करोड़ रूपये वितरित किये गये। इस प्रकार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वित्तीय वर्ष 2017-18 में वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में 11 गुना अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान कर लगभग 7 गुना से भी अधिक बच्चों को इस योजना से आच्छादित किया गया।
अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में पिछली सरकार के कार्यकाल में मात्र 25 लाख 09 हजार बच्चों को 884 करोड़ रूपये वितरित किये गये थे। वर्तमान भाजपा सरकार में इसके विपरीत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 34 लाख 96 हजार बच्चों को 1138 करोड़ रूपये और वित्तीय वर्ष 2017-18 में 41 लाख 21 हजार बच्चों को 1252 करोड़ रूपये वितरित कर लाभान्वित किया गया। इस प्रकार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वित्तीय वर्ष 2017-18 में वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में, 42 प्रतिषत अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान कर 65 प्रतिषत अधिक बच्चों को इस योजना से आच्छादित किया गया।
दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में भी UPCM के शासनकाल में बेहतर उपलब्धियां रही हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16 में पिछली सरकार के कार्यकाल में मात्र 22 लाख 82 हजार बच्चों को 2206 करोड़ रूपये वितरित किया गया था। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वित्तीय वर्ष 2016-17 में 30 लाख 81 हजार बच्चों को 2346 करोड़ रूपये और वित्तीय वर्ष 2017-18 में 33 लाख 90 हजार बच्चों को 2607 करोड़ रूपये वितरित कर लाभान्वित कराया गया। इस प्रकार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वित्तीय वर्ष 2017-18 में वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में, 18 प्रतिषत अतिरिक्त धनराषि का प्राविधान कर 49 प्रतिषत अधिक बच्चों को इस योजना से आच्छादित किया गया।







