UPCM ने गोरखपुर में इंसेफ्लाइटिस और दस्तक अभियान की तैयारियों के सम्बन्ध में गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश (गोरखपुर)।
UPCM ने अधिकारियों को इंसेफ्लाइटिस के लक्षण, कारक और उसके बचाव के सम्बन्ध में जनसामान्य को पूरी जानकारी प्रदान कर जागरूक किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गन्दगी इंसेफ्लाइटिस बीमारी का प्रमुख कारक है, इसलिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके प्रति जनजागरूकता लायी जाए। सड़कों सहित सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम, नगर पंचायत और गांव में सड़क किनारे कूड़ा-कचरा अथवा सफाई के अभाव में नाली जाम दिखाई दी, तो नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी और डी.पी.आर.ओ. की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने E.T.C (इंसेफ्लाइटिस ट्रीटमेण्ट सेण्टर) निरन्तर क्रियाशील रखने और J.E के मरीजों का नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर समुचित उपचार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

UPCM जनपद गोरखपुर के BRD मेडिकल काॅलेज में इंसेफ्लाइटिस एवं दस्तक अभियान की तैयारियों के सम्बन्ध में गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल की समीक्षा बैठक को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने इंसेफ्लाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया आदि विषाणु जनित बीमारियों के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की जनपदवार विधिवत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से बचाव के सम्बन्ध में समस्त कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूरी कर ली जाए। उन्होंने यह निर्देश दिए कि इंसेफ्लाइटिस के मरीज को समय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मरीज के साथ सहायक के रूप में केवल एक व्यक्ति रहे। उन्होंने रैन बसेरों के सही ढंग से संचालन के भी निर्देश दिए।

UPCM गोरखपुर में समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए
UPCM गोरखपुर में समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने कहा कि नगर निगम की सड़कें 30 जून 2018 तक बनाने की समय-सीमा निर्धारित थी और सारे कार्य 06 माह पूर्व स्वीकृत हो गए थे, उन्होंने शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने के लिए कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इंसेफ्लाइटिस के प्रभावित क्षेत्रों का सर्वें कराकर रोग पर नियंत्रण की व्यवस्था की जाए और समय से मरीज को सुविधा देकर उसका इलाज कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के अन्तर्गत एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए और अस्पताल में चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। मेडिकल काॅलेज में सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखना आवश्यक है।

UPCM ने कहा कि A.E.S जल जनित बीमारी है। इसलिए लोगों को स्वच्छ पेयजल अथवा इण्डिया मार्का-टू हैण्डपम्प का जल सेवन करने हेतु जागरूक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इंसेफ्लाइटिस प्रभावित परिवारों को चिन्हित कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ शौचालय आदि सुविधाओं से आच्छादित किया जाए।

UPCM ने कहा कि जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी सभी CHC एवं PHC का स्वयं भ्रमण करें व ग्राम प्रधानों, आशाओं के साथ बैठक कर उन्हें इंसेफ्लाइटिस के बारे में बताएं। इसी तरह आयुक्त एवं अपर निदेशक स्वास्थ्य भी जनपदों की बराबर माॅनीटरिंग करते रहें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय व्यवस्था में कहीं कोई कमी नहीं होनी चाहिए। BRD मेडिकल काॅलेज में मैनपावर को बढ़ाया जाए। UPCM ने कहा कि बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए स्वच्छता पर ध्यान देना अति आवश्यक है। गांव, नगर निगम, नगर पंचायतें स्वच्छ और सुन्दर दिखने चाहिए। कही भी कूड़ा नहीं दिखना चाहिए।

UPCM ने कहा कि अगर किसी गांव सभा में इंसेफ्लाइटिस से किसी बच्चे की मृत्यु होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाए कि किस स्तर पर लापरवाही बरती गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला अस्पताल पर इस बीमारी के मरीज के सम्बन्ध में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो इसके विषय में रिपोर्टिंग करे। प्रत्येक CHC, PHC और जिला अस्पताल में मरीज के लिए बेड आरक्षित रखे जाएं।

इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, अन्य जनप्रतिनिधिगण और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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