एलडीए; विभूतिखण्ड की अनिस्तारित व्यवसायिक सम्पत्तियों के सत्यापन के लिए कमेटी गठित

  • लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने लैण्ड ऑडिट की समीक्षा बैठक में किया कमेटी का गठन
  • कमेटी को दो सप्ताह में स्थल का भौतिक सर्वे करके देनी होगी रिपोर्ट, आवंटित भूखण्ड से अधिक क्षेत्रफल में निर्माण करने वालों को भेजा जाएगा नोटिस

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बुधवार को लैंड ऑडिट के सम्बंध में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उपाध्यक्ष ने विभूतिखण्ड व्यवसायिक पॉकेट की अनिस्तारित सम्पत्तियों के सत्यापन के लिए कमेटी का गठन किया। उक्त कमेटी योजना का भौतिक सर्वे करके दो सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा अलीगंज और जानकीपुरम विस्तार योजना के सर्वे का कार्य भी इसी सप्ताह से शुरू करने के निर्देश दिये गये।

बैठक के दौरान पी0सी0एस0 मैनेजमेंट एंड कंसलटेन्ट प्रा0लि0 के प्रतिनिधियों द्वारा विभूतिखण्ड में अभी तक किये गये सर्वे के बारे में जानकारी देते हुए अनिस्तारित सम्पत्तियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। इसकी समीक्षा में पता चला कि कई भूखण्ड स्थल पर अतिरिक्त रूप से खाली पड़े हैं, जिनका अभी आवंटन नहीं हुआ है। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को मौके पर जाकर इस तरह के समस्त भूखण्डों का सत्यापन करने के निर्देश दिये। इसके लिए उन्होंने विशेष कार्याधिकारी रामशंकर के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है।

जिसमें अवर अभियंता अम्बरीश शर्मा, ड्राफ्टमैन सुखबीर सिंह, सर्वेयर उदय नारायण, अवर वर्ग सहायक राजेश गौड़ व पी0सी0एस मैनेजमेंट द्वारा अधिकृत कर्मचारी सच्चिदानंद को शामिल किया गया है। यह कमेटी विभूतिखण्ड व्यवसायिक पॉकेट में जाकर कंपनी द्वारा चिन्हित किये गये सभी भूखण्डों का स्थलीय सत्यापन करके 25 अक्टूबर, 2023 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि जिन आवंटित भूखण्डों में स्थल पर अधिक क्षेत्रफल में निर्माण अथवा कब्जा पाया जाता है, उनमें नियमानुसार कार्यवाही करते हुए आवंटी को नोटिस भेजा जाए।

इसके अलावा उपाध्यक्ष ने अलीगंज और जानकीपुरम विस्तार योजना के सर्वे के सम्बंध में भी समीक्षा की। इसमें कंपनी प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि अलीगंज योजना के अर्जन व सम्पत्ति का डाटा नहीं मिला है, जिसकी वजह से सर्वे का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, जानकीपुरम विस्तार योजना के सर्वे का कार्य शुरू करा दिया गया है, लेकिन अभी तक सम्पत्ति का पूरा विवरण नहीं मिला है।

इस पर उपाध्यक्ष ने योजना का कार्य देख रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि तीन दिन के अंदर अर्जन व सम्पत्ति का पूरा विवरण कंपनी के लोगों को उपलब्ध करा दिया जाए। बैठक में अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, मुख्य अभियंता ए0के0 सिंह, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, मुख्य नगर नियोजक के0के0 गौतम, विशेष कार्याधिकारी रामशंकर, सहायक लेखाधिकारी विनोद श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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