‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत पूरे देश में 508 स्टेशनों का होगा नवीनीकरण

  • उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया

भारतीय रेल, भारत में राष्‍ट्रीय रेल परिवहन प्रणाली का एक प्रमुख आधार है। यह भारत के परिवहन ढांचे का एक अभिन्‍न अंग है। यह विश्‍व के सबसे बड़े और व्‍यस्‍ततम रेलवे नेटवर्क्‍स में से एक है जो देश के हजारों शहरों और नगरों को परस्‍पर जोड़ते हुए लाखों लोगों को यातायात का एक महत्‍वपूर्ण साधन उपलब्‍ध कराता है।

भारत सरकार के नए भारत के स्‍वप्‍न को साकार करते हुए, पिछले 9 वर्षों से भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके अंतर्गत, आधारभूत ढांचे, तकनीक और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के विभिन्‍न प्रयास शामिल हैं। इस महत्‍वाकांक्षी योजना के अंतर्गत रेलवे स्‍टेशनों की पुनर्सज्‍जा, नई रेलवे लाइनें बिछाने, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और यात्रियों एवं परिसंपत्‍तियों की संरक्षा को बढ़ाने जैसी व्‍यापक गतिविधियां शामिल हैं ।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधुरी ने आज नई दिल्ली के बड़ौदा हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। उन्होंने मीडियाकर्मियों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ और इस योजना के तहत पुनर्विकसित किए जाने वाले स्टेशनों के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री 508 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों के शुभारंभ के साथ पूरे भारत में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का उद्घाटन करेंगे, इनमें से 71 रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे में हैं।

रेलवे स्‍टेशनों पर विश्‍वस्‍तरीय सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास में, भारत सरकार द्वारा लागू की गई ‘अमृत भारत स्‍टेशन योजना’ के अंतर्गत देश में रेलवे स्‍टेशनों को आधुनिक और दीर्घकालिक प्रतिष्‍ठानों के रूप में पुनर्विकसित किया जा रहा है । समूचे देश के 1309 रेलवे स्‍टेशनों पर अत्‍याधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्‍ध कराकर उनका विकास किया जा रहा है। ये रेलवे स्‍टेशन भारत के गौरव, उसकी कला और समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे।

‘अमृत भारत स्‍टेशन योजना’ के अंतर्गत दी जाने वाली सुविधाओं में अवांछित ढांचों को हटाकर रेलवे स्‍टेशन तक सुगम पहुँच बनाना, बेहतर प्रकाश व्‍यवस्‍था, खुले सर्कुलेटिंग एरिया, उन्‍नत पार्किंग क्षेत्र, दिव्‍यांगजनों के अनुकूल आधारभूत सुविधाएं, हरित और नवीनीकृत ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण-अनुकूल इमारतें शामिल हैं ।

स्‍टेशन डिजाइन के मानक बिन्‍दु इस प्रकार होंगे : 

• स्‍टेशनों का सिटी सेंटरों के रूप में विकास 

• शहर के दोनों छोरों का एकीकरण

• स्‍टेशन भवनों का सुधार/पुनर्विकास

• आधुनिक यात्री सुविधाओं का प्रावधान

• बेहतर यातायात व्‍यवस्‍था और इंटरमोडल इंटीग्रेशन

• रेल यात्रियों को मार्गदर्शन देने के लिए एक-समान और सहायक सूचक चिन्‍ह

• मास्‍टर प्‍लान में उचित संपत्‍ति विकास का प्रावधान

• लैंडस्‍केपिंग, स्‍थानीय कला और संस्‍कृति 

इन गतिविधियों के बीच, 3 स्‍टेशनों पर कार्य पूरा हो गया है। इनमें मध्‍यप्रदेश में रानी कमलापति रेलवे स्‍टेशन, कर्नाटक के बंगलुरू में सर एम विश्‍वेश्‍वरैया टर्मिनल स्‍टेशन और गुजरात में गांधी नगर कैपिटल स्‍टेशन शामिल हैं। यह रेलवे स्‍टेशन आधुनिक भारत की एक शानदार तस्‍वीर प्रस्‍तुत करते हैं। इन स्‍टेशनों पर रेल यात्रियों के लिए अत्‍याधुनिक सुविधाएं उपलब्‍ध कराई गई हैं। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ लिफ्ट, एस्‍केलेटर, कॉनकोर्स, प्रतीक्षा कक्ष और खुदरा क्षेत्र उपलब्‍ध कराए गए हैं। साथ ही, रेल यात्रियों के आगमन/प्रस्‍थान और वाहन पार्किंग के लिए भी उचित इंतजाम किये गए हैं।

‘अमृत भारत स्‍टेशन योजना’ के अंतर्गत उत्‍तर रेलवे के 144 रेलवे स्‍टेशनों का विकास किया जाना है. प्रधानमंत्री 6 अगस्‍त, 2023 को उत्‍तर रेलवे के 71 स्‍टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे ।

उत्‍तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले उत्‍तरी राज्‍यों के इन रेलवे स्‍टेशन की संख्‍या निम्‍नानुसार है :

  • चंडीगढ़ में 01, हिमाचल प्रदेश में 01, पंजाब में 21, हरियाणा में 10, उत्तराखंड में 02, उत्‍तर प्रदेश में उत्तर रेलवे के क्षेत्राधिकार वाले 28, जम्मू-कश्मीर में 03 और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 05 ।

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