UPCM और राज्यपाल ने राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने प्रदेश में मौजूद विश्वविद्यालयी शिक्षा प्राप्त स्नातकों, परास्नातकों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 के दौरान 15 लाख 60 हजार 375 विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालयों से शिक्षा पूरी कर डिग्रियां प्राप्त कीं। इनमें से 07 लाख 97 हजार 646 लड़कियों ने डिग्रियां प्राप्त कीं।
प्रदेश में बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षण संस्थाओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यदि इनसे निकलने वाले शिक्षित और डिग्री प्राप्त युवाओं को रोजगार के मौके मिल जाएं तो वे हमारी शक्ति बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा का उपयोग देश की प्रगति के लिए करना होगा। चूंकि प्रदेश में शिक्षित डिग्री प्राप्त महिला युवा शक्ति भी मौजूद है, ऐसे में इनके लिए यदि अलग से व्यवस्था की जाए तो प्रदेश का तीव्र गति से विकास होगा और महिलाओं को बढ़ावा मिलेगा।
UPCM ने इन्दिरा गाँधी प्रतिष्ठान में मई दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन युवाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने का मौका दे रहा है। सभी प्रतिभागी अपने हुनर का यहां प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों व मण्डलों से विजेता के रूप में चयनित व सफल प्रतिभागी इस राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के परिणाम चाहे जो भी हों, युवाओं को सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए, क्योंकि नियमित अभ्यास से सफलता के द्वार स्वतः खुल जाते हैं।

UPCM ने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्ष 02 लाख 11 हजार से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इनरोल किया गया था और 66 हजार युवाओं को रोजगार दिलाया गया था, जो किसी भी एक साल में अर्जित की गयी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इण्डिया’, ‘स्टार्ट-अप इण्डिया’ की तर्ज पर ‘वेक अप यूपी’, ‘स्टर-अप यूपी’ को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 03 लाख से अधिक युवाओं को कौषल प्रषिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत इनरोल कराया जाएगा।
UPCM ने कहा कि इस वर्ष 24 जनवरी को U.P के प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना लागू की गई। प्रदेश के सभी जनपदों में कोई न कोई विशिष्ट उत्पाद मौजूद है, जैसे-खुर्जा की पाॅट्री, कन्नौज का इत्र, फिरोजाबाद के काँच के उत्पाद तथा मुरादाबाद के पीतल उत्पाद। इस योजना को कौशल प्रशिक्षण योजनाओं के साथ इण्टीगे्रट करके युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार इन उत्पादों की ब्राण्डिंग करने में भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में इस योजना के तहत 20 लाख युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का काम किया जाएगा।
UPCM ने कहा कि केन्द्र सरकार की ‘स्टार्ट-अप’ योजना में बहुत सम्भावनाएं मौजूद हैं। इसका लाभ उठाते हुए बड़े पैमाने पर प्रदेश में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा बड़ी संख्या में युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तहसील स्तर तक कौशल विकास सेण्टर स्थापित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़ी संख्या में पूरे प्रदेश में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए राजमिस्त्रियों की बहुत आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास मिशन के तहत राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर इनकी कमी पूरी की गई है।
UPCM ने कहा कि कौशल विकास के रोजगार मेले लगाकर युवाओं को जनपदों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में सकारात्मक वातावरण होने के कारण आज रेमण्ड्स, एल एण्ड टी, मारुति सुजुकी, लावा मोबाइल्स, इन्टेक्स मोबाइल, फ्यूचर शाॅप जैसे बड़े और प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण देने और रोजगार उपलब्ध कराने के अभियान से जुड़े हैं।
कार्यक्रम को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री चेतन चौहान, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री सुरेश पासी, एन.एन.एस.डी.सी. के सी.ओ.ओ. जयन्त कृष्णा ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इससे पूर्व, राज्यपाल और UPCM ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर इण्डिया यामाहा मोटर्स प्रा.लि. और सैमसंग इण्डिया इलेक्ट्राॅनिक्स Pvt. Ltd. के साथ अनुबन्ध पत्र भी हस्ताक्षरित किए गए। इण्डिया यामाहा मोटर्स Pvt. Ltd. द्वारा I.T.I उत्तीर्ण छात्रों को 02 वर्षीय प्रैक्टिकल शाॅप फ्लोर ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, जबकि सैमसंग इण्डिया Pvt. Ltd. द्वारा I.T.I के प्रशिक्षणार्थियों को टैक्नोलाॅजी का मूलभूत ज्ञान, उत्पादों की विषेषताओं के विषय में जानकारी, इंस्टाॅलेषन, सर्विस और रिपेयर्स का ज्ञान एवं ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार हेतु साॅफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
समारोह में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सराहनीय सहयोग प्रदान करने वाली 05 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं– सेण्ट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग टेक्नोलाॅजी, रेमण्ड्स के स्किल टेलरिंग इंस्टीट्यूट, मिडमार्क इण्डिया Pvt. Ltd., लावा इन्टरनेशनल Pvt. Ltd. और जे.के. सेण्टर फाॅर टेक्नीशियन ट्रेनिंग के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास भुवनेश कुमार, राज्य कौशल विकास मिशन के निदेशक प्रांजल यादव, बड़ी संख्या में राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के प्रतिभागी और कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त युवा मौजूद रहे।








