सिंचाई विभाग ने अवैध अतिक्रमणकारियों के आगे टेके घुटने, खुद की जमीन नहीं करा पा रहे खाली

रिपोर्ट : ऋषि कुमार शर्मा।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सिंचाई विभाग की जमीन पर जगह जगह अतिक्रमण होता जा रहा है और अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। इसका मुख्य कारण अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कई क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण की एवज में अभियंताओं को मोटी रकम महीनवारी के तौर पर पहुंच जाती है। जिसका कारण कोई कार्यवाही नहीं होती।

आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में पुराने पारा थाने के सामने ओवरब्रिज से लेकर मुख्य मार्ग तक नगर निगम और सिंचाई विभाग की जमीन पर अतिक्रमण फैला है। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी अवैध अतिक्रमणकारियों के आगे अपने घुटने टेक चुके हैं और खुद की जमीन खाली कराने में उनका पसीना छूट रहा है।
जानकारी मुताबिक अधिशाषी अभियंता ने हाल में उच्च अधिकारियों और नगर आयुक्त को भी पत्र लिखकर कार्यवाही के लिए भेजा। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मामला ठंडे बस्ते में जाने का मुख्य कारण सिंचाई विभाग के अधिकारियों के सह साथ नगर निगम के अधिकारी भी बहती गंगा में हाथ धो रहे हैं। नगर निगम जोन 6 के अधिकारी कुछ महीने पहले गरीबों पर बुलडोजर चला कर चले गए लेकिन सड़क पर और सड़क किनारे फैले अवैध अतिक्रमण पर विभाग के अधिकारियों की शनि की दृष्टि नहीं पड़ी। क्योंकि नगर निगम का भी सिंचाई विभाग जैसा रोना है।
पुलिस बल के लिए दोनों विभाग का रोना
आपको बता दें महीनों बीत जाने के बाद भी नगर आयुक्त एक अतिक्रमण हटवा पाने में नाकाम साबित होते दिख रहे हैं। वही जोन 6 के अधिकारी भी पुलिस बल का रोना गा कर कार्यवाही से पीछे भागता है। वही दूसरी तरह सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता से लेकर अभियंता तक बिना पुलिस बल के अतिक्रमण खाली कराने में नाकाम है। लेकिन दिन प्रतिदिन अतिक्रमण का विस्तार में इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत है।
सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी हवा में करते हैं बात
आपको जानकार हैरानी होगी कि सिंचाई विभाग की जमीन पर अतिक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी हवा में तीर इधर उधर छोड़कर कार्यवाही करने से भागते दिखते हैं।








