लखनऊ: सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 499 प्रकरण में 87 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण

लखनऊ 20 अगस्त 2022
लखनऊ जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि जनपद की पांचों तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किये गये । जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जाना सरकार की प्राथमिकता है जिसके क्रम में तहसील व थानों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। इसमें स्थानीय नागरिक उपस्थित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते है।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी जनता की इन शिकायतों का निस्तारण त्वरित एवं समयबद्ध तरीके से एक सप्ताह में करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में यदि कोई समस्या है तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए अवगत कराना सुनिश्चित किया जाये।

 

उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर जांच कर गुणवत्तापूर्वक निस्तारण करायें और यदि संज्ञान में आया कि निस्तारण की गुणवत्ता से शिकायत कर्ता संतुष्ट नही है या निस्तारण में लापरवाही बरती गयी है तो सम्बन्धित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

 

डीएम सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि तहसील बीकेटी में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 147 प्रकरण प्राप्त हुये, जिसमें से 49 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष प्रकरणों को निस्तारण हेतु सम्बन्धित विभागों को इस निर्देश के साथ उपलब्ध करा दिये गये कि उनका निस्तारण एक सप्ताह में सुनिश्चित करा दिया जायें। ज़िलाधिकारी द्वारा जनसुनवाई करते हुए सन्ध्या शर्मा पत्नी स्वर्गीय विश्वजीत का विधवा पेंशन सम्बंधित प्रार्थना पत्र, जनाका पत्नी स्वर्गीय गोविंद विधवा पेंशन सम्बंधित प्रार्थना पत्र, रज्जन लाल राशन कार्ड में यूनिट बढ़वाने से सम्बंधित प्रार्थना पत्र, मदन कुमार पुत्र श्यामलाल खातेदार के रूप में नाम दर्ज कराने के विषयक प्रार्थना पत्र सहित कुल 49 प्रार्थना पत्रो का निस्तारण मौके पर सुनिश्चित कराया गया।

 

उन्होंने बताया कि आज के सम्पूर्ण समाधान दिवसो में तहसील सदर में 36 में से 5 प्रकरण का निस्तारण प्रकरण, तहसील मलिहाबाद में 117 में से 4 प्रकरण का निस्तारण, तहसील बी0के0टी0 में 147 में से 49 प्रकरण का निस्तारण, तहसील मोहनलालगंज में 129 में से 28 प्रकरण का निस्तारण तथा तहसील सरोजनीनगर में 70 में से 1 प्रकरण का निस्तारण मौके पर किया गया। शेष प्रकरणों को समयबद्ध निस्तारण हेतु सम्बन्धित विभागों को उपलब्ध करा दिये गये। आज के सम्पूर्ण समाधान दिवस में पुलिस 68, राजस्व एवं पुलिस संयुक्त 9, राजस्व 254, विकास 54, शिक्षा 02, समाज कल्याण 16, चिकित्सा 06 तथा अन्य 90 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए है।

 

तहसील दिवस के पश्चात ज़िलाधिकारी द्वारा समस्त ज़िला स्तरीय अधिकारियों, कानूनगो और लेखपालो के साथ समीक्षा बैठक आहूत की गई। समाधान दिवस में ज़िलाधिकारी द्वारा बताया गया कि सभी अधिकारी नई राजस्व संहिता में दिए गए प्रावधानों के अनुसार कार्य करना सुनिश्चित करे। उन्होंने बताया कि जितनी भी शिकायतें प्राप्त हुए है उसमें से मुख्यतः राजस्व विभाग से सम्बंधित है। जिसके लिए ज़िलाधिकारी द्वारा लेखपालो और राजस्व निरीक्षकों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने को कहा। उन्होंने बताया कि राजस्व संहिता के प्रवधानों का गहनता से ज्ञान होना अत्यंत ही आवश्यक है। ज़िलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि वरासत से सम्बंधित प्रकरणों निस्तारण ससमय सुनिश्चित किया जाए।

 

ज़िलाधिकारी द्वारा कड़े निर्देश दिए गए कि पैमाईश के लिए उपजिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बिना कोई भी पैमाईश नही की जाएगी। साथ ही न्यायालय में वाद दाखिल होते ही फाइल न्यायालय से बाहर नही जानी चाहिए। न्यायालय के सभी प्रकरण न्यायालय से ही संचालित किए जाएंगे। ज़िलाधिकारी ने बताया कि पैमाईश के लिए प्रारम्भिक आदेश भी न्यायालय से जारी किए जाएंगे। सभी अधिकारी विधिक प्रक्रियाओ के अनुपालन करते हुए ससमय प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित कराएंगे। ज़िलाधिकारी द्वारा कड़े निर्देश दिए गए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करके शिकायतकर्ताओं को अवगत कराया जाए। जो प्रकरण मौके पर निस्तारित होने वाले है उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मौके पर सुनिश्चित कराया जाए और जिन प्रकरणों में फील्ड विजिट की आवश्यकता है उनका निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि गलत कार्य करने वालो और निस्तारण में शिथिलता बरतने वालो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

 

ज़िलाधिकारी ने बताया कि वरासत, नामांतरण व पैमाइश के प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने कहा कि पैमाईश से सम्बंधित जितने भी वाद आज के समाधान दिवस में आए है उन सब को आज ही दाखिल कराकर प्रारंभिक (preliminary) आदेश जारी किया जाए। जिसके बाद आपत्तियां प्राप्त की जाए। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अधिकतम 3 माह के भीतर पक्की पैमाइश करना सुनिश्चित किया जाए।

उक्त के पश्चात ज़िलाधिकारी द्वारा तहसील परिसर में पीपल के पौधे का रोपण किया गया।

इस अवसर पर एस0पी0 आर0ए0  हृदेश कुमार, सी0ओ0 बीकेटी नवीना शुक्ला, उप ज़िलाधिकारी बीकेटी गोविंद मौर्या, तहसीलदार बीकेटी, ज़िला विकास अधिकारी, पुलिस, समाज कल्याण सहित विभिन्न स्तरों के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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