उतर प्रदेश का दुर्भाग्य कि मरीज को नहीं मिली सहायता, दूसरे राज्य के विधायक ने किया सहयोग

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल इतना बुरा है कि उत्तराखंड के विधायक और समाजसेवी उमेश कुमार ने उत्तरा प्रदेश के गाजीपुर की बबली कुमारी जिसकी उम्र मात्र चौदह वर्ष है। बच्ची के पेट दो साल से तीन ट्यूमर है। जिसका मात्र एक ऑपरेशन ही विकल्प है।
लेकिन हाय ग़रीबी। ये बच्ची बबली कुमारी अब तिल तिल कर मृत्यु का इंतज़ार कर रही है, घर में सोए सोए। सरकारी अस्पताल में ऑपरेट कराने का खर्च तीस से पचास हज़ार रुपए के बीच बताया जा रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश में उसकी सुनने वाला शायद कोई नहीं है. क्योंकि उत्तरा प्रदेश के सभी मंत्री-विधायक सरकार के 100 दिन पूरे होने पर अपने कार्यों का गुणगान का ढोल बजाने और सम्मान पाने के लिए संघर्षशील है.
आपको बता दें कि बबली कुमारी ग़ाज़ीपुर के देवल गाँव की निवासी हैं। वही गाँव जहां भड़ास4मीडिया के सम्पादक शादी में शामिल होने गए थे। इसी दरमियान उन्हें बबली कुमारी के बारे में पता चला।
(माइलस्टोन- बबली कुमारी के घर पहुँचने के लिए देवल में विपुल सिंह नेता के घर पहुँचिए जहां पड़ोस में ही बबली का घर है)
यशवंत सिंह लगातार लोगों की मदद के लिए आगे रहते हैं.
उन्होंने अपनी फेसबुक पर एक पोस्ट किया जो यह है
इसी के चलते चंदा अभियान चलाना चाहता। फ़िलहाल ये जानना चाहता हूँ कि क्या आपके संज्ञान में कोई सरकार/ अधिकारी / नेता / अस्पताल / डाक्टर / व्यवसायी ऐसा है जो ऐसे मामलों के सामने आने पर अपनी सोशल रेसपोंसिबिलिटी के तहत फ़ौरन पहल कर इलाज करा दे?
उन्होंने ग़ाज़ीपुर के मीडिया के साथियों से अनुरोध है कि इस मामले को डीएम- सीएमओ के संज्ञान में लाएँ।
लड़की के पेट का ट्यूमर जल्द न निकाला गया तो उसकी मौत भी हो सकती है। ट्यूमर व अन्य डिटेल के काग़ज़ात के साथ पोस्ट किया। देखें और मदद करें-कराएँ।
बताया जा रहा है कि लड़की को कैंसर भी है। ये ऑपरेशन बीएचयू या पीजीआई में ही सम्भव है।
(Update लड़की की माँ का अकाउंट नम्बर मँगवाया जिसे उन्होंने फेसबुक पर अटैच कर दिया गया। खानपुर हरिद्वार के जनप्रिय विधायक Umesh Kumar ने लड़की के इलाज हेतु तीस हज़ार की मदद मेरे अकाउंट में भेज दिया है, जिसे बच्ची की माँ के अकाउंट में ट्रान्सफ़र कर रहा हूँ).
अब सोचने वाली बात है कि उत्तरा प्रदेश के मंत्री – विधायक कहाँ सो रहे है जोकि बड़े बड़े वादे दावे करते थकते नहीं है. शर्म की बात है कि उत्तरा प्रदेश में जनप्रतिनिधि / विधायक भ्रमण करने में व्यस्त है और दूसरे राज्य के प्रतिनिधि और विधायक आर्थिक मदद कर रहे हैं.
खास बात है कि उत्तर प्रदेश में हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने निरीक्षण के दौरान करोड़ों की एक्सपायर्ड दवा पायी थी. सच तो यही है कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है जिसके चलते जाँच ठन्डे बस्तों में चली जाती है और आम जनता उसका शिकार होती है.










