UPCM योगी बोले इज़राइल और भारत ने पिछले तीन दशकों में नई ऊंचाइयों को छुआ

लखनऊ (25 जुलाई, 2019)। UPCM योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में इज़राइल के राजदूत डाॅ. राॅन मलका से भेंट की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि, जल संरक्षण एवं रीचार्जिंग, पेयजल आपूर्ति, वाॅटर रीसाइकिलिंग, सिंचाई, पुलिस आधुनिकीकरण, खाद्य प्रसंस्करण इत्यादि क्षेत्रों में इज़राइली अनुभव और तकनीक के इस्तेमाल से काफी लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इज़राइली तकनीक का इस्तेमाल करते हुए जल आपूर्ति के पायलेट प्रोजेक्ट चलाए जाएं। उन्होंने पुलिस आधुनिकीकरण में इज़राइली तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अत्याधुनिक कण्ट्रोल रूम और कमाण्ड सिस्टम स्थापित करने पर भी बल दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत व इज़राइल के सम्बन्ध बहुत पुराने हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य इज़राइल के साथ अपने सम्बन्ध में और मजबूत करना चाहता है, जिससे भारत और इज़राइल के सम्बन्धों में और प्रगाढ़ता आएगी। उन्होंने कहा कि इज़राइल और भारत ने पिछले तीन दशकों में नई ऊंचाइयों को छुआ है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू द्वारा एक-दूसरे के देशों की यात्रा से इन सम्बन्धों में और सुदृढ़ता आयी है। मुख्यमंत्री ने इज़राइल के राजदूत को कृषि प्रबन्धन, कृषि विपणन, औद्यानिकीकरण, डिफेंस काॅरिडोर, सिंचाई एवं फसल प्रबन्धन, भूगर्भ जल, कौशल विकास, डेयरी, अवस्थापना विकास, अंतर्देशीय जल मार्ग, एक्सप्रेस-वेज़ निर्माण में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। इन क्षेत्रों में इज़राइल की तकनीक और उनके अनुभव से काफी लाभ उठाया जा सकता है। इनमें भारत और इज़राइल के कोलेबोरेशन से उत्तर प्रदेश बड़े पैमाने पर लाभान्वित हो सकता है।
इस अवसर पर इज़राइल के राजदूत ने कहा कि भारत इज़राइल का सामरिक (स्ट्रैटिजिक) भागीदार है। उनका देश भारत की हर सम्भव सहायता करेगा। इज़राइल उत्तर प्रदेश में एक ‘फ्लैगशिप प्रोग्राम’ स्थापित करना चाहता है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनका देश तत्पर है। इज़राइल भारत के साथ सभी प्रकार की तकनीकियों और अनुभवों को साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए जल संरक्षण तथा भूगर्भ जल रीचार्जिंग के सम्बन्ध में काॅम्प्रीहेन्सिव फीज़िबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां और जल स्रोतों की स्थिति इज़राइल से काफी मिलती-जुलती है। ऐसे में इज़राइल बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल की उपलब्धता बढ़ाने, भूगर्भ जल की रीचार्जिंग तथा अन्य जल स्रोतों के रख-रखाव के क्षेत्र में काफी मदद कर सकता है। इज़राइल के राजदूत ने कहा कि उनका देश उपलब्ध जल का 94 प्रतिशत रीसाइकिलिंग इत्यादि से इस्तेमाल में लाता है, अर्थात वहां पर जल की बर्बादी लगभग न के बराबर है। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ सभी प्रकार की तकनोलाॅजी शेयर करने के निर्देश दिए हैं। इज़राइल भारत के साथ डिफेंस सेक्टर में इन्नोवेटिव तकनीकी साझा कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी क्षेत्रों के लिए कटिंग एज तकनीकी उपलब्ध है। इज़राइल भारत के किसानों की आय दोगुनी करने में हर सम्भव मदद करेगा। उन्होंने सितम्बर, 2019 में तेल अवीव में होने वाली डिफेंस काॅन्फ्रेन्स और नवम्बर, 2019 में इज़राइल में जल संरक्षण पर आयोजित होने वाली काॅन्फ्रेन्स में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया। UPCM योगी ने इज़राइल के राजदूत का धन्यवाद देते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश के डिफेंस काॅरिडोर, जेवर हवाई अड्डे, डेयरी, अवस्थापना विकास इत्यादि सेक्टरों में सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इज़राइल के राजदूत के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए इज़राइल पहुंचने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास राजेश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव लघु सिंचाई और भूगर्भ जल अनीता सिंह, प्रमुख सचिव उद्यान सुधीर गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युन्जय कुमार नारायण, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत व इज़राइल के सम्बन्ध बहुत पुराने हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य इज़राइल के साथ अपने सम्बन्ध में और मजबूत करना चाहता है, जिससे भारत और इज़राइल के सम्बन्धों में और प्रगाढ़ता आएगी। उन्होंने कहा कि इज़राइल और भारत ने पिछले तीन दशकों में नई ऊंचाइयों को छुआ है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू द्वारा एक-दूसरे के देशों की यात्रा से इन सम्बन्धों में और सुदृढ़ता आयी है।
मुख्यमंत्री ने इज़राइल के राजदूत को कृषि प्रबन्धन, कृषि विपणन, औद्यानिकीकरण, डिफेंस काॅरिडोर, सिंचाई एवं फसल प्रबन्धन, भूगर्भ जल, कौशल विकास, डेयरी, अवस्थापना विकास, अंतर्देशीय जल मार्ग, एक्सप्रेस-वेज़ निर्माण में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। इन क्षेत्रों में इज़राइल की तकनीक और उनके अनुभव से काफी लाभ उठाया जा सकता है। इनमें भारत और इज़राइल के कोलेबोरेशन से उत्तर प्रदेश बड़े पैमाने पर लाभान्वित हो सकता है।
इस अवसर पर इज़राइल के राजदूत ने कहा कि भारत इज़राइल का सामरिक (स्ट्रैटिजिक) भागीदार है। उनका देश भारत की हर सम्भव सहायता करेगा। इज़राइल उत्तर प्रदेश में एक ‘फ्लैगशिप प्रोग्राम’ स्थापित करना चाहता है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनका देश तत्पर है। इज़राइल भारत के साथ सभी प्रकार की तकनीकियों और अनुभवों को साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए जल संरक्षण तथा भूगर्भ जल रीचार्जिंग के सम्बन्ध में काॅम्प्रीहेन्सिव फीज़िबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां और जल स्रोतों की स्थिति इज़राइल से काफी मिलती-जुलती है। ऐसे में इज़राइल बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल की उपलब्धता बढ़ाने, भूगर्भ जल की रीचार्जिंग तथा अन्य जल स्रोतों के रख-रखाव के क्षेत्र में काफी मदद कर सकता है।
इज़राइल के राजदूत ने कहा कि उनका देश उपलब्ध जल का 94 प्रतिशत रीसाइकिलिंग इत्यादि से इस्तेमाल में लाता है, अर्थात वहां पर जल की बर्बादी लगभग न के बराबर है। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ सभी प्रकार की तकनोलाॅजी शेयर करने के निर्देश दिए हैं। इज़राइल भारत के साथ डिफेंस सेक्टर में इन्नोवेटिव तकनीकी साझा कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी क्षेत्रों के लिए कटिंग एज तकनीकी उपलब्ध है। इज़राइल भारत के किसानों की आय दोगुनी करने में हर सम्भव मदद करेगा। उन्होंने सितम्बर, 2019 में तेल अवीव में होने वाली डिफेंस काॅन्फ्रेन्स और नवम्बर, 2019 में इज़राइल में जल संरक्षण पर आयोजित होने वाली काॅन्फ्रेन्स में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया।
UPCM योगी ने इज़राइल के राजदूत का धन्यवाद देते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश के डिफेंस काॅरिडोर, जेवर हवाई अड्डे, डेयरी, अवस्थापना विकास इत्यादि सेक्टरों में सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इज़राइल के राजदूत के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए इज़राइल पहुंचने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास राजेश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव लघु सिंचाई और भूगर्भ जल अनीता सिंह, प्रमुख सचिव उद्यान सुधीर गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युन्जय कुमार नारायण, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







